Hindi Online Test Privacy Policy | About Us | Contact

नया हरियाणा

मंगलवार, 18 जून 2019

पहला पन्‍ना English सर्वे लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

2013-14 के घाटे वाले सार्वजनिक उपक्रमों में 9 से कम होकर वर्ष 2017-18 में 4 रह गई-कैप्टन अभिमन्यु

कौटिल्य के अर्थशास्त्र के उद्धरण से प्रारम्भ करना चाहता हूँ.

हरियाणा विधानसभा, बजट सत्र २०१९, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, बजट में क्या है खास, लोकहिताकारी बजट, सबका साथ सबका विकास, जनकल्याणकारी बजट, Haryana Assembly, Budget Session 2019, Finance Minister Capt. Abhimanyu, what is special in budget, philanthropic budget, everyone's development, public welfare budget, naya haryana, नया हरियाणा

25 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

मुझे यह बताते हुए बड़ा गर्व हो रहा है कि वर्ष 2014-15 से, स्थिर मूल्यों पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 34 प्रतिषत से अधिक की वृद्धि अनुमानित है। वर्ष 2017-18 में स्थिर मूल्यों पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,57,649 रुपये अनुमानित थी, जोकि वर्श 2018-19 में 91,921 रुपये के अखिल भारतीय आंकड़े की तुलना में बढ़कर 1,68,209 रुपये होने की सम्भावना है. 2016-17 में राजस्व घाटा, जोकि जीएसडीपी का 2.92 प्रतिशत था, वर्ष 2019-20 के लिए जीएसडीपी का 1.53 प्रतिशत अनुमानित है। बजट अनुमान 2018-19 के 30,011.76 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की तुलना में, हम इसे संषोधित अनुमान 2018-19 में 35,040.59 करोड़ रुपये तक बढ़ाने में सक्षम हुए हैं। बजट अनुमान 2019-20 में यह और बढ़कर 37,924.09 करोड़ रुपये होने की सम्भावना है। कुल व्यय के अनुपात में, पूंजीगत व्यय 2017-18 के 22.50 प्रतिशत से बढ़कर संशोधित अनुमान 2018-19 में 29.11 प्रतिशत हो गया। बजट अनुमान 2019-20 में यह कुल बजट का 28.69 प्रतिषत बढ़ने की सम्भावना है।

वर्ष 2017-18 में, कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत पंजीकृत 22 सार्वजनिक उपक्रमों में से 18 उपक्रमों ने षुद्ध लाभ अर्जित किया, जबकि वर्श 2013-14 में 13 सार्वजनिक उपक्रम षुद्ध लाभ की स्थिति में थे। वर्ष 2017-18 में इन 18 उपक्रमों द्वारा अर्जित लाभ 1116.16 करोड़ रुपये था। घाटे में रहने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की संख्या वर्ष 2013-14 के 9 से कम होकर वर्ष 2017-18 में 4 रह गई।  राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का सकल घाटा वर्ष 2017-18 में कम होकर 19.89 करोड़ रुपये रह गया।

इसी प्रकार, सहकारी समितियां अधिनियम, 1984 के तहत पंजीकृत 19 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने भी सुधार के लक्षण दर्षाए हैं। लाभ कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की संख्या 2013-14 में पांच से बढ़कर 2017-18 में सात हो गई और इसी अवधि के दौरान उनका लाभ 72.91 करोड़ रुपये से बढ़कर 132.20 करोड़ रुपये हो गया।

राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने उपहार में की गई घोषाणा की भावना के अनुसरण में पांच एकड़ तक की भूमि के काश्तकार किसान परिवारों और असंगठित क्षेत्र में लगे श्रमिकों के परिवारों, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम है, को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए नई स्कीमें घोशित करते हुए मुझे बड़ा गर्व हो रहा है। किसानों के मामले में यह भारत सरकार द्वारा घोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) स्कीम के अलावा होगी। माननीय अध्यक्ष महोदय इस बजट में इन स्कीमों के लिए 1500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

हरियाणा सरकार ने, पहली बार कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत सरकारी कर्मचारियों को कई लाभ प्रदान करने के उद्देष्य से बैंकों के साथ बातचीत करके एक अनूठी पहल की है। इस योजना के तहत, कर्मचारियों की प्राकृतिक मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये देना, 50,000 रुपये की चिकित्सा सुविधा और 30 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा जैसे कई लाभ प्रदान करने के लिए चार बैंकों-एसबीआई, एचडीएफसी, पीएनबी और हरको बैंक को चुना गया है। 
फण्ड्स की पार्किंग

2019-20 के लिए, 1,32,165.99 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव, जोकि बजट अनुमान 2018-19 के 1,15,198.29 करोड़ रुपये के परिव्यय पर 14.73 प्रतिशत और संशोधित अनुमान 2018-19 के 1,20,375.40 करोड़ रुपये से 9.79 प्रतिशत अधिक है। इस बजट परिव्यय में 37,924.09 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के रूप में 28.7 प्रतिशत और 94,241.90 करोड़ रुपये के राजस्व व्यय के रूप में 71.3 प्रतिशत परिव्यय शामिल है.


बाकी समाचार