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नया हरियाणा

सोमवार , 8 मार्च 2021

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जनता की पाई-पाई वापस करनी होगी मायावती को

मायावती पर गिरी गाज, सुप्रीम कोर्ट का आदेश- मूर्तियों पर खर्च किया पैसा लौटाना होगा

The Supreme Court said, the public's pie-pie will have to be returned, Mayawati, naya haryana, नया हरियाणा

8 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

सुप्रीम कोर्ट ने मायावती को तगड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती ने लखनऊ और नोएडा में अपनी तथा बसपा के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां बनवाने पर जो भी जितना भी पैसा खर्च किया है वो सारा उन्हें लौटाना होगा। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने लगभग दस साल पहले दायर की गई याचिका पर यह आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई दो अप्रैल को होगी। याचिका पर दोनों पक्षों के तर्क-वितर्क सुनने के बाद सर्वोच्च अदालत ने कहा,सार्वजनिक धन का प्रयोग अपनी मूर्तियां बनवाने और राजनीतिक दल का प्रचार करने के लिए नहीं किया जा सकता।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, ‘‘हमारे संभावित विचार में मायावती को अपनी और चुनाव चिह्न की मूर्तियां बनवाने पर खर्च हुआ सार्वजनिक धन सरकारी खजाने में वापस जमा करना होगा।’’

गौरतलब है कि बहुजन पार्टी की मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहते हुएकई शहरों में हाथी और अपनी कई मूर्तियां लगवाई थीं। बीएसपी प्रमुख ने कई पार्क और स्मारक भी ऐसे बनवाए थे जिसमें उनकी और हाथी की मूर्तियां थीं। इनके साथ कांशीराम और अंबेडकर की भी कई मूर्तियां लगायी गयी थीं। ध्यान रहे, 2007 से 2011 के बीच उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ और नोएडा में दो विशाल पार्क बनवाए थे। इन पार्कों में मायावती ने भीमराव अंबेडकर, बसपा के संस्थापक कांशीराम और पार्टी के चिह्न हाथी और अपनी कई प्रतिमाएं स्थापित करवाई थीं।इन पार्कों और मूर्तियां लगवाने पर सरकार ने चौदह सौ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किये थे। हाथी की पत्थर की 30 मूर्तियां और कांसे की 22 प्रतिमाएं लगवाई गईं थीं। प्रवर्तन निदेशालय ने इस पर सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ रुपए का नुकसान होने का मामला दर्ज किया था।


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