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नया हरियाणा

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काले धंधे की माफिया सोनू पंजाबण का है हरियाणा से तगड़ा कनेक्शन

1980 में हरियाणा में जन्मी गीता अरोरा ने हाई स्कूल पास करने के बाद ब्यूटी पॉर्लर का काम शुरू कर दिया था.

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29 दिसंबर 2017

नया हरियाणा

सोनू पंजाबन के सेक्स रैकेट के दिल्ली समेत आसपास के कई राज्यों तक फैले होने की बात सामने आई है। पुलिस रिमांड पर चल रही सोनू ने खुलासा किया कि उसके रैकेट में दिल्ली और दूसरे राज्यों की कॉलेज स्टूडेंट्स भी जुड़ी हुई हैं। पुलिस उस पर फिर से महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड ऐक्ट (मकोका) लगाने पर विचार कर रही है। इस ऐक्ट में आसानी से जमानत नहीं मिलती है।
सोनू पंजाबन ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि कॉलेज की छात्राएं अपनी मर्जी से महीने में कुछ दिन उसके लिए काम करती हैं। ग्राहक से जितनी रकम मिलती है, उसमें से 6000 रुपये लड़कियों को मिलते हैं। बाकी बची रकम दलाल और वह बराबर बराबर बांट लेते हैं। लड़कियां उसके संपर्क में कैसे आती हैं, इस पर सोनू ने बताया कि कुछ लड़कियां सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे उससे संपर्क कर लेती हैं, कुछ लड़कियां दलालों के माध्यम से आती हैं। इतना ही नहीं वह दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों से बहला-फुसलाकर लाई गई नाबालिग लड़कियों को खरीदकर उनसे भी देह व्यापार कराती है। 
सोनू पंजाबन यानी काले धंधे में ‘स्मार्ट-दिमाग’! दिल्ली में सेक्स रैकेट की लेडी डॉन सोनू पंजाबन इसी काले कारोबार से करोड़पति तक बन गई. सोनू पंजाबन भले ही 40 साल की उम्र पार कर गई हो लेकिन इसके बावजूद उसे सामने खड़े मर्द, लड़की-औरत को अपनी पर्सनैलिटी और बात करने की स्टाइल से पुलिस समेत किसी को भी चंद मिनट में आकर्षित करने का हुनर बखूबी आता है. सूत्रों के मुताबिक सोनू पंजाबन को चाहने वालों में युवाओं से लेकर अधेड़ उम्र तक के लोग शामिल हैं.
देश में देह व्यापार वैध नहीं है. शायद इसीलिए वैध से कहीं ज्यादा अनुपात में यह धंधा 'अवैध' रूप से फल-फूल रहा है. जैसा दाम, बदले में वैसी ही लड़की. जैसी लड़की और ग्राहक वैसा ही इलाका और भोग-विलास की सुविधा. कुल जमा दिल्ली और उसके आसपास (गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा इत्यादि) के इलाके में अवैध सेक्स (देह-व्यापार) का धंधा सुनियोजित तरीके से फल-फूल रहा है.
झोपड़ी से कोठी तक बिछा सेक्स कारोबार. 'कमाऊ-काले-कारोबार' ने शायद ही किसी कोने को बख्शा हो. झुग्गी-झोपड़ी से लेकर आलीशान इमारतों (कोठियों) तक इस घिनौने धंधे के पांव पसर चुके हैं. झुग्गी-झोपड़ी गली-मोहल्ले में बदनाम कारोबार से जुड़ी लड़की या औरत अगर कम कीमत में उपलब्ध है तो कोठी-फार्म हाउस में कीमत (कीमत उम्र और खूबसूरती देशी-विदेशी पर डिपेंड होती है) दो हजार से पचास हजार-एक लाख तक भी हो सकती है. 
काले धंधे में भी विश्वास सबसे ऊपर, क्योंकि विश्वास के बिना यह धंधा फल-फूल ही नहीं सकता. इस धंधे में विश्वास की कीमत पैसे से भी ज्यादा होती है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, काम को अंजाम देने के लिए लड़कियों को ड्रग्स तक दी जाती है। ऐसी लड़कियां हमेशा दलालों की गहन निगरानी में रहती हैं। पूछताछ में कुछ और दलालों के नाम सामने आए। इन सभी को अरेस्ट किया जाएगा।
मकोका से हो चुकी है बरी 
कई साल से देह व्यापार का रैकेट चला रही सोनू पर पुलिस ने साल 2011 में मकोका लगाया था। कई साल तक चले ट्रायल के बाद वह मकोका केस में बरी हो गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनू पर दोबारा मकोका लगाया जा सकता है, क्योंकि वह लगातार अपना रैकेट चला रही है। 
नाबालिग को बेचने की बात मानी 
सोनू ने पूछताछ में माना कि लक्ष्मी नगर इलाके से किडनैप हुई नाबालिग से 6 महीने तक देह व्यापार कराने के बाद उसने लखनऊ के लाला नामक दलाल को बेच दिया था। 2009 में 7वीं क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग को किडनैप करने के बाद लक्ष्मी नगर की ही एक महिला को बेचा गया। इस महिला ने लड़की को जबरन देह व्यापार में धकेला। फिर दूसरी महिला को बेचा। सोनू ने भी एक दलाल के माध्यम से लड़की को खरीदा था। लड़की को 10-12 बार अलग अलग हाथों में बेचा गया।
कैसे बनी गीता अरोड़ा सोनू पंजाबन
सोनू पंजाबन देह व्यापार के काले कारोबार में इतनी बदनाम कैसे हुई? यहां यह भी जानना जरूरी है. 1980 में हरियाणा में जन्मी गीता अरोरा ने हाई स्कूल पास करने के बाद ब्यूटी पॉर्लर का काम शुरू कर दिया था. 17 साल की छोटी उम्र में ही विजय से उसकी शादी हो गयी. विजय कुख्यात गैंगस्टर और गीता अरोरा का पहला पति था. विजय से शादी के बाद गीता उर्फ सोनू पंजाबन दिल्ली आ गयी. दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक विजय गैंगस्टर के बच्चे की सोनू पंजाबन जब मां बनने वाली थी, उसी दौरान विजय को पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया. पति की मौत के कुछ समय बाद ही सोनू के पिता की मौत हो गई. इसके बाद घरेलू, सामाजिक, आर्थिक हालात गीता के विपरीत होते चले गए. लिहाजा जिंदगी बसर करने के लिए गीता ने देह व्यापार के काले कारोबार में छलांग लगा दी.
अब तक गीता अरोरा का नाम भले ही सोनू पंजाबन न पड़ा हो मगर गीता दिल्ली में देह-व्यापार के उसूलों को बखूबी समझ चुकी थी. दौलतमंद-कामुक इंसानों की कमजोरी गीता अरोरा पकड़ चुकी थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पहले पति विजय की मौत के कुछ साल बाद ही गीता ने दिल्ली में रह रहे दो भाइयों हेमंत उर्फ सोनू और दीपक से शादी कर ली.

अपराध की दुनिया में हेमंत और दीपक दोनो भाइयों की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उन दिनों तूती बोलती थी. हेमंत - दीपक और पुलिस की टीमों के बीच अक्सर मुठभेड़ होती रहती थीं. सन 2008 में दोनो कुख्यात भाइयों हेमंत और दीपक को पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया. दोनो भाइयों की मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर भी उस वक्त गीता अरोरा का ही नाम मीडिया में उछला. कहा जा रहा था कि गीता अरोरा ने दोनो भाइयों से शादी करके उनके खौफ का लाभ लेकर देह-व्यापार के धंधे की जड़ें राजधानी और आसपास के इलाके में फैला लीं.
जब-जब सोनू पंजाबन के तीन पतियों की पुलिस मुठभेड़ में मौतें हुईं, तब-तब उंगली सोनू पंजाबन की ओर ही उठीं. यह अलग बात है कि समय के साथ बात आई गई हो गई. साथ ही पुलिस मुठभेड़ में मारे गए उसके किसी भी पति की मौत सोनू पंजाबन द्वारा की गई मुखबिरी जैसा कभी कोई आरोप सिद्ध नहीं हो सका.
 


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