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नया हरियाणा

रविवार, 16 जून 2019

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यमुनानगर के दर्शन लाल जैन को पद्म भूषण दिए जाने की घोषणा से जिले में ख़ुशी की लहर

यमुनानगर ही नहीं प्रदेश भर में उन्हें समाजिक कार्यो के लिए जाना जाता है।

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26 जनवरी 2019



नया हरियाणा

गणतन्त्र दिवस पर दिए जाने वाले पद्मभूषण की सूचि में हरियाणा के यमुनानगर निवासी दर्शन लाल जैन के नाम की घोषणा से प्रदेश भर खासकर यमुनानगर जिले में ख़ुशी की लहर है। 

यमुनानगर ही नहीं प्रदेश भर में उन्हें समाजिक कार्यो के लिए जाना जाता है । श्री जैन आर एस एस के प्रदेश कार्यवाह भी रह चुके है और उम्र के इस पढाव में भी समाजिक कार्यो में बढ़ चढ़ कर  भाग लेते है। लोगों का कहना है कि भगीरथ ने गंगा को स्वर्ग से धरती पर लाने के लिए कठोर तप किया था। उसी की तर्ज पर सरस्वती शोध संस्थान के दर्शनलाल जैन ने सरस्वती नदी को पुनर्जन्म दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। विलुप्त नदी को पुनर्जीवित करने में उनका योगदान अतुलनीय है।

यमुना टाइम्स से बातचीत में यमुनानगर के विधायक घनश्याम अरोड़ा ,मेयर मदन चौहान ,समाजसेवी राम निवास गर्ग ,रोचक गर्ग ,विधु रावल ,सेवा राम ,नितिन कपूर,शादीपुर के अश्वनी शर्मा,समाजसेवी विजय मानिकटाहला ,डॉक्टर हर्ष शर्मा ,गिरीश पूरी आदि ने बताया कि दर्शनलाल जैन वैसे तो सरस्वती पर 40 वर्षों से काम करते रहे हैं, लेकिन 1999 में उन्होंने सरस्वती शोध संस्थान की आधारशिला रख सरस्वती की धारा को धरती पर लाना जीवन का लक्ष्य बना लिया। ये उनकी ही मेहनत और विचारधारा का नतीजा है कि सरस्वती की खोदाई शुरू हुई और नदी को धरती पर लाया गया।नदी के पुनरुत्थान संबंधी परियोजना को शुरू करने में दक्षिण भारत के विद्वान रतनाकर ने गहरी दिलचस्पी दिखाई थी। कुछ लोगों ने इसे पौराणिक कल्पना माना, परंतु डॉ. रतनाकर और बाद में दर्शनलाल जैन के प्रयास और वैज्ञानिक शोध से यह सिद्ध हो गया कि सरस्वती धरती के नीचे बह रही है। उस समय अज्ञात कारणों से परियोजना को शुरू नहीं किया जा सका। बाद में दर्शनलाल ने नदी को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया।

विधायक घनश्याम कहते है कि दर्शनलाल जी ने कभी नहीं माना कि सरस्वती विलुप्त है। कुछ जगह इसका पानी भले ही न दिखाई देता हो, लेकिन मुस्तफाबाद क्षेत्र में तो स्पष्ट देखने को मिलता है। सरस्वती पुनरुत्थान की जो परियोजना शुरू की गई है उसमें सभी का सहयोग मिला। दृढ़ निश्चय के साथ वह अपने कार्य में जुटे रहे और उन्होंने कभी हार नहीं मानी और एक दिन उनके प्रयास रंग लाये इसके अलावा श्री जैन के समाजिक कार्यो को भुलाया नहीं जा सकता ।

सौजन्य- यमुना टाईम्स


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