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नया हरियाणा

गुरूवार, 17 अक्टूबर 2019

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मंत्री अनिल विज ने की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

हकीकत यह है कि भाजपा शाषित कई राज्यों में गौ मांस भी प्रतिबंधित नहीं कर पाई है. दूसरी तरफ हरियाणा के मंत्री अनिल विज गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं. 

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20 फ़रवरी 2018



नया हरियाणा

हरियाणा के केबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा है कि बंगाल टाइगर की तर्ज पर गाय को  राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। इसके बाद अलग अलग प्रदेशों को कोई कानून बनाने की आवश्यकता नहीं है।  विज ने कहा कि राष्ट्रीय पशु के लिए पहले से ही कानून बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित होने के बाद निःसंदेह उनकी सुरक्षा स्वयं हो जाएगी और जो रोजाना गौ हत्यायों और बीफ खाने के मामले आते हैं उन पर अपने आप रोक लग जाएगी तथा गौ हत्याएं कम होंगी।  क्योंकि राष्ट्रिय पशु को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा सकता। इसीलिए वे सदा गाय को  राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हैं।
भारत के 29 में से 10 राज्य ऐसे हैं जहां गाय, बछड़ा, बैल, सांड और भैंस को काटने और उनका गोश्त खाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है. बाक़ि 18 राज्यों में गो-हत्या पर पूरी या आंशिक रोक है. भारत की 80 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी हिंदू है जिनमें ज़्यादातर लोग गाय को पूजते हैं. लेकिन ये भी सच है कि दुनियाभर में ‘बीफ़’ का सबसे ज़्यादा निर्यात करनेवाले देशों में से एक भारत है.

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पूरा प्रतिबंध
गो-हत्या पर पूरे प्रतिबंध के मायने हैं कि गाय, बछड़ा, बैल और सांड की हत्या पर रोक.
ये रोक 11 राज्यों – भारत प्रशासित कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महराष्ट्र, छत्तीसगढ़, और दो केन्द्र प्रशासित राज्यों - दिल्ली, चंडीगढ़ में लागू है.
गो-हत्या क़ानून के उल्लंघन पर सबसे कड़ी सज़ा भी इन्हीं राज्यों में तय की गई है. हरियाणा में सबसे ज़्यादा एक लाख रुपए का जुर्माना और 10 साल की जेल की सज़ा का प्रावधान है.वहीं महाराष्ट्र में गो-हत्या पर 10,000 रुपए का जुर्माना और पांच साल की जेल की सज़ा है. हालांकि छत्तीसगढ़ के अलावा इन सभी राज्यों में भैंस के काटे जाने पर कोई रोक नहीं है.
आंशिक प्रतिबंध आठ राज्यों – बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा और चार केंद्र शासित राज्यों – दमन और दीव, दादर और नागर हवेली, पांडिचेरी, अंडमान ओर निकोबार द्वीप समूह में लागू है.
कोई प्रतिबंध नहीं
दस राज्यों - केरल, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और एक केंद्र शासित राज्य लक्षद्वीप में गो-हत्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

हकीकत यह है कि भाजपा शाषित कई राज्यों में गौ मांस भी प्रतिबंधित नहीं कर पाई है. दूसरी तरफ हरियाणा के मंत्री अनिल विज गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं. 


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