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नया हरियाणा

मंगलवार, 11 दिसंबर 2018

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डॉ. नरेश धनखड़ ने बिना कारण की छह हत्याएं

सभी लोगों के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया और इसी वजह से उनकी जान गई।

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3 जनवरी 2018

नया हरियाणा

हरियाणा के पलवल में रहने वाले कुछ लोगों के लिए साल 2018 की पहली रात खूनी बन गई. पलवल में 1-2 जनवरी (सोमवार-मंगलवार) की  रात एक रिटायर्ड फौजी ने छह लोगों का मर्डर कर दिया। इनमें एक महिला भी है। महिला की हत्या हॉस्पिटल में घुसकर की गई। लगभग दो घंटे के भीतर एक के बाद एक 6 लोगों का कत्ल कर दिया. वो भी बेवजह, बेमकसद, बिना किसी रंजिश के. हैरत की बात ये है कि ना तो कातिल की किसी से कोई दुश्मनी थी और ना ही मरने वालों की कातिल से कोई जान-पहचान थी.
डेढ़ किलोमीटर के दायरे में मारे गए सभी लोगों की शिनाख्त पुलिस कर चुकी थी. सिरफिरे कातिल का शिकार बनने वालों में अंजू, मुंशी राम, सितम, सुभाष, खेमचंद समेत और एक अज्ञात शख्स शामिल है. 6 लोगों की हत्या के बाद पलवल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया. कातिल अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर था. तभी सुबह के लगभग 6 बजे पुलिस को पता चला कि कातिल को पलवल के कैम्प इलाके में देखा गया है और वो एक शख्स को मारने की कोशिश कर रहा है. बिना वक़्त गवाए पुलिस वहां जा पहुंची तो आरोपी ने पुलिस पर भी हमला कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, सभी लोगों के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया और इसी वजह से उनकी जान गई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी आरोपी नजर आया। इसमें वो हाथ में रॉड लिए दिखता है। आरोपी की दिमागी हालत जानने के लिए उसे फरीदाबाद ले जाया गया है।
सबसे पहले आरोपी पलवल हॉस्पिटल में घुसता है। यहां एक पेशेंट की अटेंडेंट महिला के सिर पर रॉड से हमला करता है। फिर वहां से निकल जाता है। आरोप है कि वो हॉस्पिटल से कुछ दूरी पर बने मोती पार्क में एक चौकीदार के साथ भी यही करता है। छह लोगों की हत्या को अंजाम देकर सनसनी फैलाने वाला नरेश धनखड़ भिवानी के उप-निदेशक कृषि विभाग में विषय विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत था। नरेश धनखड़ भिवानी में अक्सर विवादों में रहता था और कार्यालय में कर्मचारियों के साथ उलझता रहता था। यहां वो पीजी में रहता था। 
नरेश धनखड़ फरीदाबाद से ट्रांसफर होकर एक वर्ष पहले भिवानी के उप-निदेशक कृषि विभाग में विषय विशेषज्ञ के पद पर आए थे। धनखड़ को किसानों को सरकारी व विभाग की योजनाओं की जानकारी देने का जिम्मा सौंपा गया था। बताया गया है कि वर्ष 2003 में नरेश को दो साल फौज में लेफ्टिनेंट रहने के बाद मेडिकल फिट न होने की वजह से रिटायरमेंट दे दी गई थी। वह आर्मी कोटे से 2006 में हरियाणा कृषि विभाग में एडीओ पद पर भर्ती हो गया। दो साल बाद उसे प्रमोशन देकर एसडीओ बना दिया गया था। नरेश धनखड़ फरीदाबाद के मच्छगर गांव का रहने वाला है और फिलहाल ओमैक्स सिटी पलवल में रह रहा था। 2007 में नरेश धनखड़ की शादी हुई. अब उसका एक 8 साल का बेटा है. साल 2015 में नरेश के खिलाफ पुलिस ने एक मुकदमा दर्ज किया था. उस पर पुलिस वालों के साथ मारपीट करने का आरोप था.
भिवानी के उप-निदेशक कृषि विभाग के लेखाकार कृष्ण ने बताया कि नरेश धनखड़ हमेशा तनाव में रहता था और अधिकारियों व कर्मचारियों से लड़ता-झगड़ता रहता था। 29 दिसंबर को वह यहां से गया था एक जनवरी को जब नही आया तो उसे स्पष्टीकरण का नोटिस भी भेजा गया और मंगलवार सुबह 11 बजे पलवल से इंसपेक्टर को फ़ोन आया तो उन्हें ये जानकारी मिली कि नरेश ने छह हत्याओं को अंजाम दे दिया। छह हत्याओं का आरोपी नरेश अक्सर सेना में अपनी ड्यूटी के किस्से सुनाया करता था। दफ्तर के साथियों को अक्सर हड़काता रहता था। अपनी बुद्धिमता के किस्से सुनाते हुए कहता था कि अगर वो अभी भी सेना में होता तो अब तक बिग्रेडियर बन चुका होता। सेना में हर कोई उसके काम की सराहना करता था। जब कभी कृषि उपनिदेशक दफ्तर नहीं आते थे तो उनकी अनुपस्थिति में नरेश स्टाफ से अधिकारी के लहजे में बात करता था। कहता था कि मैं यहां का बॉस हूं। आप सभी मेरे आदेशों की पालना करो। दफ्तर के साथी उनके इस रवैया से परेशान रहते थे। 
 


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