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नया हरियाणा

बुधवार, 26 जून 2019

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1972 के बाद से जींद को नहीं मिला जाट विधायक

जींद उप चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही सभी सियासी दलों में मौजूद जाट नेता टिकट की दौड़ लगा रहे हैं.

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3 जनवरी 2019



नया हरियाणा

जिला मुख्यालय की जींद विधानसभा सीट पर आजादी के बाद कई दशक तक जाटों का कब्जा रहा. उस जमाने के कद्दावर नेता रहे चौधरी दलसिंह ने 1952, 1954, 1956 और 1965 में पंजाब एवं पेप्सू विधानसभा में जींद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है. 1966 में हरियाणा बनने के बाद 1967 व 1968 में महाजन समुदाय से संबंध रखने वाले बाबू दयाकृष्ण विधायक बने. वहीं चौधरी  दलसिंह एक बार फिर 1972 में जींद से विधायक निर्वाचित हुए. लेकिन उनके बाद से कोई भी जाट नेता इस सीट से चुनाव जीत कर विधानसभा का मुंह नहीं देख पाया है.
1977 में यह सीट मांगेराम गुप्ता ने आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर जीती थी. उसके बाद 2005 तक मांगेराम गुप्ता व बृज मोहन सिंगला में मुकाबला लगातार जारी रहा. बीच में एक-आद बार 1986 में बीसी समाज से संबंध रखने वाले परमानंद विधायक बने थे. 2009 व 2014 में यहां से पंजाबी समुदाय के डॉ. हरीचंद मिड्ढा विधायक बने थे. उनके निधन के बाद से यह सीट खाली पड़ी है और अब इस सीट पर  उपचुनाव 28 जनवरी को होने जा रहा है. 
हालांकि दर्जन भर ऐसे जाट नेता रहे हैं जिन्होंने विभिन्न पार्टियों की टिकटों और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जींद विधानसभा के चुनाव में अपनी ताल ठोकी है. लेकिन जाति की गणना के अनुसार सबसे ज्यादा वोट होने के बाद भी उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी. ऐसे नेताओं में मास्टर नारायण सिंह भी शामिल हैं जो हिसार से सांसद और जुलाना से विधायक भी बने. लेकिन जींद विधानसभा सीट पर विजय हासिल नहीं कर सके. उनके अलावा पूर्व सांसद सुरेंद्र बरवाला, कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला, सूबेदार भानाराम, रणधीर सिंह रेणू, प्रताप रेणू, बलवंत दालमवाला, प्रमोद सहवाग ने भी जींद से विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन कामयाब नहीं हो पाए.
जींद उप चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही सभी सियासी दलों में मौजूद जाट नेता टिकट की दौड़ लगा रहे हैं. हरियाणा बनने के बाद से अब तक विधानसभा के लिए हुए 12 आम चुनावों में 6 चेहरे ही विधानसभा तक पहुंचे हैं. जिनमें मांगेराम गुप्ता को चार बार, दयाकृष्ण, बृजमोहन सिंगला व  हरिचंद मिड्ढा दो-दो बार, तथा चौधरी दलसिंह व परमानंद एक-एक बार विधायक निर्वाचित हुए हैं.

दैनिक ट्रिब्यून से साभार)


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