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नया हरियाणा

बुधवार, 16 जनवरी 2019

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जींद उपचुनाव में जेपी के बेटे विकास को मिल सकती है कांग्रेस से टिकट

जय प्रकाश 1988 में चौधरी देवीलाल की ग्रीन ब्रिगेड के मुख्य सिपाही रह चुके हैं.

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3 जनवरी 2019

नया हरियाणा

जींद उपचुनाव में कांग्रेस की तरफ से कलायत के विधायक जयप्रकाश के बेटे विकास को टिकट दिए जाने की चर्चाएं सोशल मीडिया व जींद विधानसभा में खूब चल रही हैं. कांग्रेस अगर जे पी के लड़के को यहां से टिकट देती है तो कांग्रेस जीत की दौड़ में शामिल हो जाएगी, क्योंकि माना जा रहा है कि जींद में जेपी की जमीनी पकड़ दूसरी पार्टियों की तुलना में अधिक है.

जयप्रकाश 1989 में जनता दल से, 1996 में हविपा से, 2004 में कांग्रेस से हिसार से सांसद और एक बार 2000 में बरवाला से विधायक रह चुके हैं. 1990 में चंद्रशेखर सरकार में वे पेट्रोलियम और गैस विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं. जय प्रकाश 1988 में चौधरी देवीलाल की ग्रीन ब्रिगेड के मुख्य सिपाही रह चुके हैं. जय प्रकाश ने 2009 में आदमपुर सीट से कुलदीप बिश्नोई को टक्कर दी थी. हालांकि वह 6000 वोटों से हार गए थे. दूसरी तरफ उन्होंने भजन लाल परिवार को आदमपुर तक ही सीमित कर दिया था. जिसके कारण वह पूरे हरियाणा में घूमने से वंचित हो गए थे.

गौरतलब है कि कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में कभी एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और कलायत के विधायक जयप्रकाश (जेपी) ने हाथ मिला लिया था. निर्दलीय विधायक जेपी कभी चौधरी देवीलाल की ग्रीन ब्रिगेड के कमांडर हुआ करते थे। उन्हें चौधरी देवीलाल ने हिसार लोकसभा क्षेत्र से सन् 1989 में चुनाव लड़ाया और जीतने के बाद केंद्र में मंत्री बनवाया। इसके बाद लगभग एक दशक तक वह चौटाला परिवार से जुड़े रहे, फिर मतभेद हो गए तो तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्ड़ा के जरिये कांग्रेस में एंट्री मारी। फिर जेपी ने कहा कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, राजनीतिक थी। मुझसे कहा गया कि मेरा टिकट (विधानसभा का) सुरजेवाला ने कटवा दिया, लेकिन यह भी मेरे पक्ष में रहा। मैंने तो केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह से भी समझौता कर लिया है। सुरजेवाला ने कहा कि हमें यह लगा कि जब तक हम अलग-अलग लड़ते रहेंगे, तब तक हम ताकत में हिस्सेदारी करने में चूकते रहेंगे। जब हमने बैठकर बातचीत की तो किसी के छोटा या बड़ा होने की सोच नहीं थी। सोच थी कि इस इलाके में सरकार कैसे लाई जाए। हम एक-एक ग्यारह होकर काम करेंगे।


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