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नया हरियाणा

सोमवार , 25 मार्च 2019

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जानिए जींद उपचुनाव में जननायक जनता पार्टी से कौन हो सकते हैं प्रत्याशी

जींद उपचुनाव में लड़ना पार्टी के लिए हर हालत में फायदेमंद रहने की उम्मीद है।

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24 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

जींद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हरियाणा के जींद जिले में स्थित एक विधान सभा क्षेत्र है। यह सोनीपत लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। 2014 में जींद से डॉ हरि चंद मिड्ढा विधायक बने थे। अब उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव होने जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में जींद उपचुनाव की घोषणा हो सकती है और फरवरी के पहले सप्ताह में चुनाव होने की उम्मीद की जा रही है।

यूं तो जींद उपचुनाव हर पार्टी के लिए एक जरूरी चुनाव होगा, पर जननायक जनता पार्टी के लिए सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण चुनाव रहेगा। 5 नगर निगम चुनावों में भले ही बीजेपी ने पांचों पर जीत दर्ज की हो, परंतु असली परीक्षा जींद उपचुनाव ही मानी जाएगी. खासकर विपक्षी पार्टियों के लिए यह चुनाव आगे का भविष्य तय करने में काफी निर्णायक रहेगा।

खासकर वर्तमान बीजेपी सरकार नीतियों के प्रति जनता को कितना पसंद करती है या खारिज करती है, इसकी असली परीक्षा इन उपचुनावों में हो जाएगी. अगर बीजेपी ने यह उपचुनाव भी जीत लिया तो मनोहर सरकार की कार्यशैली पर जनता की मोहर लग जाएगी। दूसरी तरफ हार हिस्से में आई तो पार्टी को आत्ममंथन करने जरूरत पड़ेगी।

बीजेपी, कांग्रेस, इनेलो, जननायक जनता पार्टी, लोकतंत्र सुरक्षा मंच पार्टी( राजकुमार सैनी) और आम आदमी पार्टी(यदि उपचुनाव लड़ा) मुख्य पार्टियों ने कमर कस ली है। जींद उपचुनाव इसलिए भी अहम् है क्योंकि 2019 में हरियाणा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। अब इस चुनाव में जो पार्टी जीत हासिल करती है। उसका पूरा असर 2019 के चुनाव में देखने को मिलेगा। इसलिए कोई भी पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

जननायक जनता पार्टी से कौन बनेगा प्रत्याशी

युवा नेता दुष्यंत चौटाला और पार्टी ने भले ही 5 नगर निगम चुनावों से दूरी बना ली थी, परंतु इन उपचुनावों में दूरी बनाना उनके राजनीतिक भविष्य के खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि जिस जींद से पार्टी ने आगाज किया है, वहां से जीत का परचम लहराना उतना ही जरूरी है। पहले चुनाव में अगर पार्टी दूसरे या तीसरे नंबर पर भी पहुंच जाती है तो इसे अच्छा आगाज माना जाएगा। वैसे भी राजनीति में जो खतरे उठाते हैं वो ही लंबे चलते हैं। 

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पार्टी के हितों और युवा चेहरों पर दांव खेलने का विचार हो तो जननायक जनता पार्टी के लिए सबसे सटीक प्रत्याशी दिग्विजय चौटाला रहेंगे। जींद के युवाओं को नई उम्मीद और नए सपनों के आधार पर एकजुट करने में आसानी रहेगी। दूसरी तरफ इनेलो से वर्करों को खींचकर लाने में आसानी रहेगी। पार्टी वर्कर सहानुभूति और जीत की उम्मीद में इनेलो से खिसककर जेजेपी की तरफ आ सकता है।

इनेलो में जो कमियां बताकर जेजेपी पार्टी बनी है, वो कारण है शहरी वोटर। शहरी वोटर पार्टी और पार्टी के नेताओं में कितना विश्वास करता है। इसकी भी पड़ताल हो जाएगी। जींद सीट को जाटों का गढ़ माना जाता है। ऐसे में यहां से अगर विजयी शुरूआत करती है तो इसका असर पूरे हरियाणा पर पड़ना स्वाभाविक है। दिग्विजय चौटाला को आने वाले विधानसभा में अपना पहला चुनाव लड़ना ही है। ऐसे में ये उपचुनाव अभ्यास मैच की तरह भी खेला जा सकता है।

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दूसरी तरफ पार्टी प्रदीप गिल पर भी दांव लगा सकती है। क्योंकि युवा इनेलो के प्रदेश प्रभारी प्रदीप गिल ने अपनी नियुक्ति के 11 दिन बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि डॉ. अजय चौटाला को इनेलो से निष्कासित कर दिया गया। इसी से आहत होकर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में खुद की पार्टी के भीतर सकारात्मक संदेश देने के लिए इन्हें टिकट दी जा सकती है। जिसका फायदा ये होगा कि इनेलो या अन्य दलों से आने वाले नेताओं का विश्वास टिकट मिलने के प्रति बढ़ जाएगा।

पिछले दिनों सांसद दुष्यंत चौटाला ने पूर्व मंत्री मांगेराम गुप्ता के निवास पर जाकर चर्चा की थी। माना जा रहा है कि गुप्ता उपचुनाव में प्रत्याशी हो सकते हैं। मांगेराम गुप्ता कांग्रेस की टिकट पर 2000 और 2005 में कांग्रेस की टिकट पर विधायक रह चुके हैं। पंरतु दुष्यंत चौटाला ने ये मुलाकात तब की थी, जब वो इनेलो में थे, ऐसे में अब मांगेराम गुप्ता से बात बनना मुश्किल लग रहा है।  

ऐसे में देखना यह होगा कि पार्टी उपचुनाव में चुनाव लड़ती है या नहीं। चुनाव लड़ने में पार्टी का सिंबल मिलना जरूरी है। उम्मीद की जा रही है दिसंबर के अंत तक पार्टी को सिंबल मिल जाएगी। ऐसे में जेजेपी की भविष्य के प्रति क्या रणनीति रहती है यह उपचुनाव से पता चल जाएगा।

 


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