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नया हरियाणा

गुरूवार, 3 दिसंबर 2020

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सामाजिक तनाव दूर करने में जाट आंदोलन के कई नेताओं ने सरकार के साथ सहयोग किया : बीरेंद्र सिंह

उन्होंने कहा कि जींद उपचुनाव में मतगणना में अगर 14 राउंड होंगे तो हम केवल 2 राउंड में पिछड़ सकते बाकी सभी राउंड में बीजेपी बड़े बहुमत से आगे रहेगी।

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24 जनवरी 2019



नया हरियाणा

केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने जींद में मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि चुनाव प्रचार अब चरम सीमा से भी आगे है। 25 तारीख को हमारी एक चुनावी रैली भी है। चुनाव परिणाम मतदान के पहले के 72 घण्टो से में तय होता है वो आज शुरू हुआ है।  हरियाणा की राजनीति को नई दिशा देने वाला जींद उपचुनाव होगा। ये कोई केवल फाइनल सेमी फाइनल चुनाव नही है। हरियाणा में 2 साल पहले (2016 फरवरी में जाट आंदोलन) छतीस बिरादरी की सभ्यता पर राजनीतिक तौर पर हमला था। जिसमें राजनेताओं और राजनीतिक दलों का स्वार्थ सामने आया था। जो घटना हुई थी लेकिन सरकार ने उसको सूझबूझ के साथ निपटाया और जो आंदोलन के कई नेताओं (यशपाल मलिक आदि) ने भी सरकार के साथ सहयोग किया। जो लोग अब बदलने की बात करते वो बताएं उन्होंने कभी सामाजिक ताने-बाने के लिए कुछ किया था। क्यों वे केवल निजी स्वार्थों पर टिके रहें हैं?
बीरेंद्र सिंह ने कहा गरीब सवर्णों को दस फ़ीसदी आरक्षण पीएम मोदी ने दिया है। ये ऐतिहासिक फैसला किया गया। मतदाताओं से अपील है बीजेपी को वोट दें, इससे भाईचारे की सोच मजबूत होगी। चुनाव मैदान में कोई 135 साल की पार्टी की बात कर रहा, कोई 40 साल, तो कोई 4 महीने की पार्टी है लेकिन ऐसे लोगों को जींद से कोई लगाव नही है। हमारी सरकार ने विकास को नई परिभाषा दी है और इसे बदला है। विकास की परिभाषा का उदाहरण जन धन योजना भी है बैंक खाते खुले लोग बैकों से जुड़े हैं। जींद उपचुनाव में एक एमएलए ही एमएलए का चुनाव लड़ रहा है ये कॉंग्रेस पार्टी के दिवालियापन की निशानी है। जींद में पार्टी को उम्मीदवार ना मिले ये भी कांग्रेस का दिवालियापन है। कांग्रेस अब डूबता जहाज नही सिकुड़ता शरीर है। कांग्रेस उम्मीदवार जींद में सत्ता लाने की बात करते हैं लेकिन 91 में 28 साल पहले सत्ता आ रही थी लेकिन शमशेर सुरजेवाला ने इसे रोका। जींद के लोगों के साथ हुआ धोखा और इसके जिम्मेदार सुरजेवाला ही है।

जींद उपचुनाव में मतगणना में अगर 14 राउंड होंगे तो हम केवल 2 राउंड में पिछड़ सकते बाकी सभी राउंड में बीजेपी बड़े बहुमत से आगे रहेगी। ये मेरा अनुमान है। जींद का चुनाव 51 फीसदी से ज़्यादा बीजेपी के पक्ष में है। ईवीएम कांग्रेस के समय इंट्रोड्यूज हुई थी और 2014-15 तक चुनाव आयुक्त लगभग कांग्रेस के रहें लेकिन किसी ने सवाल नही खड़े किए।


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