Hindi Online Test Privacy Policy | About Us | Contact

नया हरियाणा

रविवार, 24 जनवरी 2021

पहला पन्‍ना सर्वे लोकप्रिय 90 विधान सभा हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप English

परिवारवाद की फैक्ट्री से निकला नेता दिग्विजय चौटाला

उन्होंने कहा कि जेजेपी पार्टी ने चौधरी देवीलाल की विचारधारा का ही अनुसरण करते हुए पार्टी का गठन किया है.

Leader Digvijaya Chautala, JJP party, ideology of Chaudhari Devi Lal, familyism, naya haryana, नया हरियाणा

23 जनवरी 2019



नया हरियाणा

दिग्विजय चौटाला और दुष्यंत चौटाला पर यह आरोप लगते रहे हैं कि ये दोनों परिवारवाद की फैक्ट्री से निकले नेता हैं। राजनीतिक परिवार से होने के कारण ये दोनों नेता बने हैं. जमीनी स्तर पर इन्होंने अभी तक कोई संघर्ष नहीं किया है. सब कुछ पिता, चाचा और दादा के कारण मिला है.

जेजेपी उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला ने एक साक्षात्कार के दौरान जेजेपी पर लगे परिवारवाद के आरोप पर कहा कि जेजेपी में कोई भी निर्णय व्यक्ति विशेष द्वारा नहीं लिया जाता. यह उनका पहला चुनाव है और उन्हें किसी प्रकार का कोई खतरा मोल नहीं लेना. यही कारण है कि पार्टी की कोर कमेटी ने हालात को ध्यान में रखते हुए जींद के कार्यकर्ताओं की मांग पर मुझे यहां से चुनाव लड़ने का आदेश दिया.
जननायक चौधरी देवीलाल को अपना आदर्श मानते हुए जेजेपी पार्टी ने चौधरी देवीलाल की विचारधारा का ही अनुसरण करते हुए पार्टी का गठन किया है. झंडे में हरा रंग आशा, प्रकृति, नवजीवन और कर्मठता का प्रतीक है. इसीलिए इसे झंडे में लिया गया है. जहाँ तक बात जींद उपचुनाव की है तो जींद के लोगों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना हमारा प्रथम लक्ष्य है. उत्तम शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और उनकी योग्यताओं एवं क्षमताओं के अनुरूप रोजगार प्रदान करना जेजेपी की प्राथमिकताओं में शामिल है. हमारा मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा से है. 
जींद में दलेर सिंह से बातचीत के दौरान जेजेपी उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला ने कहा कि हम मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं. यह सोच कर कि किसी दल विशेष के चुनाव प्रचार में कौन आएगा, हम चुनाव नहीं लड़ रहे. मतदाता उम्मीदवार की योग्यता और उसकी क्षमताओं के साथ ही साथ संबंधित राजनीतिक दल व उम्मीदवार की नीति और नीयत को देखकर मतदान करता है. जनता भली-भांति जानती है कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में यदि वह इनेलो को अपना वोट दे भी दें, तो वह वोट इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला को नहीं बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के पक्ष में जाएगा, जिसे प्रदेश की जनता नकार चुकी है.


बाकी समाचार