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नया हरियाणा

बुधवार, 16 जनवरी 2019

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हरियाणा में जल्दी ही शुरू होने वाली है किसान पेंशन योजना : सुभाष बराला

उन्होंने कहा कि किसान को पेंशन देने के मुद्दे पर गठित समिति शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट बना कर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंपेगी। 

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9 जनवरी 2019

नया हरियाणा

हरियाणा के टोहाना से विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने बताया कि किसान को पेंशन देने के मुद्दे पर गठित समिति शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट बना कर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंपेगी। 
यह जानकारी सुभाष बराला ने आज किसान को पेंशन देने के मुद्दे पर हरियाणा सरकार द्वारा गठित कमेटी की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान दी। यह बैठक आज यहां हरियाणा निवास में सम्पन्न हुई। संभावना है कि यह कमेटी जल्द ही सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी, ताकि सरकार आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकें। ड्राफ्ट तैयार करने वाली कमेटी की अध्यक्षता टोहाना विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने की, जबकि इस कमेटी में विधायक अभय सिंह यादव, विधायक महिपाल ढांडा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, विधायक पवन सैनी और कृषि विभाग के महानिदेशक अजीत बालाजी जोशी ने सदस्य के तौर पर शिरकत की। बराला ने बताया कि हरियाणा सरकार जल्द से जल्द किसान पेंशन योजना को लागू करना चाहती है इसके लिए किसान पेंशन ड्राफ्ट कमेटी की बैठक हो रही है और अगली  भी बैठक जल्द होगी  कमेटी शीघ्र ही किसानों की भलाई के लिए फैसला लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। 
 उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार प्रदेश के किसानों की भलाई के लिए और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए अनेक ठोस कदम उठा रही है और जब यह किसान पेंशन योजना लागू हो जाएगी तो इससे प्रदेश के लाखों किसानों को आर्थिक लाभ होगा।
    बैठक में किसानों को किस उम्र के बाद पेंशन दी जानी चाहिए, कितनी पेंशन दी जानी चाहिए और कितने किसान इससे लाभान्वित होंगे, इन सभी विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई। इसके लिए जिला उपायुक्तों को निर्दश दिये जाएंगे कि वे अपने जिले का किसानों का वर्तमान डाटा और शेष विरासत इंतकाल को भी जल्द से जल्द करवाकर पूरा डाटा लगभग 10 दिनों के अंदर-अंदर भिजवाएं ताकि कमेटी प्राप्त आंकडों पर आगे की कार्रवाई कर सके। 
    बैठक में सुझाव दिया गया कि सरकार आने वाले वर्षों में विशेष प्रकार का कोष बनाए ताकि किसानों को  दी जाने वाली पेंशन का अतिरिक्त भार सरकार पर न पड़ सके। इस पर भी कमेटी अपना एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को सौंपेगी।


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