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नया हरियाणा

बुधवार, 30 सितंबर 2020

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जानिए जींद में क्या हैं हालात जेजेपी, बीजेपी, कांग्रेस, इनेलो व लसपा के

सभी दल पूरे दमखम के साथ अपने चुनाव प्रचार में लगे हैं।

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18 जनवरी 2019



नया हरियाणा

जींद उपचुनाव में राजनीतिक पार्टियों के प्रचार ने जोर पकड़ते हुए वोटरों पर रिश्तेदारों का दबाव डालने का काम शुरू कर दिया है. 28 जनवरी को होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने जींद में ही डेरा डाल लिया हैं. जींद की जो सड़के कभी सुनसान दिखा करती थी, आज उन सड़कों पर लग्जरी गाड़ियों की लाइन लगी हुई है और हजारों लग्जरी गाड़ियां जींद शहर में प्रचार करती दिखाई दे रही हैं. भारतीय जनता पार्टी जहां अपने साढे 4 साल के विकास कार्यों की दुहाई देकर चुनावी मैदान में ताल ठोक रही है, वहीं कांग्रेस अपने सबसे बड़े चेहरे रणदीप सुरजेवाला के दम पर कांग्रेस के लिए बंजर भूमि रही जींद में फसल उगाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में इनेलो लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने की चुनौती के साथ मैदान में उतरी है. इनेलो से अलग हुई जननायक जनता पार्टी भी इस चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर जींद विधानसभा के सहारे अपना खाता खोलने की फिराक में है. चुनाव में अब काउंटडाउन शुरू हो गया है. शुरुआती मुकाबले में कांग्रेस, भाजपा, इनेलो, जेजेपी और कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी जी जान लगाकर जुटी हुई है. जनता में विकास व अन्य समस्या मुद्दा न होकर, यह मुद्दा खास हो गया है कि किस पार्टी के नेता में कितना दम है. यहां तक कि अब जींद के लोगों के लिए वोट डालना भी अपने आप में एक चुनौती बनता जा रहा है. वैसे तो वोट का अधिकार सबका अपना और निजी अधिकार होता है. लेकिन जींद विधानसभा क्षेत्र में सभी पार्टियों के समर्थकों ने जो डेरा डाला है वह जनता का चैन छीन रहा है. पूरे विधानसभा में बाहर से आए लोग अपने रिश्तेदारों के माध्यम से अपने पार्टी के पक्ष में मतदान करवाने के लिए घूम रहे हैं. जींद में जुटा पार्टियों का यह महाकुंभ 28 जनवरी तक अपने पूरे दमखम के साथ मजबूती बनाये रखेगा.  हालात यह तक हो गये हैं कि दिन में चाय के लिए दूध और सुबह पीने के लिए लस्सी के लाले पड़ रहे हैं.

आमतौर पर नेताओं पर आरोप लगाए जाते हैं कि वह ग्राउंड की कम और फाइव स्टार कल्चर की राजनीति अधिक करते हैं. ऐसा करना कभी कभार उनकी मजबूरी भी हो जाता है. जींद उपचुनाव में अधिकांश राजनीतिक दलों के वार रूम होटलों में ही चल रहे हैं. सभी दलों के पास एक होटल है जहाँ से उप चुनाव की रणनीति तय हो रही है. इसी के साथ रोचक बात यह है कि जींद उपचुनाव में सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नारे गढ़ लिए हैं.
कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला का नारा है "जींद बदलेंगे, जिंदगी बदलेंगे".
भाजपा ने अपने प्रत्याशी कृष्ण मिड्ढा के लिए नारा दिया है "जींद की जिद, भाजपा ईब".
वही, जेजेपी समर्थित उम्मीदवार दिग्विजय सिंह चौटाला का नारा है "जींद है हमारा, जींद के हैं हम".
और इनेलो प्रत्याक्षी उमेद रेढू के प्रचार का नारा बना है "जींद होगी हरियाणा की राजधानी".
हालात कुछ 'अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग' वाले हो गए हैं. जींद उपचुनाव में कांग्रेसी भाई लोगों की एकजुटता देखते ही बन रही है. रणदीप सुरजेवाला के लिए प्रचार में अशोक तंवर तो पहले ही दिन से जुटे हैं. जो अब साइकिल छोड़ बाइक पर सवार नजर आते हैं. लेकिन भजन पुत्र कुलदीप बिश्नोई, किरण चौधरी सहित दूसरे वरिष्ठ नेता भी प्रचार में कूद पड़े हैं. वही भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी जींद में मोर्चा संभाल लिया है.


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