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नया हरियाणा

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

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भूपेंद्र हुड्डा पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को करीब 62 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप

मुख्यमंत्री एचएसवीपी के अध्यक्ष होते हैं। यह गड़बड़ी हुड्डा के कार्यकाल में हुई थी।

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6 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

एजेएल प्लॉट आवंटन मामले में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा को नोटिस जारी कर 3 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है । ईडी भी पिछले दिनों इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एजेएल को अटैच कर चुका है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने सीएम रहते हुए नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएट जनरल कंपनी को 2005 में 1982 की दरों पर प्लॉट अलॉट करवाया था। उस वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन थे। वहीं आरोपी मोतीलाल वोरा एजेएल हाउस के चेयरमैन थे।
प्लॉट आवंटन मामले में कोर्ट में सीबीआई की ओर से फाइल की गई चार्जशीट की स्क्रूटनी पूरी हो गई है। यह चार्जशीट सीबीआई ने हरियाणा के राज्यपाल की अनुमति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ 1 दिसंबर को कोर्ट में फाइल की थी।

यह था मामला
24 अगस्त 1982 को पंचकूला सेक्टर- 6 में 3360 वर्ग मीटर का प्लॉट नंबर -17 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल ने अलॉट कराया था। कंपनी को प्लॉट पर 6 माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर के 2 साल में पूरा करना था। लेकिन कंपनी 10 साल में भी यह निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाई। इस पर 30 अक्टूबर को एचएसवीपी ने अलॉटमेंट कैंसिल कर प्लॉट रिज्यूम कर लिया। 26 जुलाई, 1995 को मुख्य प्रशासक एचएसवीपी ने इस्टेट ऑफिसर के आदेश के खिलाफ कंपनी की अर्जी खारिज कर दी। 14 मार्च 1998 को कंपनी की ओर से आबिद हुसैन ने एचएसवीपी चेयरमैन से प्लॉट की अलॉटमेंट बहाली के लिए अपील की।
14 मई 2005 को चेयरमैन एचएसवीपी ने अफसरों को एजेएल कंपनी के प्लॉट अलॉट में बहाली के लिए संभावनाएं तलाशने का आदेश जारी किया। लेकिन कानून विभाग ने अलॉटमेंट बहाली के लिए साफ इंकार कर दिया।
इस मामले में सीबीआई ने मई 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ केस दर्ज किया। यह केस हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की शिकायत पर दर्ज हुआ था। क्योंकि मुख्यमंत्री एचएसवीपी के अध्यक्ष होते हैं। यह गड़बड़ी हुड्डा के कार्यकाल में हुई थी। इसीलिए उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को करीब 62 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।


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