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नया हरियाणा

सोमवार , 19 अगस्त 2019

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हिसार लोकसभा से दुष्यंत चौटाला चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इसका फैसला करेगी पार्टी

दुष्यंत चौटाला के बयानों से साफ लग रहा है कि वो आने वाले लोकसभा चुनाव में सांसद का चुनाव शायद ना भी लड़े.

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12 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

जननायक जनता पार्टी के नेता सांसद दुष्यंत चौटाला उकलाना गांव में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। इससे पहले वे गांव भेरी अकबरपुर में गए और एक ही परिवार के चार सदस्यों की जलने से मौत होने पर शोक जताया। उकलाना गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर कई ग्रामीणों ने दूसरी पार्टियां छोड़कर जननायक जनता पार्टी का दामन थामा। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जेजेपी में उनका पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा और प्रदेश के हर कोने से लोग जेजेपी को पूरा समर्थन दे रहे हैं। जींद में जेजेपी ने 38 हजार वोट हासिल किए हैं और अब आने वाले चुनावों में इसे 38 लाख वोटों में बदला जाएगा ताकि जेजेपी की सरकार बन सके। हर कार्यकर्ता खुद को दुष्यंत समझकर पार्टी के लिए कार्य करे। उनकी पार्टी एक वोट एक नोट अभियान चलाएगी और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ेंगे। 

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में जनता की जनभावना जेजेपी के साथ हैं और यही जनभावना अब एक परिवर्तन लेकर आएगी। आगामी लोकसभा चुनाव हिसार से लडऩे को लेकर कहा कि हिसार मेरी कर्मभूमि है और हिसार से चुनाव लडऩा उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। अंतिम फैसला पार्टी को करना है। जेजेपी का चुनाव चिंह फरवरी के अंतिम तक मिलने की उम्मीद है। नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला द्वारा अजय चौटाला पर टिकट बेचने व हिसार लोकसभा चुनावों में सांठ गांठ करने के आरोप कहा कि अगर अभय चौटाला ने इसके सबूत पेश नहीं किए तो हम कानून का दरवाजा खटखटाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला द्वारा इनेलो का भाजपा से गठबंधन करने के संकेत देने पर कहा कि जो लोग अब तक भाजपा से लड़ते आए हैं अगर वो अब भाजपा से हाथ मिलाएंगे तो हरियाणा की जनता उन्हें करारा जवाब देगी। दादा से मुलाकात करने के बारे में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वह अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला से राजनीतिक मुलाकात नहीं करेंगे।

दुष्यंत चौटाला के बयानों से साफ लग रहा है कि वो आने वाले लोकसभा चुनाव में सांसद का चुनाव शायद ना भी लड़े, क्योंकि हरियाणा में जेजेपी कार्यकर्ता उन्हें सीएम के तौर पर देख रहे हैं और इनेलो से अलग होने का बड़ा कारण सीएम पद को भी बताया जाता है. ऐसे में संभावनाएं यही लग रही हैं कि पार्टी वर्करों एंव पार्टी के नाम पर वो सांसद का चुनाव खुद लड़ने के बजाय अपने परिवार के सदस्य बहुत अधिक संभावना है कि अपनी माता नैना चौटाला को लोकसभा चुनाव में उतार दें. फिलहाल ये अनुमान ही है. भविष्य में जेजेपी और दुष्यंत क्या निर्णय लेंगे, ये तो वो ही बेहतर बता सकते हैं.


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