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नया हरियाणा

गुरूवार, 17 जनवरी 2019

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15 जनवरी को सभी अनाज मंडी रहेंगी बंद: बजरंग गर्ग

भाजपा सरकार आढ़ती और मंडी व्यवस्था का नाश करने पर उतारू है।

On 15th January, all grain markets will be closed, Bajrang Garg, BJP government has been forced to destroy the Mandi system, naya haryana, नया हरियाणा

14 जनवरी 2019

नया हरियाणा

हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा है कि सरकार अनाज की खरीद ऑनलाइन न करके फसल का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से ही करें. ऑनलाइन सिस्टम के विरोध में 15 जनवरी, 2019 को हरियाणा की सभी मंडियों में हड़ताल का ऐलान किया गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर सरकार ने पहले की तरह खरीद व भुगतान नहीं किया तो मंडियों के साथ-साथ पूरा हरियाणा बंद किया जाएगा. हर अनाज मंडी में आढ़तियों के माध्यम से ही खरीद होनी चाहिए. फसल का भुगतान आढ़ती के माध्यम से न करने का फैसला गलत है. फसल की खरीद ऑनलाइन होने से किसान को अपनी फसल का पूरा दाम नहीं मिलेगा. सरकार अपने निजी स्वार्थ के लिए व्यापारी व किसान का आपसी भाईचारा खराब करना चाहती है. इसी के खिलाफ व्यापारी लामबंद होने को मजबूर हैं.

किसान, आढ़ती और सरकार

सरकार और आढ़तियों के बीच एक बार फिर खींचतान बढ़ गई है। इस बार सरकार ने कहा है कि रबि फसलों की बिक्री करने के लिए किसानों का ब्योरा 31 जनवरी तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज करवाना होगा. इस फैसले से आढ़ती नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार मंडी व्यवस्था को बंद करके किसानों और उपज को बड़े कॉर्पोरेट घरानों को देने पर तुली है। इसके विरोध स्वरूप आढ़तियों ने जींद उपचुनाव और लोकसभा व विधानसभा चुनाव में भाजपा का विरोध करने का निर्णय लिया है। दूसरी तरफ सरकार ने कहा कि किसान अपनी फसल संबंधी सभी कागजात आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खेवट नंबर व मोबाइल नंबर ऑनलाइन दर्ज करवाएं। रिकॉर्ड दर्ज करवाने पर उसके मोबाइल पर एक कोड आएगा। जिसके माध्यम से किसान मंडी में अपनी फसल बेच सकेगा। सरकार की इस मंसा का आढती पुरजोर विरोध करने की रणनीति बना चुके हैं। कृषि उपनिदेशक अंबाला डॉ गिरीश नागपाल के मुताबिक रबि फसलों की बिक्री करने के लिए किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 31 जनवरी तक आधार कार्ड बैंक पासबुक खेवट नंबर मोबाइल नंबर ऑनलाइन दर्ज करवाएंगे। कोड के माध्यम से किसान मंडी में फसल बेच सकेगा। विभाग के अधिकारी गांव में जाकर कागजात एकत्रित करके उसे ऑनलाइन दर्ज करवाएंगे। 

आढ़तियों का कहना कि किसान नहीं चाहते कि  उनको सीधे पेमेंट आए। वह दशकों से चली आ रही आढ़ती और मंडी व्यवस्था को बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन भाजपा सरकार आढ़ती और मंडी व्यवस्था का नाश करने पर उतारू है। सभी आढ़ती इस मामले के विरोध में एकजुट आंदोलन की रणनीति बन चुकी है। 15 को धरना ज्ञापन और 23 को जींद में रैली होगी। समितियां बना दी गई। 


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