Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

रविवार, 16 दिसंबर 2018

पहला पन्‍ना English सर्वे लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

ऐलनाबाद विधानसभा का इतिहास और अभय चौटाला की तीसरी जीत

सिरसा जिले की इस विधानसभा सीट पर इनेलो का जबरदस्त कब्जा रहा है.

History of Amanabad assembly, Third victory of Abhay Chautala, Sirsa district, Elanabad assembly seat, INLD is taking a tremendous occupation, naya haryana, नया हरियाणा

8 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

अभय सिंह चौटाला 2000 में रोड़ी विधानसभा से पहली जीत दर्ज की थी. 2009 में ऐलनाबाद से उपचुनाव जीते थे और 2014 में ऐलनाबाद से तीसरी जीत अपने खाते में दर्ज की.

सिरसा जिले की इस विधानसभा सीट पर इनेलो का जबरदस्त कब्जा रहा है 1968 व 1991 को छोड़कर सभी चुनावों में यहां से उसी पार्टी का विधायक बना है जिससे देवीलाल या उनका परिवार जुड़ा हो। राजनीतिक रुप से यह सीट 2009 से ज्यादा चर्चाओं में आ गई जब यहां ओम प्रकाश चौटाला और अभय चौटाला ने चुनाव लड़ना शुरू किया। 1977 से 2005 तक आरक्षित रही इस सीट पर उस दौरान लोक दल के भागीराम पांच बार विधायक बने। उन्हें सिर्फ 1991 में कांग्रेस के मनीराम गोदारा से हार मिली थी। इनेलो की तरफ से डॉ. सुशील इंदौरा भी 2005 में यहां से विधायक बने, जो उससे पहले सिरसा सीट से सांसद थे। 2008 में सामान्य सीट बन जाने के बाद से यहां चौटाला परिवार से ही विधायक बन रहे हैं। इससे पहले 1967 में चौधरी देवीलाल के बेटे प्रताप सिंह यहां से विधायक बने थे और 1970 में हुए उपचुनाव में ओम प्रकाश चौटाला यहां से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे।

Year A.C No. AC. Name Type of A.C. Winner Sex Party Votes Runner-UP Sex Party Votes
1967 81 Ellenabad GEN P. Singh M INC 20208 L. Chand M IND 17561
1968 81 Ellenabad GEN Lal Chand M VHP 20816 Om Prakash M INC 15485
1972 81 Ellenabad GEN Brij Lal M INC 27266 Birbal M IND 15160
1977 81 Ellenabad (SC) Bhagi Ram M JNP 21769 Mani Ram M IND 14365
1982 81 Ellenabad (SC) Bhagi Ram M LKD 32341 Mani Ram M INC 26523
1987 81 Ellenabad (SC) Bhagi Ram M LKD 43912 Mani Ram M INC 28789
1991 81 Ellenabad (SC) Mani Ram M INC 39595 Bhagi Ram M JP 25834
1996 81 Ellenabad (SC) Bhagi Ram M SAP 37107 Karnail Singh M HVP 29909
2000 81 Ellenabad (SC) Bhagi Ram M INLD 50235 Om Parkash S/O Sheo Chand M INC 35181
2005 81 Ellenabad (SC) Dr. Sushil Kumar Indora M INLD 49803 Mani Ram M INC 27920
2009 46 Ellenabad GEN Om Parkash Chautala M INLD 64567 Bharat Singh Beniwal M INC 48144
2010 By Polls Ellenabad GEN Abhay Singh Chautala M INLD 64813 Bharat Singh Beniwal M INC 58586

ऐलनाबाद सीट पर इनेलो की तरफ से विधायक अभय सिंह चौटाला फिर से चुनाव लड़ने के लिए उतरे। अभय सिंह यहां से 2010 में हुए उपचुनाव में विधायक बने थे। जब यह सीट ओम प्रकाश चौटाला के इस्तीफा देने से खाली हुई थी। ओम प्रकाश चौटाला उचाना और एलेनाबाद दोनों जगहों से चुनाव जीते थे और उचाना से विधायक रहकर उन्होंने एलेनाबाद सीट छोड़ दी थी। इसके बाद उपचुनाव में अभय चौटाला कांग्रेस के भरत सिंह बेनीवाल को हराकर विधायक बन गए थे। अभय ने 2005 और 2009 के आम विधानसभा चुनाव नहीं लड़े थे। इससे पहले अभय सिंह 2000 में रोड़ी विधानसभा सीट से विधायक बने थे। उस वक्त भी ओम प्रकाश चौटाला नरवाना और रोड़ी सीटों से जीते थे और उन्होंने नरवाना से विधायक रहकर रोडी से इस्तीफा दे दिया था। जिस पर उपचुनाव में अभय सिंह जीते थे । अभय सिंह ने अपनी राजनीति की शुरुआत चौटाला गांव की पंचायत से की थी। पंच बनकर अभय सिंह गांव के उप सरपंच रहे और फिर ब्लॉक समिति के लिए चुने गए। अभय सिंह सिरसा जिला परिषद के लिए भी चुने गए और दो बार जिला परिषद के चेयरमैन रहे। 2000 और 2010 में विधायक बनने के अलावा अभय सिंह ने 2004 में कुरुक्षेत्र से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। लेकिन कांग्रेस के नवीन जिंदल से हार गए थे। अभय सिंह खेल संघों में भी खूब दिलचस्पी रखते हैं। 1991 से 1995 तक हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे हैं। 1999 में वे फिर से हरियाणा ओलंपिक संघ के प्रधान बने और संघ के एक ग्रुप के लगातार प्रधान बने रहे। वे हरियाणा बॉक्सिंग एसोसिएशन के भी प्रमुख हैं। अभय सिंह 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ खेलों की आयोजन समिति के सदस्य भी थे। भारतीय ओलंपिक संघ के लंबे समय तक उपाध्यक्ष रहने के बाद वे कुछ समय के लिए संघ के अध्यक्ष भी बने लेकिन कुछ विवादों के चलते उन्होंने वह पद छोड़ दिया था।
2014 चुनाव में अभय सिंह चौटाला के लिए एलेनाबाद सीट पर चुनौती बड़ी थी। उनके करीबी और सहयोगी रहे पवन बेनीवाल उनके सामने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। बेहद कड़े दिख रहे मुकाबले को आखिरकार अभय सिंह ने 11000 से ज्यादा वोटों से जीता। अभय सिंह को 46.70% वोट मिले। जबकि 2009 आम चुनाव में यहां ओमप्रकाश चौटाला को 51.94% वोट मिले थे। अभय चौटाला को 2010 उप चुनाव में भी कड़ी चुनौती मिली थी और वह सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के उम्मीदवार से लगभग 6000 वोटों से जीते थे।
2014 में एलेनाबाद सीट से भाजपा ने पवन बेनीवाल को टिकट दी थी जिनका यह पहला चुनाव था। पवन बेनीवाल काफी समय तक अभय चौटाला की टीम में ही थे और कुछ मतभेद होने के बाद उन्हें छोड़ कर भाजपा में चले गए थे। मतभेद इस कदर थे कि पवन ने अभय के खिलाफ ऐलनाबाद से भाजपा की टिकट पर चुनाव पूरी ताकत से लड़ा। मोदी लहर के चलते पवन के पक्ष में इनेलो विरोधी काफी वोटर इकट्ठा हो गए और उन्होंने 38.91% वोट ली है जबकि 2009 में भाजपा को यहां 2.91% वोट मिले थे। बाद में पवन बेनीवाल के बेटे एकलव्य ने अभय चौटाला के बेटे करण चौटाला के खिलाफ जिला परिषद का चुनाव भी लड़ा था। जिसमें करण की जीत हुई थी।
यहां कांग्रेस ने रमेश भादू को उम्मीदवार बनाया था और उनका भी यह पहला चुनाव था। पिछले चुनावों में जैसी टक्कर कांग्रेस की टिकट पर भरत सिंह बेनीवाल ने दी थी वैसी टक्कर रमेश भादू नहीं दे पाए। रमेश भादू को सिर्फ 7.76% वोट मिले जबकि 2009 चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में यहां पर 38.73% मतदाता थे।
एलेनाबाद सीट पर इनेलो ने अपना दबदबा कायम रखा है। 1982 में लोक दल के पहले चुनाव से अब तक हुए 9 चुनावों में से 8 बार यहां इनेलो और इसके पुराने स्वरूप के ही विधायक बने हैं।


बाकी समाचार