Hindi Online Test Privacy Policy | About Us | Contact

नया हरियाणा

मंगलवार, 26 मार्च 2019

पहला पन्‍ना English सर्वे लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

जींद उपचुनाव में बीजेपी और जेजेपी की टक्कर में बीजेपी की बढ़त

राजनीति में बढ़त-घटत का दौर पल-पल बदलता रहता है।

Jind elections, BJP Haryana, Krishna Midha, Manohar Lal, JJP, Digvijaya Chautala, Dushyant Chautala, BJPs rise, naya haryana, नया हरियाणा

11 जनवरी 2019



नया हरियाणा

जींद उपचुनाव में नए-नए नैरेटिव विमर्श के केंद्र में आ रहे हैं। ये विमर्श आमचर्चाओं से होते हुए सोशल मीडिया पर दस्तक दे रहे हैं। एक तरफ कहा जा रहा है कि कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला को वोट कीजिए, क्योंकि वह शहरों से वोट लेने का दम रखते हैं। यह आह्वान जाट समाज को किया जा रहा है। दूसरी तरफ दूसरी पार्टी की तरफ से आह्वान किया जा रहा है कि गांव में सुरजेवाला को वोट नहीं मिलेंगे। इसलिए जाटों को हमें वोट देना चाहिए। ये दोनों नैरेटिव इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चल रहे हैं। एक तरह से ये दोनों अपने-अपने कमजोर पक्षों को भी उजागर कर रहे हैं। एक गांव में कमजोर है तो दूसरा शहर में।

यही वह कारण है जिसकी वजह से जींद उपचुनाव में बीजेपी की जीत की संभावनाएं अपने आप निर्मित हो रही हैं, क्योंकि बीजेपी शहरों में मजबूत होने के साथ-साथ गांव के गरीब, एससी और ओबीसी वर्ग में अपनी मजबूत पैठ बनाए हुए हैं। नौकरियों में ईमानदारी और मुख्यमंत्री का नरम स्वभाव बीजेपी के लिए रास्ता आसान बना रहा है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की खराब छवि रणदीप सुरजेवाला के लिए मुसीबत बन रही है। इसके साथ जनता में यह मैसेज गया हुआ है कि कांग्रेस में आपसी फूट बड़े स्तर पर पहुंची हुई है। इनके अलावा इनेलो दो परिवारों के बीच की जंग बन कर रह गई है। हालांकि इनेलो से ज्यादा बढ़त जेजेपी की साफ दिख रही है। जिसमें युवा सांसद दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला, नैना चौटाला का जमीनी स्तर पर किया गया प्रचार-प्रसार असर दिखा रहा है। इसके अलावा अजय चौटाला के पूर्व के काम व उनका नरम स्वभाव उन्हें एक नरम दल के रूप में उभार रहा है जबकि इनेलो की छवि गरम दल के रूप में गढ़ दी गई है। जिससे पार पाना इनेलो के लिए टेढ़ी खीर है। इन सबके अलावा राजकुमार सैनी के उम्मीदवार विनोद सराही शहरी और ग्रामीण दोनों जगह वोट लेने की कुवत रखते हैं परंतु उनके कार्यकर्ता जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है जिसके कारण उनकी पार्टी व उम्मीदवार दोनों कमजोर पड़ते जा रहे हैं। 

मनोहर लाल के द्वारा जींद के विकास के लिए किए कार्यों और जनता को दिखाए जा रहे सपने भी काफी हद तक चुनाव में बढ़त प्रदान करेंगे। वो चाहे जींद के अस्पताल का विस्तार हो या जींद बाईपास की मांग को पूरा किया जाना हो या अन्य विकास की मांगों को मानने का आश्वासन हो। दूसरे दल इन मामलों में पिछड़ते हुए लग रहे हैं, क्योंकि उनकी पूर्व में सरकारें रह चुकी हैं। इसलिए जनता का उनके प्रति कम रूझान है। जेजेपी और बीजेपी दोनों के प्रति उनका सकारात्मक रूझान साफ दिख रहा है। वर्तमान समय में दोनों की टक्कर में भले ही बीजेपी बढ़त में हो परंतु चुनाव जैसे-जैसे चरम पर पहुंचेगा, बढ़त के समीकरण बदलने लगते हैं। ऐसे में हर पल बदलते हालातों पर पैनी नजर बनाए रखनी पड़ेगी।


बाकी समाचार