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नया हरियाणा

शुक्रवार, 24 मई 2019

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उज्ज्वला में अब मिलेगा मिथेनॉल गैस सिलेंडर एलपीजी के मुकाबले सुरक्षित व काफी सस्ता

नीति आयोग के सदस्य और वैज्ञानिक डॉ वीके सारस्वत ने यह जानकारी दी कि खाना बनाने के ईंधन के रूप में मिथेनॉल गैस का परीक्षण हो चुका है.

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18 दिसंबर 2018



नया हरियाणा

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में एलपीजी की जगह मिथेनॉल  गैस के कनेक्शन दिए जाने पर विचार चल रहा है. इसके लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलकर काम करना शुरू कर दिया है. अगले तीन-चार महीने में मिथेनॉल गैस से भरे सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, वाराणसी आदि जिलों की पहचान हो चुकी है जहां गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों को 20,000 मिथेनॉल गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके साथ ही असम सरकार ने भी वहां पचास हजार घरों में मिथेनॉल गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना बनाई है.
नीति आयोग के सदस्य और वैज्ञानिक डॉ वीके सारस्वत ने यह जानकारी दी कि खाना बनाने के ईंधन के रूप में मिथेनॉल गैस का परीक्षण हो चुका है. इस इंधन का परीक्षण इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसंधान एवं विकास डिवीजन में करीब 6 महीने तक हुआ. यह गैस एलपीजी के मुकाबले न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि इसका कैलोरीफिक वैल्यू भी LPG के ही बराबर है. साथ ही है एलपीजी गैस के मुकाबले काफी सस्ता है. जहाँ 14 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत बगैर सब्सिडी करीब 1000 रुपये है वहीं मिथेनॉल गैस से भरे सिलेंडर की कीमत करीब 600 रुपये ही  है.
डॉ. सारस्वत का कहना है कि वर्ष 2020 तक यहां हर साल 100 लाख टन मिथेनॉल की खपत होगी. इसके लिए यहां कोयला से ही मिथेनॉल बनाने की योजना है. कोयले की कमी न पड़े इसके लिए 14 कोयला ब्लॉक भी चिन्हित कर लिए गए हैं. इन ब्लॉकों को मिथेनॉल गैस बनाने वाली कंपनियों को आवंटित किया जाएगा. नीति आयोग के मुताबिक इस समय राष्ट्रीय केमिकल एंड फर्टिलाइजर(RCF),  गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स लिमिटेड(GNFC), असम पेट्रोकेमिकल्स और गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड(GSFC) मिथेनॉल गैस का उत्पादन कर रही हैं. यह सभी कंपनियां मिथेनॉल गैस बनाने के लिए फीडस्टॉक के रूप में प्राकृतिक गैस का उपयोग करती हैं. यह गैस आयात के जरिए आती है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब यह गैस सस्ती होती है तो यह यहाँ ज्यादा मात्रा में मिथेनॉल गैस बनाई जाती है और जब यह गैस महंगी होती है तो मिथेनॉल का उत्पादन घट जाता है. अब मिथेनॉल गैस को खाना बनाने के ईधन के रुप में इस्तेमाल किए जाने की योजना है. तो विदेशों से ही मिथेनॉल गैस का आयात किया जाएगा. इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिथेनॉल गैस की कीमत घटकर 20 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. जबकि 1 महीने पहले ही यह 32 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी.


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