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नया हरियाणा

सोमवार , 22 अप्रैल 2019

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50 हजार कच्चे कर्मचारियों पर मंडराने लगा है नौकरी जाने का डर

पूर्व हुड्डा सरकार के समय 2014 में अधिसूचित नियमितीकरण की नीतियों को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने 30 मई 2018 को रद्द कर दिया था.

50 thousand raw employees, in the time of the former Hooda government, the policies of the notified regulation were canceled by the Punjab and Haryana High Court on May 30, 2018., naya haryana, नया हरियाणा

17 नवंबर 2018



नया हरियाणा

हरियाणा के 50,000 अनियमित कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोने का खतरा मंडराने लगा है. अगर सरकार अध्यादेश नहीं लाई तो 30 नवंबर के बाद करीब 50000 अनियमित कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. इनमें 2014 में नियमित हुए लगभग 5000 कर्मचारी भी शामिल हैं.

पूर्व हुड्डा सरकार के समय 2014 में अधिसूचित नियमितीकरण की नीतियों को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने 30 मई 2018 को रद्द कर दिया था. इस आदेश की कॉपी सरकार को लगभग एक माह बाद मिली. हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि 6 महीने के अंदर अनुबंध आधार पर लगे सभी अनियमित कर्मचारियों की जगह नियमित भर्ती की जाए.

इसे देखते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने विधानसभा के मानसून सत्र में बिल पारित कर हाई कोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर लंबा आंदोलन किया था. सरकार ने बिल का ड्राफ्ट भेजा लेकिन बाद में बुलाने के बजाय हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई. अभी एसएलपी पर सुनवाई नहीं हुई है. 30 नवंबर के बाद हाईकोर्ट के निर्णय को आए 6 महीने पूरे हो जाएंगे.

सुप्रीमकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट का फैसला लागू करना पड़ेगा. हालांकि सरकार ने साफ किया हुआ है कि उस स्थिति में अध्यादेश लाकर कर्मचारियों की नौकरी बचाई जाएगी. बावजूद इसके कर्मचारियों में बेचैनी देखी जा रही है. सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने मुख्यमंत्री से बिना किसी देरी के अध्यादेश लाने की मांग की है. ताकि हाई कोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिल सके. संघ जल्दी हाई कोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की मीटिंग बुलाकर आगामी रणनीति की घोषणा करेगा. उन्होंने कांग्रेसमें सहित सभी राजनीतिक दलों से इस मामले पर अपनी आवाज बुलंद करने की मांग की है.


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