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नया हरियाणा

गुरूवार, 25 अप्रैल 2019

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हरियाणा चयन आयोग भर्ती घोटाला : जांच से नाखुश कोर्ट ने सौंपा 3 IPS को केस

मनोहर सरकार की 4 साल की छवि को ये घाटोले ध्वस्त कर सकते हैं.

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5 दिसंबर 2018



नया हरियाणा

हरियाणा की मनोहर लाल सरकार पिछले 4 साल में खुद को ईमानदार सरकार के तौर पर प्रस्तुत कर रही है. ऐसे में अगर इन भर्तिय़ों को लेकर धांधली या घोटाले पकड़े जाते हैं तो सरकार की ईमानदार छवि को ध्वस्त होते देर नहीं लगेगी. हालांकि आमजन में यह विचार प्रबल रूप से फैला हुआ है कि सरकार तो ईमानदारी से भर्ती करना चाहती है परंतु अफसर गड़बड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं. हो सकता है कि इस जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए. दूसरी तरफ विपक्ष शुरू से ही इन भर्तियों पर आरोप लगाता रहा है कि इन धांधलियां चल रही हैं.

हरियाणा राज्य चयन आयोग भर्ती घोटाले की मंगलवार को सुनवाई के दौरान पंचकूला कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर बनी एसआईटी की जांच पर असंतोष जताया। कोर्ट ने कहा कि अब इस मामले की जांच 3 आईपीएस अधिकारी करेंगे। अधिकारियों की इस टीम को 2 महीने में मामले की जांच पर रिपोर्ट फाइल करने के भी निर्देश दिए।
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज नरेंद्र सूरा ने कहा कि हैरानी की बात है कि मामले की जांच कर रही पुलिस की एसआईटी ने कॉल ट्रांसक्रिप्शन की पूरी डीवीडी तक नहीं सुनी। साथ ही आरोपियों के मोबाइल से दो हजार से ज्यादा हुई कॉल की जांच भी पूरी तरह से नहीं कर पाई।
पंचकूला पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। एक आरोपी सुभाष के नाम को लेकर बचाव पक्ष के वकील समीर सेठी ने कहा कि पुलिस ने जिस सुभाष नामक कर्मचारी को मोबाइल फोन टैपिंग के आधार पर गिरफ्तार किया है दरअसल वह मोबाइल नंबर किसी और सुभाष का है वह एचएसएससी में ही कार्यरत है।
पुलिस ने रिमांड पेपर में दर्ज फोन नंबर को क्लेरिकल मिस्टेक माना। पुलिस ने यह भी बताया कि एचएसएससी में सुभाष नाम के तीन कर्मचारी हैं। गिरफ्तार किए गए सुभाष शर्मा के पास आयोग की परीक्षाओं से संबंधित ब्योरा था। जिसे लीक कर यह पूरा गोरख धंधा चलाया जा रहा था। पुलिस ने कोर्ट में आरोपी सुभाष की गिरफ्तारी से संबंधित कुछ सबूत भी दिए। साथ ही कहा कि जांच में अभी सभी सबूतों का खुलासा नहीं किया जा सकता। इस दलील के बाद कोर्ट ने आरोपी सुभाष को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया। वही हरियाणा सीएम फ्लाइंग स्क्वाड के एसपी धीरज सेतिया ने कहा कि बचाव पक्ष ने कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की। हमने कोर्ट में सुभाष की गिरफ्तारी से संबंधित जरूरी सबूत पेश किए। सभी सबूत अंतिम चार्जशीट के साथ कोर्ट में दाखिल किए जाएंगे। अभी जांच चल रही है।
बरामद दस्तावेज
अप्रैल 2018 में सीएम उड़न दस्ते ने छापा मारकर इस पूरे गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया था। जांच में कदम-कदम पर उजागर हुई एसआईटी की लापरवाही सामने आई जिसके चलते सरकार ने जांच अधिकारी को कुछ समय बाद पद से हटा दिया था। मामले से संबंधित सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके बैंक खाते और प्रॉपर्टी की जांच की गई। जिसमें से तीन आरोपियों के यहां छापा मारकर लाखों रुपए कैश, दो लैपटॉप, एक डायरी व कुछ बिल बरामद किए गए। पंचकूला से कुछ डाटा बरामद किया गया जिसमें कुछ पेपर्स की डिटेल है। यह वह पेपर और रिजल्ट है जो पिछले 6 महीने में हुए हैं। कुल 22 से ज्यादा हार्ड डिस्क के डाटा को एक जगह इकट्ठा किया गया, इसमें पिछले साल की भर्तियों का डाटा मौजूद है।


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