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नया हरियाणा

सोमवार , 24 जून 2019

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रणदीप सुरजेवाला ने राजनीतिक शुरूआत की थी 1993 में उपचुनाव हारकर

नरवाना विधानसभा से इन्हें ओमप्रकाश चौटाला के हाथों शिकस्त मिली थी।

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10 जनवरी 2019



नया हरियाणा

रणदीप सुरजेवाला के मैदान उतरते ही जींद उपचुनाव कांग्रेस एकदम से टॉप गेयर लगाकर फिलहाल पहले पायदान पर पहुंच गई है। आरंभ में मुकाबला बीजेपी और जेजेपी में लग रहा था, पर अब मुकाबला सीधे दो राष्ट्रीय पार्टियों के बीच हो गया है और चुनाव भी राष्ट्रीय स्तर का हो गया है। जिस कांग्रेस को बैकफूट पर समझा जा रहा था, उसने फ्रंट फूट पर आगे खेलना तय किया है। जेजेपी और इनेलो की लड़ाई तीसरे और चौथे नंबर की लड़ाई तक सीमित रह गई प्रतीत हो रही है। इनेलो के उम्मेद रेढु को कमजोर आंका जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि जींद विधानसभा के 14गांव रेढु बहुल हैं और जाट आरक्षण आंदोलन के समय भी उम्मेद रेढु काफी सक्रिय रहे थे। दिग्विजय और रेढु के बीच मुकाबला काफी टक्कर का रहेगा।

हरियाणा के जींद विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला को उम्मीदवार घोषित किया है। रणदीप सुरजेवाला 6 बार हरियाणा विधान सभा के लिए चुनाव लड़े- 1993 उप चुनाव लड़ा। रणदीप सुरजेवाला ने अपना राजनीतिक सफर 1993 में उपचुनाव हारकर किया था। इन्हें ओमप्रकाश चौटाला के हाथों शिकस्त मिली थी। उसके 1996 में रणदीप सुरजेवाला विजयी हुए। 2000 में फिर ओमप्रकाश चौटाला विजयी हुए। 2005 में फिर रणदीप सुरजेवाला विजयी हुए। दोनों के बीच चली आ रही हार जीत का सिलसिला नरवाना सीट के आरक्षित होने के बाद टूटा। 2009 में यह सीट आरक्षित हो गई। 1977, 1982 और 1991 में रणदीप सुरजेवाला के पिता शमशेर सुरजेवाला विजयी हुए थे। उन्हें 1987 में हार का सामना करना पड़ा था।

1993 By Polls Narwana GEN Om Parkash M JP 47297 Randeep Singh M INC 28342

उसके बाद 1996, 2000, 2005, 2009 व 2014 में चुनाव जीते। 1996 और 2005 चुनावों में उन्होंने ओम प्रकाश चौटाला को हराया जो कि तत्कालीन मुख्यमंत्री थे। 2014 के चुनावों में कांग्रेस प्रदेश में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए तीसरे स्थान पर रही किंतु रणदीप अपनी सीट से पुनः निर्वाचित होने में सफल रहे। रणदीप सुरजेवाला साल 2005 में हरियाणा कैबिनेट में मंत्री बनें थे। उस कैबिनेट में ये सबसे कम उम्र के मंत्री थे। सुरजेवाला ने हरियाणा कैबिनेट में नागरिक उड्डयन, पीडब्ल्यूडी, आईटी, जल आपूर्ती, विज्ञान और तकनीकी जैसे मंत्रालय संभाले हैं। रणदीप सुरजेवाला साल 2005 में हरियाणा कैबिनेट में मंत्री बनें थे। उस कैबिनेट में ये सबसे कम उम्र के मंत्री थे। 

इस फैसले से साफ लग रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले हो रहे जींद उपचुनाव को कांग्रेस नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है, इसलिए अपने एक बड़े चेहरे को मैदान में उतारने का फैसला किया। राजनीतिक विरासत रणदीप सुरजेवाला को अपने शमशेर सुरजेवाला से मिली है। जिन्होंने हरियाणा विधानसभा के 1967, 1977, 1982, 1991 तथा 2005 में तथा 1993 में संसद सदस्य रहे। 17 वर्ष की आयु में उन्हें हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस का जनरल सचिव नियुक्त किया गया। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद तक पहुंचने वाले रणदीप सुरजेवाला पहले हरियाणवी भी हैं।


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