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नया हरियाणा

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

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जींद उपचुनाव : जानिए किस पार्टी से कौन-कौन हैं दावेदार

जींद उपचुनाव को लेकर सभी दलों के नेताओं ने लॉबिंग करनी शुरू कर दी है।

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1 जनवरी 2019

नया हरियाणा

हर पार्टी के नेताओं के तरफ से खुद की टिकट पक्की करने के लिए लॉबिंग शुरू कर दी गई है और इस लॉबिंग में कौन कामयाब होता है, यह आने वाला समय बताएगा और किस पार्टी का जींद उपचुनाव में पताका फहराएगा, ये तय जनता को करना है।
भाजपा की तरफ से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के टोटल टीवी पर दिए एक इंटरव्यू के अनुसार जींद से दिवंगत विधायक स्व:हरिचंद मिड्ढा के सुपुत्र डॉ कृष्ण मिड्ढा का नाम प्रत्याशी के तौर पर लगभग तय है। उनसे अलग हल्के में उनसे अधिक मजबूत भाजपा उम्मीदवार कोई नही है।

कांग्रेस जिसकी मेयर चुनाव के बाद मौजूदा समय में हालात काफी कमजोर नज़र आ रही है वो भी उपचुनाव में अपनी खोयी हुई साख वापिस पाने के लिए किसी मज़बूत उम्मीदवार को उतारने की सोचेगी। लेकिन ऐसा कोई भी उम्मीदवार उसके पास नज़र नही आ रहा। पिछले 4 साल से लगातार हल्के में उपस्थिति दर्ज करवाने वाले प्रमोद सहवाग के अलावा तंवर गुट की तरफ से रघुबीर भारद्वाज भी अपनी दावेदारी जता रहे है। सुरजेवाला खेमे की तरफ से सुधीर गौतम। जबकि हुड्डा गुट की तरफ से ये लिस्ट और अधिक लंबी है।
ऋषिपाल सिहाग
सतपाल ढांडा
सुरेश गोयत
लक्ष्य ग्रुप के चेयरमैन बलजीत रेढू
पूर्व विधायक बृजमोहन सिंगला के पुत्र अंसुल सिंगला
इन सब का नाम प्रमुख रूप से आगे हैं,  जबकि बिश्नोई गुट से राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत के करीबी माने जाने वाले रमेश सैनी ताल ठोक सकते हैं.

सही बात तो ये है कि कोंग्रेस को पहले अपनी ही पार्टी में चुनाव करना पड़ेगा उम्मीदवार ढूंढने के लिए पिछली बार 2014 चुनाव में जींद से कोंग्रेस पार्टी की तरफ से टिकट मांगे वालों की संख्या लगभग 38 के करीब थी। जो इसकी हार का मुख्य कारण रही थी क्योंकि हर उम्मीदवार टिकट काटे जाने से नाराज़ था।
इनेलो हरियाणा का मुख्य विपक्षी दल जो आपसी फूट के बाद अब तीतर बितर से नज़र आ रहा है दुष्यन्त चौटाला के अलग से पार्टी बनाने के बाद एक बडा धड़ा दुष्यन्त चौटाला की नई पार्टी जजपा की तरफ चला गया है। उसके बाद से इनेलो के पास मज़बूत उम्मीदवारो का टोटा नज़र आ रहा है इसलिए ऐसी भी संभावित उम्मीदवारो की सूची में -
उमेद लोहचब
भूपेंद्र जुलानी
सतीश जैन
और रामपाल माजरा के साथ निजी संबंधों के चलते बलजीत रेढू इनेलो से ताल ठोक सकते हैं. ऐसी भी अफवाह आज कल चल रही है कि इनेलो यह सीट बसपा को दे सकती है मगर ऐसी संभावना कम ही नज़र आ रही है। अगर बसपा के खाते में यह सीट आती है तो सुमेर चाबरी लगभग तय उम्मीदवार है।
अब जिक्र आता है प्रदेश की नई नवेली पार्टी जजपा का जिसकी तरफ से भाई प्रदीप गिल का नाम प्रमुखता से आगे है.  उसके बाद पूर्व मंत्री मांगेराम गुप्ता या उनके पुत्र महावीर गुप्ता के अलावा. इनेलो में हल्का अध्यक्ष के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके भाई विकास सिहाग. और ऐसी बातें भी सुनने में आ रही है कि आम आदमी पार्टी के नेता लक्ष्मीनारायण बंसल भी आप को अलविदा कहकर जजपा का दामन थाम चुके है वो भी अपनी दावेदारी पेश करेंगे। कुछ समय पहले जींद से सामाजिक कार्यकर्ता सुनील वशिष्ठ के घर दुष्यन्त चौटाला का लंच भी चर्चा का विषय बना हुआ है
आम आदमी पार्टी जिसके मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वैसे तो पहले ही कह चुके है आप जींद उपचुनाव नही लड़ेगी। मगर फिर भी किसी संभावना से इनकार नही किया जा सकता। चुनाव लड़ने की स्थिति में आप पार्टी से लक्ष्मीनारायण बंसल के पार्टी छोड़ने की स्थिति में राजकुमार गोयल एकमात्र उम्मीदवार नज़र आ रहे है।
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी जिसके मुखिया भाजपा में रहते हुए भी भाजपा के नही है उसकी तरफ से जींद हल्के से सबसे प्रबल उम्मीदवार भाई विनोद सैनी जो वर्तमान में जिला पार्षद भी है सबसे आगे है 
उसके बाद नाम आता है विनोद आशरी जी का है जो कुछ समय पहले ही कोंग्रेस के हुड्डा गुट को अलविदा कहकर लोकतंत्र पार्टी से जुड़े है. एक अन्य नाम जो मुझे नही पता कोई प्रजापति जी है इन 3 नामों के अलावा और कोई उम्मीदवार ठोस नज़र नही आ रहा। आज़ाद उम्मीदवार के तौर पर भाई सुनील वशिष्ठ जी अपनी दावेदारी ठोक सकते हैं। अब देखने वाली बात ये है कि किस उम्मीदवार को कौन सी पार्टी टिकट देगी और किसके भाग्य में क्या लिखा है ये आने वाले 2-4 दिन में तय होने की संभावना है. जबकि जीत का सेहरा किस के सर बंधेगा ये आने वाली 31 जनवरी को तय होगा।
मगर इतना जरूर कहा जा सकता है कि वर्तमान में सारे समीकरण भाजपा पार्टी के उम्मीदवार कृष्ण मिड्ढा के पक्ष में नज़र आ रहे हैं.

(फेसबुक से साभार)


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