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नया हरियाणा

सोमवार , 22 अप्रैल 2019

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नए दलों के चुनावी गठबंधन से भाजपा को मिल सकता है फायदा

चुनावी साल में हरियाणा में गठबंधन की राजनीति तेजी से सिरे चढ़ रही है.

New parties' electoral alliance, BJP can get advantage, naya haryana, नया हरियाणा

12 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

चुनावी साल में हरियाणा में गठबंधन की राजनीति तेजी से सिरे चढ़ रही है. जींद उपचुनाव आम आदमी पार्टी और जेजेपी ने साथ मिलकर लड़ा था.  जबकि इनेलो-बसपा ने साथ मिलकर उपचुनाव लड़ा जिसमें इनेलो की करारी हार के बाद बसपा ने हाथी को छोड़कर ऑटो की सवारी कर ली.अब आप व जेजेपी लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी मिलकर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. जींद उपचुनाव के बाद भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी बसपा का साथ मिलने से गठबंधन की राजनीति में थोड़ी मजबूत हुई है. वैसे भी सैनी जींद उपचुनाव में अकेले चुनाव लड़कर अपनी पार्टी के प्रत्याशी को 10000 से ज्यादा वोट दिलवाकर अपनी पकड़ दिखा चुके हैं. पिछड़ा व दलित का नया गठबंधन होने के बाद सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा कांग्रेस और इनेलो अपनी-अपनी रणनीति की समीक्षा करने पर मजबूर हुए हैं. नए गठबंधन के साथ विनोद शर्मा की हजपा भी शामिल हो सकती है. विनोद शर्मा और राजकुमार सैनी की दिल्ली में मुलाकातों के चर्चे जोर शोर से चल रहे हैं. ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी और मायावती के साथ गठबंधन कर सकती है. जिससे प्रदेश में चतुष्कोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं. 

सत्ता विरोधी लहर होने पर वोट मुख्य विपक्षी दलों कांग्रेस और इनेलो की बजाय जेजेपी-आप या फिर लोसुपा-बसपा और संभावित हजपा गठबंधन को जाएगा. जिससे पार्टी का थिंकटैंक उत्साहित है. भाजपा की नजर अब पहले अपने वोट बैंक को पक्का करने के साथ ही ग्रामीण और शहरी मतदाताओं में और सेंध लगाने की है, जिसमें वह जुट भी गई है. कांग्रेस अभी प्रदेश में नेतृत्व के परिवर्तन की लड़ाई में उलझी हुई है. तो इनेलो में नए सिरे से जान फूंकने के लिए ओपी चौटाला खुद मैदान में उतर आए हैं. लोकसभा के चुनाव प्रचार में भी विपक्षी दल पिछड़े हुए नजर आ रहे हैं. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस में अंतःकलह कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है. हुड्डा खेमे के कुछ विधायकों ने अशोक तंवर के बदले जाने को लेकर गुलाब नबी आजाद से मुलाकात भी की.


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