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नया हरियाणा

गुरूवार, 21 मार्च 2019

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'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के ट्रेलर ने गरमाई सियासत

लगता है ट्रेलर पर ही प्राइम मिनिस्टर का सियासी एक्सीडेंट हो गया

Trailer for 'The Accidental Prime Minister', naya haryana, नया हरियाणा

29 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राजनीतिक जीवन पर बनी फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के ट्रेलर लॉन्च ने ही सियासी विवाद खड़ा कर दिया है. जहाँ कांग्रेस ने इसे पार्टी के खिलाफ भाजपा का दुष्प्रचार बताया वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की फ़िल्म विरोध की पुरानी आदत बता रही है. ट्रेलर रिलीज के बाद ही भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने बयानबाजी करती दिख रही है. दरअसल यह फ़िल्म पूर्व पीएम के मीडिया सलाहकार संजय बारू की किताब पर बनी है. 2014 में  'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' किताब के प्रकाशित होने पर भी सियासी भूचाल मचा था. अब इस पर फ़िल्म का बनना कांग्रेस के लिए चुनौती का विषय है जिसे जनवरी 2019 में यानी चुनावों से पहले रिलीज किया जा रहा है. वीरवार को मुंबई में इस फ़िल्म के ट्रेलर ने ही राजनीतिक माहौल गरमा दिया. देर रात  भाजपा के टि्वटर हैंडल से कांग्रेस का नाम लिए बिना तीखे कमेंट आने शुरू हो गए. जिस पर राहुल गांधी और मनमोहन सिंह अभी चुप्पी साधे हुए हैं.  लेकिन कांग्रेस इस फिल्म को लोगों का ध्यान भटकाने का फर्जी प्रोपोगेंडा बता रही है. यह फिल्म 2004 से 2008 के बीच तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को केंद्र में रखकर बनाई गई है. फिल्म का ट्रेलर ट्वीट करते हुए भाजपा ने अपने कमेंट में बताया कि कैसे एक परिवार ने दस सालों तक देश को बंधक बनाकर रखा. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या डॉ मनमोहन सिंह सिर्फ तब तक पीएम की कुर्सी पर थे जब तक उनका सियासी उत्तराधिकारी तैयार न हो जाए? जिसे बखूबी सोनिया गांधी का किरदार निभा रही ऐक्टर द्वारा बोला दिखाया गया है. दरअसल इस ट्रेलर में जिस सीन्स को चुना गया है वह इस सियासी जंग में आग भड़काने का काम कर रहे हैं. 
महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि रिलीज से पहले यह फिल्म उन्हें दिखाई जाए. वरना वह यह फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे. कांग्रेस सांसद पीएल पुनिया ने कहा कि यह सब भाजपा का खेल है.  भाजपा लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है. तो वहीं रणदीप सुरजेवाला ने कहा, कि इस प्रकार के फर्जी प्रचार के बावजूद भी हम मोदी सरकार से ग्रामीण संकट, भारी बेरोजगारी, नोटबंदी आपदा, त्रुटिपूर्ण जीएसटी और विफल मोदीनॉमिक्स पर सवाल पूछना नहीं रोकेंगे. राजस्थान की सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि यह फ़िल्म कांग्रेस के खिलाफ है लेकिन यह दुष्प्रचार काम नहीं करेगा और सच की जीत होगी.
भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि पहले भी अन्य फिल्मों के साथ ऐसा हुआ है. दिवंगत इंदिरा गांधी के समय में फिल्म 'आंधी' को प्रतिबंधित कर दिया गया था. जवाबी हमला करते हुए कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिल्म 'फेंकू प्राइम मिनिस्टर' बनाने की घोषणा कर दी है. पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता और प्रवक्ता राजकुमार वेरका ने कहा कि फिल्म 'एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' में अनुपम खेर ने जिस तरह देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी पर व्यंग्य किया है वह सही नहीं है. अनुपम खेर की यह फिल्म सीधे तौर पर कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए बनाई गई है. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं. उसे लेकर वे खुद एक स्क्रिप्ट लिख रहे हैं और फिल्म की शूटिंग जनवरी-फरवरी में शुरू करेंगे. 
केंद्रीय सूचना व प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि कांग्रेस स्वतंत्रता के पक्षधर रही है तो अब वह उसी आजादी पर सवाल क्यों उठा रही है? वहीं मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे अनुपम खेर का कहना है कि हम तथ्यों को बदल नहीं सकते. यह किताब उस समय डॉ मनमोहन सिंह के काफी करीबी रह चुके संजय बारू द्वारा लिखी गई है. जिसे बुक रिलीज के समय भी कॉन्ट्रवर्सी झेलनी पड़ी थी. ऐसे में फ़िल्म का बनना विवादित तो होना ही है. अनुपम खेर ने यह भी कहा कि यह फिल्म ऑस्कर के लिए जानी चाहिए लेकिन इस पर विवाद शुरू हो गया है. आज से 25 साल बाद जब फिल्मों का इतिहास लिखा जाएगा तो इस फिल्म का नाम पहले लिया जाएगा. फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने इस फिल्म के विवाद को लेकर कहा कि पिछले साल आपातकाल पर आधारित मेरी फिल्म 'इंदु सरकार' का भी विरोध हुआ था. ऐसे में यह फ़िल्म तो एक किताब पर आधारित है. जब इस पुस्तक पर विवाद नहीं हुआ तो फ़िल्म पर विवाद क्यों हो रहा है? वहीं सेंसर बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष प्रसून जोशी का इस फिल्म को लेकर यह नजरिया है कि भारत में सियासी किरदारों पर फिल्में बनाने के लिए संबंधित लोगों की अनुमति लेना जरूरी नहीं है. बस डिस्क्लेमर डालने से काम चल सकता है. 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' का ट्रेलर कई मायनों में दर्शनीय है. पहली बार इसमें जो भी किरदार दिखाए गए हैं उनका नाम बदलने या उन्हें किसी और काल्पनिक दुनिया में पेश करने की कोई जरूरत नहीं की गई. निर्देशक विजय रत्नाकर गुट्टे ने इस लिहाज से जिगर वाला काम किया है.


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