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शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

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2जी घोटाला : रिश्वत के काफी सबूत थे, शर्म आनी चाहिए- प्रशांत भूषण

प्रशांत भूषण ने 2जी घोटाले के सभी आरोपियों के बरी होने को 'काफी गलत' करार दिया

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22 दिसंबर 2017

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दिल्ली की एक अदालत ने 2 जी घोटाले मामले में जिन 14 लोग और तीन कंपनियों पर आरोप लगा था, उन सबको बरी कर दिया है. इन लोगों के ख़िलाफ़ धारा 409 के तहत आपराधिक विश्वासघात और धारा 120बी के तहत आपराधिक षडयंत्र के आरोप लगाए गए थे लेकिन अदालत को कोई सबूत नहीं मिला है. सीबीआई के विशेष जज ओ पी सैनी ने 700 पन्नों के अपने आदेश में आरोपियों पर धोखाधड़ी, घूस लेने और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे लेकिन अदालत के सामने ये आरोप नहीं टिके.
विशेष अदालत द्वारा गुरुवार को कथित 2जी केस में सभी आरोपियों को बरी करने के बाद कांग्रेस और डीएमके ने कहा कि न्याय की जीत हुई है. वहीं, भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन 'मनमाना, दोषपूर्ण और भ्रष्ट' था और जांच एजेंसियां इस पर आगे की कार्रवाई का फैसला करेंगी.
क्या था घोटाला?
अब तक 2 जी घोटाला को भारत का सबसे बड़ा आर्थिक घपला माना जाता था. ये घोटाला साल 2010 में सामने आया जब भारत के महालेखाकार और नियंत्रक (कैग) ने अपनी एक रिपोर्ट में साल 2008 में किए गए स्पेक्ट्रम आवंटन पर सवाल खड़े किए. 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में कंपनियों को नीलामी की बजाए पहले आओ और पहले पाओ की नीति पर लाइसेंस दिए गए थे, जिसमें भारत के महालेखाकार और नियंत्रक के अनुसार सरकारी खजाने को अनुमानत एक लाख 76 हजार करोड़ रुपयों का नुक़सान हुआ था. आरोप था कि अगर लाइसेंस नीलामी के आधार पर दिए जाते तो ख़जाने को कम से कम एक लाख 76 हज़ार करोड़ रुपए और हासिल हो सकते थे.
इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि 2जी घोटाला देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक था और लोग जानना चाहते हैं कि इसका जिम्मेदार कौन था. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, "इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और संप्रग के पतन के कारणों में से एक था. आज हर कोई बरी है. क्या सीबीआई ने मामले में गड़बड़ी की? जानबूझकर? लोग इसका जवाब चाहते हैं."
भाजपा नेता और संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मनमाना, दोषपूर्ण और भ्रष्ट था. उन्होंने यह भी कहा कि राजग सरकार के कार्यकाल में स्पेक्ट्रम आवंटन से जबरदस्त प्राप्ति हुई है. सिन्हा ने कहा, "जांच एजेंसियां तय करेंगी कि अगला कदम क्या होगा. सरकार उस फैसले पर सोच विचार करेगी. सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला दे चुकी है, 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मनमाना, दोषपूर्ण और भ्रष्ट था."
उन्होंने कहा कि 2001 में सरकार ने स्पेक्ट्रम का आवंटन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर तय किया था, लेकिन 2008 में संप्रग सरकार ने स्पेक्ट्रम आवंटन पहले आओ पहले चुकाओ के तहत आवंटित किया.  सिन्हा ने कहा कि सीवीसी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर पहले की संप्रग सरकार की आलोचना की थी जबकि उन्होंने राजग सरकार द्वारा 2015, 16 के आवंटन की सराहना की थी. 

जानेमाने वकील और स्वराज अभियान के संस्थापक प्रशांत भूषण ने 2जी घोटाले के सभी आरोपियों के बरी होने को 'काफी गलत' करार दिया और कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि प्रभावशाली लोग देश की न्यायिक प्रणाली के प्रति जवाबदेह नहीं हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "बेनामी लाइसेंसों, पहले-आओ-पहले-पाओ प्रणाली में सांठगांठ और मामले में रिश्वत के काफी सबूत थे. शर्म आनी चाहिए."
2जी मामले में बरी होने पर पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने कहा कि वे निर्दोष थे और उन पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर साल 2008 में स्पेक्ट्रम आवंटन का आरोप गलत था.  राजा ने एक बयान में कहा, "मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि फैसले से पहले ही मुझे दोषी साबित किया जा रहा हो, जबकि मेरे कार्यो का फायदेमंद परिणाम जगजाहिर है, खासकर गरीबों को इससे फायदा हुआ." राजा को इस कथित आरोप में 15 महीने की जेल की सजा काटनी पड़ी. उन्होंने आरोप लगाया कि 'निहित स्वार्थो ने उनके खिलाफ आरोपों को मीडिया का फायदा उठाकर सनसनीखेज बनाया और नकली आरोप मढ़े'.
डीएमके की सांसद कनीमोझी ने कहा कि यह उनकी पार्टी के एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि 'न्याय की जीत हुई है.' फैसले की घोषणा के बाद कनीमोझी ने मुस्कुराते हुए कहा, "यह काफी दुखद अनुभव था कि आप उसके लिए आरोपी ठहराए जाएं, जो आपने किया ही नहीं और आप पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जा रहा है, जिसका आप कभी भी हिस्सा नहीं रहे."
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा 'भाजपा बेनकाब हो गई है, क्योंकि उसने देश का अपमान करने की कोशिश की थी और झूठे आरोप लगाकार सत्ता में आई थी.' सुरजेवाला ने कहा, "झूठ का खुलासा हो चुका है और कांग्रेस को बदनाम करने की भाजपा की साजिश सबके सामने आ चुकी है. यह सच्चाई की जीत है." उन्होंने कहा, "जो साजिश प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी, उनकी पार्टी के नेता अरुण जेटली, तत्कालीन सीएजी विनोद राय और अन्य भाजपा नेताओं ने रची थी, आज वह सबके सामने आ चुकी है. अदालत ने बता दिया है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में कोई भी दोषी नहीं है." सुरजेवाला ने कहा, "वे लोग, जो सत्ता हासिल करने के लिए झूठ पर झूठ बोलते रहे, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए."
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने के फैसले ने एक बड़े घोटाले में सरकार के शीर्ष नेतृत्व को शामिल करने के आरोप कभी सत्य नहीं थे.  उन्होंने कहा, "एक चीज स्पष्ट हो चुकी है कि एक बड़े घोटाले में सरकार के शीर्ष नेतृत्व को शामिल करने के आरोप कभी सत्य नहीं थे, सही नहीं थे जिसका आज खुलासा हो चुका है." 
 

(विभिन्न स्रोतो के आधार)


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