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नया हरियाणा

शनिवार, 17 अगस्त 2019

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भाजपा का रुख साफ है कि मंदिर वहीं बने, भव्य बने, जल्दीे बने

कांग्रेस राम मंदिर मामले में अडंगा लाने में मस्त है।

BJP's attitude was clear, the temple was the same, became grand, soon became, naya haryana, नया हरियाणा

30 जनवरी 2019



नया हरियाणा

केंद्र सरकार ने अयोध्या की विवादित भूमि पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में हो रही देरी तथा हिंदू संगठनों के दबाव और इसी साल होने वाले आम चुनाव को देखते हुए नया दांव खेला है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर कहा है कि 1993 में अधिग्रहित 67.703 एकड़ भूमि में से 0.313 एकड़ भूमि ही विवादित है. बाकी 67 एकड़ जमीन मूल भूस्वामियों को वापस करने की इजाजत दी जाए. अधिग्रहण पूरी जमीन का संरक्षक केंद्र ही है. आवेदन में केंद्र ने मो असलम उर्फ भूरे मामले में 31 मार्च, 2003 में दिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बदलाव करने को कहा है. तब सुप्रीम कोर्ट ने अधिग्रहित जमीन पर यथास्थिति का आदेश दिया था. सरकार ने भूरे मामले के फैसले में बदलाव के लिए 1994 में इस्माइल फारूकी मामले के फैसले का हवाला दिया है. सरकार के अनुसार फैसले में कहा गया था कि केंद्र सरकार चाहे तो अतिरिक्त अधिग्रहित जमीन मूल भूस्वामियों को लौटा सकती है. केंद्र ने कहा है कि अधिग्रहित अधिकांश जमीन का असली मालिक राम जन्मभूमि न्यास है.


केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा सरकार का यह फैसला संवैधानिक है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि अदालत की संवैधानिक बेंच ने यह कहा था कि सरकार को निर्णय करना है कि जो बाकी जमीन है उसका क्या किया जाए. इसीलिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यथास्थिति के आदेश को बदलने का अनुरोध किया है. जावेडकर ने साफ किया कि सरकार चाहती है कि विवादित 0.313 एकड़ भूमि पर यथास्थिति बनी रहे. उसका कानूनी कामकाज और कोर्ट केस पहले की तरह चलता रहे. इसके अलावा भूमि के जिस हिस्से पर कोई विवाद नहीं है सरकार उसे ही मूल मालिकों को वापस देना चाहती है. सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद राम मंदिर बनवाने की दिशा में राम जन्मभूमि न्यास आगे बढ़ सकता है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस राम मंदिर निर्माण में बाधा डालती रही है. राम जन्मभूमि न्यास ने 2003 में भूमि लौटाने की अपील की थी. लेकिन 10 साल सत्ता में रही कांग्रेस ने कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि भाजपा का रुख साफ है कि मंदिर वहीं बने, भव्य बने, जल्दीे बने.


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