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नया हरियाणा

सोमवार , 25 मार्च 2019

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क्या राव नरबीर राव इंद्रजीत को अहीरवाल की राजनीतिक जमीन पर पछाड़ देंगे?

अहीरवाल की राजनीतिक जमीन को लेकर सारा संघर्ष चल रहा है।

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4 जनवरी 2019

नया हरियाणा

अहीरवाल की राजनीति इन दिनों फिर से हरियाणा में सुर्खियां बंटोर रही है, क्योंकि राव इंद्रजीत के चार विधायकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। बताया जा रहा है कि राव इंद्रजीत के इशारे पर ये विधायक मोर्चा थामे हुए हैं। कारण मुख्यमंत्री से अनबन का नहीं बल्कि अहीरवाल में राव नरबीर के बढ़ाए जा रहे कद को बताया जा रहा है। हालांकि ऐसी कोशिशें पिछली सरकार में पूर्व सीएम हुड्डा ने भी की थी और अब मनोहर लाल की तरफ से जारी हैं। क्या इस तरह से राव इंद्रजीत का कद कम किया जा सकता है? इस सवाल को जवाब में राजनीति के जानकारों का कहना है कि राव इंद्रजीत का अहीरवाल की राजनीति में कद घटाना फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। उनके इस पूरे इलाके पर पकड़ अच्छी मानी जाती है और जनता समर्थन उनकी तरफ मजबूती के साथ खड़ा है। राव नरबीर अभी इनके आसपास भी नहीं पहुंचे हैं। दक्षिण हरियाणा में राव इंद्रजीत व राव नरबीर के बीच राजनीतिक लड़ाई किसी से छिपी नहीं है। राव इंद्रजीत के बदले तेवरों पर सरकार राव नरबीर को आगे करती रही है। दोनों की राजनीतिक रस्साकसी में विधायक मोहरा बनते आए हैं।

11 फरवरी 1951 में जन्में राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा की राजनीति में अपना अलग मुकाम रखते हैं और अहीरवाल की राजनीति में मुख्य हस्ताक्षर माने जाते हैं। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में केंद्रीय धुरी माने जाते हैं। एक भारतीय राजनीतिज्ञ और वर्तमान में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में राज्य मंत्री हैं। 16वीं लोकसभा में वो हरियाणा के गुड़गांव से सांसद हैं। राव िंद्रजीत सिंह  केंद्रीय योजना, उर्वरक एवं रसायन राज्यमंत्री हैं।

2014 के विधानसभा चुनाव में अहीरवाल से विधानसभा में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने इसका सूत्र बताते हुए कहा था कि संगठित रहोगे तो जिस तरह भाजपा ने पहले हमारी पूछ की थी, उसी तरह आगे भी इलाके की पूछ रहेगी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी हरियाणा ने 14 सीटें बीजेपी की झोली में डालीं, जिसके बाद 47 सीट लेकर पहली बार भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनाई।

गुड़गांव लोकसभा सीट का गठन साल 2008 के परिसीमन के बाद हुआ था. इससे पूर्व दक्षिण हरियाणा में महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट होती थी. जिसे खत्म करके उसके आधे हिस्से को भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट में मिला दिया गया था और गुड़गांव व रेवाड़ी जिलों में मेवात जिले को मिलाकर गुड़गांव नाम से नई लोकसभा सीट बना दी गई थी. मौजूदा समय में गुड़गांव लोकसभा में गुड़गांव जिले की सभी चार, मेवात की सभी 3 और रेवाड़ी की 2 विधानसभा सीटे आती हैं। इस पूरे क्षेत्र को अहीरवाल बेल्ट के नाम से जाना जाता है। दूसरी ओर से दक्षिण हरियाणा भी कहा जाता है। जिसे अब गुड़गांव लोकसभा सीट के नाम जाना जाता है, इस सीट पर मात्र एक बार गैर अहीर 1977 में मनोहर लाल सैणी भारतीय लोकदल पार्टी से चुनाव जीते थे। 1977 में लगी इमरजेंसी के दौरान हुए चुनाव में राव वीरेंद्र सिंह को मनोहरलाल सैनी ने पराजित कर सांसद की कुर्सी पर कब्जा जमाया। 1980 में हुए चुनाव में एक बार फिर राव वीरेंद्र सिंह सांसद बने और 14 जनवरी 1980 को कृषि मंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए। उनके पास छह से अधिक अन्य विभाग थे। 1984 में कांग्रेस व 1989 में जनता दल के टिकट से सांसद का चुनाव जीते। 1991 में हुए चुनाव में कांग्रेस टिकट से कर्नल राम सिंह व जनता दल के टिकट पर राव वीरेंद्र सिंह आमने-सामने आए, लेकिन बाजी कर्नल राम सिंह ने मारी। उसके बाद 1996 में हुए चुनाव में राव वीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस तो कर्नल राम सिंह ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में एक बार फिर कर्नल राम सिंह ने बाजी मारी। 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में राव वीरेंद्र सिंह ने अपने पुत्र राव इंद्रजीत सिंह को मैदान में उतारा और उन्होंने जीत हासिल की। 1999 में हुए चुनाव में भाजपा की सुधा यादव ने कांग्रेस के राव इंद्रजीत सिंह को पटखनी दी।

गुरुग्राम लोकसभा चुनाव का 2014 परिणाम
 

Candidate Party Votes
Inderjit Singh Rao Bharatiya Janata Party 644,780
Zakir Hussain Indian National Lok Dal 370,058
Rao Dharam Pal Indian National Congress 133,713
Yogendra Yadav Aam Aadmi Party 79,452
Dharampal Bahujan Samaj Party 65,009
Kusheshwar Bhagat Independent 7,821
Fauji Jai Kawar Tyagi Dixit Independent 3,147
Manoj Yadav Independent 3,043
Akbar Kasmi Rashtriya Ulama Council 1,429
Hemant Kumar Saini Bahujan Mukti Party 1,153
Mahender Jat Independent 1,021
Karan Singh Journalist Independent 938
Umed Singh Rashtriya Morcha Party 927
Mul Chand Independent 804
Ashok Bhardwaj National Janhit Congress (Ab) 713
Abdul Latif Independent 699
Surinder Kumar Khullar Independent 686
Rajesh Independent 566
Ombir Sharma Independent 566
Rajeev Yadav Independent 493
Usha Rani Verma Independent 489
Ahshan Ali Independent 455
None of the Above None of the Above 2,657

गुड़गांव लोकसभा सीट 2009 में अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर कांग्रेस के राव इंद्रजीत सिंह का कब्जा है। पंजाब से अलग होकर पहली नवंबर 1966 में हरियाणा प्रदेश अस्तित्व में आया। 1971 से 2004 तक गुड़गांव जिला महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अधीन आता था। 1971 में हुए महेंद्रगढ़ संसदीय सीट के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री राव वीरेंद्र सिंह ने विशाल हरियाणा पार्टी के बैनर तले विजय हासिल की थी।

2004 के चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा की सुधा यादव को हराया। 2009 में महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से गुड़गांव अलग हुआ। गुड़गांव संसदीय क्षेत्र में मेवात शामिल हुआ और 2009 में हुए चुनाव में एक बार फिर राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा की सुधा यादव को पछाड़ा।

 

 


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