Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

बुधवार, 16 जनवरी 2019

पहला पन्‍ना English सर्वे लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

शिकोहपुर जमीन घोटाला : पूर्व सीएम हुड्डा और वाड्रा मामले की जांच करेगी एसआईटी

जिस किसान से साढ़े 7 करोड़ की जमीन खरीदी थी, उसने आजतक चैक कैश नहीं किया है.

Shikohpur land scam, former CM Hooda, Robert Vadra, will investigate the matter of SIT, naya haryana, नया हरियाणा

30 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

पूर्व सीएम हुड्डा और सोनिया गांधी के दामाद की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. हरियाणा सरकार ने इनके मामले में एसआईटी को जांच के आदेश दे दिए हैं.

क्या है पूरी शिकायत का मामला

दिल्ली जयपुर हाईवे के किनारे गांव शिकोहपुर में लक्ष्य बिल्टेक नामक रियल एस्टेट कंपनी के पास 15 बीघा जमीन थी. इसे 8 जून 2006 को ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज ने खरीद लिया था. इसमें से 5 बीघा 13 बिस्वा यानी साढ़े तीन एकड़ जमीन स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी (जिसके निदेशक सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा) ने 12 फरवरी 2008 को ओंकारेश्वर प्रॉपर्टी से खरीद लिया. इस जमीन का सौदा साढे 7 करोड़ रुपए में तय किया गया था.

शिकायत है कि सौदे को लेकर जो चेक दिए गए थे वह खाते में जमा ही नहीं हुए. स्टांप ड्यूटी के रूप में 45 लाख रुपए भी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के खाते से सरकार के खजाने में जमा नहीं कराए गए. जमीन खरीदने के बाद स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से कमर्शियल लाइसेंस हासिल कर लिया .यह भी शिकायत है कि नियमों को ताक पर रखकर लाइसेंस दिया गया. इसके बाद स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की ओर से पूरी जमीन 18 सितंबर 2012 को 58करोड़ रुपए में डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को बेच दी गई.

एसआईटी करेगी जांच

हरियाणा में शिकोहपुर जमीन घोटाले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. जांच तेजी और बारीकी से हो इसके लिए पुलिस आयुक्त केके राव ने मानेसर के पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में विशेष जांच दल अर्थात एसआईटी का गठन कर दिया है. इस स्तर के मामले की जांच अमूमन सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी को दी जाती है. लेकिन इस मामले के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. ताकि किसी स्तर पर कमी ना रहे.

इसी साल 1 सितंबर को नूंह जिले के राठीवास निवासी सुरेंद्र शर्मा ने रॉबर्ट वाड्रा एवं भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर कंपनी डीएलएफ और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ खेड़की दौला थाने में मामला दर्ज करवाया था. नियमानुसार पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य होता है. लिहाजा जांच शुरू करने के लिए पुलिस आयुक्त ने सरकार से अनुमति मांगी थी. अनुमति मिलते ही न केवल जांच शुरू कर दी गई है बल्कि एसआईटी का भी गठन कर दिया गया है. फिलहाल मामले से संबंधित कागजात जुटाए जा रहे हैं. सभी कागजात उपलब्ध होने के बाद पूछताछ का दौर शुरू होगा. जरूरी हुआ तो आरोपियों को एसआईटी पूछताछ के लिए बुला सकती है.

 


बाकी समाचार