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नया हरियाणा

बुधवार, 24 अप्रैल 2019

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पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और रणदीप सुरजेवाला ने नहीं पूछा विधानसभा में एक भी सवाल!

जनता के दरबार से कांग्रेस गायब होती जा रही है।

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20 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

नवंबर 2014 से लेकर जुलाई 2018 तक हरियाणा विधानसभा के 11 सत्र में 33 सीटिंग हुई। इन सत्रों में सभी पार्टियों के विधायकों ने 1518 सवाल सरकार से पूछे। इसमें इनेलो ने  858, भाजपा ने 332 और कांग्रेस ने सबसे कम 328 प्रश्न किए। अगर विधायकों की बात करें तो इसमें 15 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र या किसी अन्य मुद्दे को लेकर एक भी  सवाल उठाने की जहमत नहीं उठाई। 14 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने अपने चार साल के कार्यकाल में 5 या इससे कम ही सवाल पूछे। इसके अलावा भाजपा के तीन  विधायक ऐसे भी हैं, जिन्होंने केवल एक ही सवाल विधानसभा में नहीं उठाया है। वर्तमान सरकार पर सवालों की बौछार करके परेशान करने वालों में जुलाना के विधायक परमेंद्र सिंह ढुल सबसे आगे हैं। उन्होंने इस दौरान हुए विधानसभा सत्रों में सबसे अधिक 109 सवाल किए। वहीं कांग्रेस के कर्ण सिंह दलाल 105 सवाल पूछकर दूसरे स्थान पर हैं। अगर पार्टी की बात करें तो जुलाई 2018 तक सरकार से पूछे गए 1518 सवालों में से इनेलो 858 सवाल पूछ कर पहले नंबर पर रही। यह खुलासा पंचकूला के अधिवक्ता संदीप मलिक द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है।

पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और रणदीप सुरजेवाला ने नहीं पूछा एक भी सवाल

कांग्रेस के दो दिग्गज नेता जिनके भरोसे पर हरियाणा कांग्रेस सत्ता में आने के सपने देखती है, उन दो दिग्गज नेताओं ने सदन में जनता के हितों से जुड़ा एक भी सवाल उठाने की जहमत नहीं उठाई। ऐसे में किस तरह कांग्रेस ये उम्मीद लगाए हुए है कि वो सत्ता में लौट आएगी। केवल पार्टी हाईकमान में हाजरी मारने से सत्ता कभी नहीं आती। जनता के दरबार से कांग्रेस दिन प्रतिदिन नदारद होती जा रही है। जिसकी झलक जींद की जनता से रणदीप सुरजेवाला समेत पूरी कांग्रेस को दिखाई है। हुड्डा के दो चहेते विधायक भी उनकी राह पर चलते हुए एक सवाल पूछने की जहमत नहीं उठा सके। आनंद सिंह दांगी और रघुवीर कादयान ने भी सदन में एक सवाल भी नहीं पूछा।

 


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