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नया हरियाणा

मंगलवार, 22 जनवरी 2019

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आर्मी कोई नौकरी देने वाली संस्था नहीं है: आर्मी चीफ बिपिन रावत

आर्मी ने 2018 को ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए सैनिकों का वर्ष घोषित किया है।

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16 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

आर्मी चीफ बिपिन रावत ने उन सैनिकों को चेतावनी दी है जो कर्तव्य से बचने या फायदा पाने के लिए बीमारी या शारीरिक लाचारी की आड़ लेते हैं। बिपिन रावत ने ऐसे लोगों को सख्त हिदायत दी है जो सेना को केवल रोजगार का एक मौका समझते हैं। उनका कहना है कि जो लोग सेना को सिर्फ रोजगार के मौके के रूप में अपनाते हैं सेना को ऐसे युवाओं की कोई जरूरत नहीं है। अगर केवल रोजगार ही चाहिए तो रेलवे में जाएं या अपना बिजनेस खोल लें। क्योंकि अगर आर्मी ज्वाइन करते हैं तो मुश्किल हालातों का सामना करने के लिए भी उन्हें हमेशा तैयार रहना होगा। बिपिन रावत ने यह बात साफ की कि सेना को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत लोगों की जरूरत होती है। न कि लाभ पाने वाले या युद्ध मे डर कर बीमारी का बहाना बनाने वाले लोगों की। बिपिन रावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि सेना कोई रोजगार देने वाली संस्था नहीं है। अपने दिमाग से यह गलतफहमी निकाल दें। भारतीय सेना नौकरी का साधन नहीं बल्कि सेना देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।
बिपिन रावत ने कहा कि वह कई ऐसे सैनिकों और अफसरों को जानते हैं जो खुद को हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, डायबिटीज से पीड़ित बताते हैं और चुनौती वाली पोस्टों पर नियुक्ति से बचना चाहते हैं। यह लोग दरअसल शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होते हैं और तनाव झेल नहीं पाते। अगर असक्षम सैनिक जबरदस्त प्रदर्शन कर सकता है, तो उन्हें शर्म आनी चाहिए। सैनिक और अफसर किन मुश्किल हालात में काम करते हैं, इस बात को सेना में भर्ती होने वाले लोगों को बखूबी जानना होगा। जो डॉक्टर आपको मेडिकल सहायता देते हैं वह भी यह जानते हैं कि जब वे सही और गलत का निर्णय लेते हैं तो कुछ लोग अदालत में जाते हैं। अदालत के फैसले के बाद सैनिक गर्व से कहते हैं कि उन्हें अक्षमता पेंशन मिली।
आर्मी ने 2018 को ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए सैनिकों का वर्ष घोषित किया है। सेना युद्ध में दिव्यांग हुए सैनिकों के बारे में ब्यौरा जुटा रही है। ताकि उनकी मदद की जा सके। रावत ने कहा कि हमारा लक्ष्य दिव्यांगों को प्रेरित करना है और उन्हें यह बताना है कि दिव्यांग का मतलब यह नहीं है कि वह कुछ नहीं कर सकते। हम उनकी हर मदद करेंगे।


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