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नया हरियाणा

बुधवार, 16 जनवरी 2019

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जेजेपी के ब्रह्माशास्त्र दिग्विजय चौटाला के खिलाफ बीजेपी उतार सकती है दिव्या शास्त्र

जींद उपचुनाव में पल-पल में राजनीतिक समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं।

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7 जनवरी 2019

नया हरियाणा

जींद उपचुनाव में पल-पल में राजनीतिक समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। सभी दल एक-दूसरे की तरफ नजरें गढाए बैठे हैं। क्योंकि सभी दलों की रणनीतियां एक-दूसरे के प्रत्याशी के साथ जुड़ी हुई हैं। शतरंज की बाजियों की तरह हर पार्टी फूंक-फूंक कर अपनी चाल चल रही हैं। इन चालों में मांगेराम गुप्ता नामक मोहरे को लेकर सबसे ज्यादा चालें चली गई हैं।

जींद उपचुनाव में सभी दलों के कौन प्रत्याशी होंगे, उस पर मीडिया और जनता के साथ-साथ राजनीति के जानकारों की नजरें टिकी हुई हैं। जितना आसान और एक तरफा या नीरस सा लगने वाला उपचुनाव हर रोज नए मोड आने कारण सभी दलों के लिए गले की फांस बनता हुआ दिख रहा है। जेजेपी जहां इस चुनाव से खुद को साबित करने के उतावलेपन में दिख रही है, वो उसके लिए उल्टा भी पड़ सकता है। जितना आसान चुनाव इसे जेजेपी समझ रही थी, यह उपचुनाव उतना आसान नहीं है।

मांगेराम गुप्ता के आसपास शुरू हो कर उपचुनाव का खेल अब अपने चरम पर है। कांग्रेस जो पहले कहीं मैदान में नजर नहीं आ रही थी। वो जेपी के लड़के चुनाव की खबरों के साथ पहले नंबर पर पहुंच गई। दूसरी तरफ जेपी के बेटे के मैदान में उतरते ही दुष्यंत के ब्रह्म अस्त्र पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें भी रही हैं कि अजय चौैटाला जयप्रकाश को मनाने की कोशिश कर रही हैं, क्योंकि जेजेपी ने बड़े-बड़े दावे करके इस उपचुनाव को नाक का सवाल बना लिया है। अगर जेपी अपने बेटे विकास को चुनाव नहीं लड़वाते हैं तो दिग्विजय चौटाला का चुनाव में उतरना पक्का हो जाएगा।

सोशल मीडिया पर दिग्विजय चौटाला को दुष्यंत चौटाला का ब्रह्माशस्त्र बताया जा रहा है। ऐसे में उनके चुनाव मैदान में उतरते ही बीजेपी को मैदान में बड़ा नाम उतारना पड़ेगा। बीजेपी की पूरी संभावना है कि वो ब्राह्माशास्त्र के खिलाफ दिव्याशास्त्र के रूप में सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक को मैदान में उतार दें। गौरतलब है कि पिछले दिनों रमेश कौशिक लोकसभा के बजाय गन्नौर से विधानसभा चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में दिग्विजय चौटाला के खिलाफ रमेश कौशिक का उतरना जींद उपचुनाव में जींद प्रत्याशियों के लिए भी फायदे का सौदा रहेगा। क्योंकि 2019 के विधानसभा चुनाव में रमेश कौशिक गन्नौर विधानसभा में चले जाएंगे और जींद के प्रत्याशियों के लिए फिर से खुला मैदान हो जाएगा। एक तरफ राजकुमार सैनी के ब्राह्मण कार्ड पर भी बीजेपी भारी पड़ जाएगी। क्योंकि राजकुमार सैनी ने जींद उपचुनाव में अपनी पार्टी से विनोद आसरी को टिकट दी हुई है।

दिग्विजय चौटाला और रमेश कौशिक के बीच मुकाबला कई मायनों में रोचक बन जाएगा, क्योंकि रमेश कौशिक सोनीपत से सांसद होते हुए जींद विधानसभा में मैदान में उतरेंगे तो दूसरी तरफ दिग्विजय चौटाला जींद उपचुनाव से जीत के सपने के साथ अपने सोनीपत लोकसभा से चुनाव के बड़े सपने की नींव रखेंगे। ऐसे में दोनों के लिए उपचुनाव लिटमस टेस्ट बन जाएगा। जो दोनों के राजनीतिक भविष्य की रूपरेखा तय करेगा। जींद विधानसभा सोनीपत लोकसभा में आती है। इसलिए भी दोनों के लिए यह चुनाव अहम् होगा। किसकी जीत होगी और किसकी हार होगी, यह तो जनता तय करेगी।


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