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बुधवार, 16 जनवरी 2019

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जानिए जींद उपचुनाव में इनेलो के कौन हो सकते हैं प्रत्याशी

जींद उपचुनाव इनेलो के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है.

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25 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

जींद में प्रस्तावित विधान सभा के उप-चुनाव को लेकर सुभाष बराला ने कार्यकर्ताओं की टॉप सीक्रेट मीटिंग को जींद के कार्यालय में संबोधित किया. उन्होंने फरवरी में चुनाव के संकेत दिए. कहा कि चुनाव आयोग द्वारा तारीख घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री बीरेंदर सिंह, उचाना से बीजेपी विधायक प्रेम लता, महामंत्री संजय भाटिया, जिला अध्यक्ष अमर पाल राणा और जिला स्तर के सभी कार्यकर्ता इसमें मौजूद रहे.

ऐसे में इनेलो की तरफ से जींद उपचुनाव का प्रत्याशी कौन हो सकता है, इसको लेकर कयास बढ़ते जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रदीप गिल को अगर जेजेपी(जननायक जनता पार्टी) की तरफ से टिकट नहीं मिली तो वो इनेलो में घर वापसी कर सकते हैं और उन्हें इमान स्वरूप टिकट मिल भी सकती है.

जुलाना से विधायक परमिंद्र ढुल के बेटे वकील रविंद्र ढुल के टिकट मांगने के चर्चे सोशल मीडिया पर चल रहे हैं. उनके दादा दल सिंह जींद से विधायक रह चुके हैं. वैसे यह बात जगजाहिर है कि पिता का मोह भले ही अभय सिंह चौटाला में हो, पर वकील बेटे का मोह सांसद दुष्यंत चौटाला में रहा है. हो सकता है कि टिकट न मिलने का बहाना बनाकर वो इनेलो से पलायन करके जेजेपी का दामन थाम लें. राजनीति में किसी भी संभावना से कभी इंकार नहीं किया जा सकता. जेजेपी की रणनीति को देखते हुए साफ लग रहा है कि वो ओमप्रकाश चौटाला की रणनीति पर चलते हुए गैर जाट को जींद उपचुनाव में टिकट देगी. कांग्रेस भी लगभग इसी रणनीति पर चलेगी. देखना यह होगा कि इनेलो और बीजेपी किसे टिकट देगी.

मांगेराम गुप्ता से इनेलो से चुनाव लड़ने की संभावनाएं थी, परंतु ये संभावनाएं इनेलो और जेजेपी के अलग से होने के साथ ही खत्म हो गई. मांगेराम गुप्ता के बेटे महावीर गुप्ता अब जेजेपी से टिकट मांग रहे हैं. शहर के अलावा करीब 33 गांव हैं, जींद विधानसभा में. जींद में जातिगत समीकरणों को देखें तो जाट वोट लगभग 40 हजार हैं, उसके बाद बणिया, ब्राह्मण, पंजाबी और सैनी बहुलता में वोटर हैं. करीब सवा दो लाख के आसपास वोटर हैं. 

भूपेंद्र जुलानिया का नाम भी चल रहा है. हो सकता है अभय सिंह जींद शहर के किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति को टिकट देकर इनेलो-बसपा का  प्रत्याशी बना दें या इनेलो खुद के बजाय यहां से बसपा को टिकट देकर उन्हें चुनाव में उतरने के लिए कहे. राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता. जींद से ऐसी बातें चर्चाओं में हैं कि इनेलो के 10 वोटरों में से 6 का समर्थन दुष्यंत की तरफ जाता हुआ दिख रहा है और 4 का अभय सिंह चौटाला की तरफ. वर्तमान परिस्थितियों में इनेलो की हालत सबसे कमजोर नजर आ रही है. पहले नंबर पर कांग्रेस लग रही है, दूसरे पर बीजेपी और तीसरे पायदान पर जेजेपी और चौथे पायदान पर इनेलो. हालांकि चुनाव के समय ये समीकरण बदलते नजर आ सकते हैं.

 


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