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नया हरियाणा

मंगलवार, 23 जुलाई 2019

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हरियाणा और पंजाब के किसानों का बड़ा फैसला: गांव में नेताओं की एंट्री होगी बैन

किसानों की नाराजगी का नुकसान बीजेपी 3 राज्यों के चुनाव परिणाम के तौर पर भुगत चुकी है.

Farmers of Haryana and Punjab will make a big decision, leaders of village will be banned, ignoring farmers problems, alarm bells for Modi government, naya haryana, नया हरियाणा

12 दिसंबर 2018



नया हरियाणा

भाजपा सरकार की मुसीबतें घटने का नाम ही नहीं ले रहीं। पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा को उसकी स्थिति साफ कर दी है। ऐसे में किसान भी अब सरकार के खिलाफ और आक्रमक हो गए हैं। किसानों ने अब सरकार के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों को भी आने वाले चुनावों में आड़े हाथ लेने की तैयारी शुरू कर दी। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किसान अपने गांव में नेताओं की एंट्री बैन करने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रीय किसान महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि चुनावों से पहले पार्टियां बड़े-बड़े वादे तो करती हैं लेकिन बाद में सभी वादे भुला दिए जाते हैं। किसान इन राजनीतिक पार्टियों के बहकावे में हर बार आ जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। गांव में किसान राजनीतिक पार्टियों को घुसने न देने का संकल्प-पत्र पारित करेंगे और प्रवेश द्वार पर पार्टियों को चेतावनी देता हुआ यह बैनर लगा दिया जाएगा।
राष्ट्रीय किसान महासंघ की बैठक में हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों के किसान नेता भी शामिल हुए। बैठक में जहां किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई, वहीं यह फैसला भी लिया गया कि किसान नेताओं को अब गाँव मे घुसने नहीं दिया जाएगा। किसान महासंघ के साथ 180 किसान संगठन जुड़े हैं । यह अभियान 20 दिसंबर से शुरू किया जाएगा। किसान महासंघ ने यह फैसला लिया कि आगामी चुनावों से पहले जो राजनीतिक दल शपथ पत्र के साथ अपने लेटर हेड पर किसानों की मांगों को पूरा करने का पुख्ता वादा करेगा, उसे ही गांव में घुसने दिया जाएगा।
यह वादें लिखकर देने होंगे-
1) किसानों को स्वामीनाथन आयोग के अनुसार उनकी फसल की लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य सी-2+50% के हिसाब से भुगतान किया जाएगा और देश की सभी फसलों को क्रय करने की गारंटी का कानून बनाया जाएगा।
2) देश के संपूर्ण किसानों को हर प्रकार के कर्ज से मुक्त किया जाएगा।
3) फल, सब्जी और दूध के लिए एमएसपी तय किया जाएगा।
4) देश के सभी किसानों की न्यूनतम आय ₹18000 प्रतिमाह सुनिश्चित होगी।
5) शिक्षित ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।


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