Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

पहला पन्‍ना English सर्वे लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

अभय चौटाला ने दिए माफी के संकेत, दुष्यंत ने कहा अहंकारियों का अहंकार खत्म होगा

इनेलो के दोनों खेमों की सारी ऊर्जा अब एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने में ही खत्म हो जाएगी.

Om Prakash Chautala, Abhay Chautala, Dushyant Chautala, Jananayak Janata Party, Indian National Lok Dal, naya haryana, नया हरियाणा

4 दिसंबर 2018

नया हरियाणा

अभय सिंह चौटाला ने कहा है कि अगर दुष्यंत चौटाला सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे तो उनकी घर वापसी का रास्ता साफ हो सकता है हालांकि इस पर भी आखरी फैसला इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ही करेंगे। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो पार्टी में जब भी किसी कार्यकर्ता या नेता ने अनुशासनहीनता की है तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया गया है और यह लोग औंधे मुंह पड़े हैं। उन्होंने अपने भाई अजय चौटाला और भतीजे दुष्यंत चौटाला की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे स्वतंत्र हैं चाहे तो नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। उनका अपने भाई और भतीजे से वैचारिक तथा किसी प्रकार का मन भेद नहीं है। लेकिन वे सार्वजनिक रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में माफी मांगे तो घर वापसी के बारे में कुछ संभव हो सकता है।
घटनाक्रम यह रहा कि 7 अक्टूबर की गोहाना रैली में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला के खिलाफ हुई हूटिंग के कारण, 10 अक्टूबर को दुष्यंत और दिग्विजय को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। 18 अक्टूबर को दोनों भाइयों ने पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला से मुलाकात कर अपना-अपना पक्ष रखा तथा 2 नवंबर को ओम प्रकाश चौटाला ने दुष्यंत-दिग्विजय दोनों को इनेलो से निष्कासित करने का फैसला सुनाया। 5 नवंबर को डॉ.अजय सिंह चौटाला 14 दिन की फरलो पर तिहाड़ से बाहर आए और 12 नवंबर को अजय चौटाला को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में इनेलो से निकाल दिया गया। 17 नवंबर को अजय चौटाला ने जींद में कार्यकर्ताओं की बैठक बुला नई पार्टी बनाने का ऐलान किया।

दुष्यंत सिंह चौटाला ने नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला पर अप्रत्यक्ष रूप से वार करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में अहंकारियों का अहंकार खत्म हो जाएगा
अन्याय पर न्याय की विजय प्राप्त करने वाली महाभारत की इस धरती से चौधरी देवीलाल की विचारधारा की सरकार बनने का बिगुल बज चुका है। बदलाव की नई नींव रखी जा चुकी है। अब तो केवल परिवर्तन के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में बंध कर घर-घर जाकर 9 दिसंबर की जींद में आयोजित होने वाली रैली में आना है। दुष्यंत चौटाला ने भाजपा छोड़कर उनके साथ आए जय भगवान शर्मा डीडी की पीठ थपथपाते हुए उन्हें अपने पिता अजय चौटाला के समय का संघर्ष का साथी बताया। उन्होंने इनेलो पर हमला बोलते हुए कहा कि कार्यकर्ता और जनता तो उनके साथ आ चुकी है। इनेलो में तो अब केवल संगठन का नाम ही बचा है लोग उन्हें तलाशते से भी नहीं मिलते।


बाकी समाचार