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नया हरियाणा

बुधवार, 24 जुलाई 2019

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आंगनबाड़ियों में भेजे जाने वाला गेहूं और चावल में मिला घोटाला

बहुमत से प्रदेश में बनी बीजेपी सरकार का हर नेता भ्रष्टाचार मुक्त के दावे करते हैं.

Haryana Anganwadi center, scams found in wheat and rice, Khevda village of Sonipat, naya haryana, नया हरियाणा

1 जनवरी 2019



नया हरियाणा

बहुमत से प्रदेश में बनी बीजेपी सरकार के सारे नेता भ्रष्टाचार से मुक्ति के दावे करते हैं. और कहते हैं कि हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन प्रदेश की जनता को दिया है. लेकिन भ्रष्टाचार के दावे एक बार फिर खोखले साबित हुए. क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जिसके कारण आंगनवाड़ियों में भेजे जाने वाले अनाज में ही घोटाला सामने आया है. यह घोटाला ग्रामीणों की जागरूकता के कारण पकड़ा गया है. सोनीपत के खेवड़ा गांव के आंगनबाड़ी में पहुंचने वाले अनाज में गोलमाल सामने आया है.

जिसमें 50 किलो की गेहूं की बोरी में 42 किलो गेहूं और 50 किलो चावल की बोरी में 40 किलोग्राम चावल मिला है . पूरे मामले के बाद ग्रामीणों ने हंगामा किया और प्रशासन से न्याय की मांग की है. लेकिन डीसी एसडीएम या फिर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कोई भी कुछ भी बताने से अपने पीछे हटा रहा है.

 सोनीपत के खेड़ा गांव की आंगनबाड़ी जहां पर मासूम बोलना चलना और खाना पीना सीखता है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने इन मासूमों के खाने में ही गोलमाल कर दिया. आपको बता दें कि गेहूं की एक बोरी में 8 किलोग्राम और चावल की एक बोरी में 4 किलोग्राम अनाज कम पहुंचा है. ग्रामीणों ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं. इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग की है.

जहां एक तरफ ग्राम में बढ़ते हुए हैं और जल्द से जल्द जांच की बात कह रहे हैं. वहीं जब मीडिया प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा तो कोई भी अधिकारी पहले तो दफ्तर में ही नहीं मिला.. जो मिला उसने अपने ऊपर से ही बात टाल दी ..सोनीपत डीसी और एसडीएम ने भी इस मामले में सिर्फ इतना ही कहा कि उनके मामले संज्ञान में ही नहीं है.

एक बार फिर अधिकारियों की लापरवाही कहें या कमिशन का खेल लेकिन भ्रष्टाचार के सामने सरकार एक बार फिर फेल हुई है. बहरहाल अब देखना होगा कि प्रशासनिक अधिकारी और सरकार कब तक इस मामले में अपनी जांच पूरी कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे या सिर्फ एक फाइल बनाकर कोने में फेंक दी जाएगी.


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