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नया हरियाणा

रविवार, 21 जुलाई 2019

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जायका हरयाणे का : फरीदाबाद की मशहूर बिल्लू लस्सी

हरियाणा के 'मैनचेस्टर' के नाते फरीदाबाद में पंजाबियत हावी है।

Jaykya Haryana, famously known as Badlu Lassi of Faridabad, has been dominated by Faridabad as the Manchester of Haryana., naya haryana, नया हरियाणा

16 दिसंबर 2018



नया हरियाणा

हरियाणा के 'मैनचेस्टर' के नाते फरीदाबाद में पंजाबियत हावी है। फरीदाबाद के एक हिस्से में पहुंचते ही खान-पान, रिहायशी, भाषा संस्कृति में पंजाब की खुशबू महसूस होने लगती है। दरअसल इसकी खास वजह है- दिल्ली से सटे होना। इस शहर में देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से विस्थापित लोगों को विशेष तौर से बसाया गया। दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर से करीब 10 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 2 के आजरौंदा चौक पर बना एक फ्लाईओवर, पंजाब के विस्थापितों के लिए बसाए गए एनआईटी नाम से मशहूर फरीदाबाद के न्यू इंडस्ट्रियल टाउन को जोड़ता है। समय के साथ यहाँ से उद्योग धंधे तो हट गए पर इलाके में पंजाब की महक आज भी पहले की तरह बरकरार है। इस महक को गहरा करती है- बिल्लू की लस्सी। लस्सी देखने में भले ही आम पंजाबी लस्सी जैसी है, पर जाड़े के मौसम में यहां लगने वाली ग्राहकों की भीड़ बताती है कि इसमें कुछ खास जरूर है। बॉलीवुड की सूफी गायिका ऋचा शर्मा और गायक सोनू निगम  एनआईटी से हैं।  दुकान चलाने वाले सतपाल बताते हैं कि दोनों लड़कपन में यहां रोज आया करते थे और अब भी यहां आने पर लस्सी मंगवाना नहीं भूलते।
फरीदाबाद में बिल्लू लस्सी की दुकान 1965 में सतपाल के दादा सरदार ईश्वर सिंह ने खोली थी। पहले यह चाय का खोखा हुआ करता था जहाँ केवल गर्मियों में लस्सी बिकती थी। बाद में खोखे ने पक्की दुकान की शक्ल ले ली और चाय की जगह लस्सी बिकने लगी। शाम के समय यहां कड़ाही में खोलते मलाईदार दूध का आनंद लेने वाले बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
बिल्लू लस्सी भी आम लस्सियों की तरह ही दही, शक्कर, बर्फ और रूहआवजा से बनाई जाती है। लेकिन पीने पर जुबान पर आने वाला टेस्ट मानो कभी मिटता ही नहीं। सतपाल का दावा है कि फरीदाबाद में खाने-पीने का शायद ही ऐसा कोई शौकीन हो, जिसने उनकी लस्सी न चखी हो। फरीदाबाद का कोई व्यक्ति चाहे दूसरे शहर जाकर रहने लगे मगर यहां आने पर एक बार ही सही लस्सी पीने जरूर आता है।
सतपाल ने बताया कि ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने अलग से अपनी एक डेयरी भी बना ली है। इसके दूध से ही लस्सी बनती है। गर्मियों में मांग बढ़ने पर कई बार दूध की तंगी हो जाती है। इसके अलावा यहाँ शुद्धता को प्राथमिकता दी जाती है। लस्सी में सब कुछ प्राकृतिक होता है। रासायनिक तत्वों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। जिन्हें मीठी लस्सी पसंद नहीं, उनके लिए नमक जीरे की खास लस्सी यहां उपलब्ध है। फरीदाबाद पहुंचकर गूगल मैप पर बिल्लू की लस्सी खोजने पर आसानी से दुकान की लोकेशन भी मिल जाती है।


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