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नया हरियाणा

रविवार, 16 दिसंबर 2018

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फरीदाबाद बना देश का सबसे प्रदूषित शहर

 एनजीटी की रोक के बाद भी फरीदाबाद में लगातार निमार्णकार्य चल रहे हैं।

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15 नवंबर 2018

नया हरियाणा

प्रदूषण के मामले में लगातार फरीदाबाद डेंजर पोजीशन पर बना हुआ है। आंकड़े स्वास्थ्य के हिसाब से काफी खतरनाक हैं। प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा। शहर के लोग भी सहयोग नहीं कर हे हैं। इससे एक बार फिर प्रदूषण का स्तर घटने के बजाय बढ़ गया है। लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना रहा। एयर क्वालिटी इंडेक्स में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़कर 461 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज की गई।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी किए गए एयर बुलेटिन में फरीदाबाद सबसे प्रदूषित शहर रहा। बोर्ड की तरफ से जारी बुलेटिन में फरीदाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 461 है है । जबकि दिल्ली का 405 और गुड़गांव का 349 है । लगातार बढ रहे प्रदूषण की मात्रा (पीएम 2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर में)  है जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। प्रशासन की लाख कोशीसों के बाद भी फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नही ले रहा है।

शहर में बढते प्रदूषण के  लिए कई प्रमुख कारण है जैसे की घरों से कचरा  निकालकर खुले स्थानों पर डाल दिया जाता है और सारी हदे उस समय  पार हो जाती है जब उस कचरे के ढेर में आग लगा दी जाती है और  फिर ये आग धीरे धीरे करके कई दिनों तक चलती रहती है। कचरे के ढेर में कई प्रकार के वैस्ट कैमिकल भी होते है ।

जिनसे जहरीली गैसे निलकती है ऐसे में सांस के मरीजो को सबसे ज्यादा परेशानीयों का सामना करना पडता है। प्रदूषण का असर हवा में ही नही पानी में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। फरीदाबाद में यमुना और उससे  निकलने वाले पानी की तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस कदर पानी में कैमिकलों को जहर घुला हुआ है और इसी खतरनाक पानी से किसान अपनी फसलों की सिंचाई करने को मजबूर है।

फरीदाबाद में ज्यादातार इलाके में इमारतो के निमार्ण कार्य चल रहे है जिस कारण रिहायशी इलाके में भी रेत, मिट्टी के अंभार लगे हुए  है। आलम यंहा तक है कि लोगो ने पैसा कमाने की लालच में लोगो ने प्रशासन की बिना अनुमति के कैश्रर प्लांट तक लगा रखे है लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर बैठा हुआ है।  एनजीटी की रोक के बाद भी फरीदाबाद में लगातार निमार्णकार्य चल रहे है। फरीदाबाद के लोगों ने प्रदूषण से होने वाली परेशानीयों के बारे में बताया कि घर से निकलना उनके लिए मुशकिल हो गया है। घर के अंदर हो या बार चारों तरफ प्रदूषण ही प्रदूषण है।

 वही स्वास्थ्य विभाग  अधिकारीयों से मिली जानकारी के अनुसार दीवापली के बाद लगातार सांस के मरीजों की संख्या में बढोत्तरी हो रही है। ऐसे में प्रदूषण का बढता लेवल भी लोगो के स्वास्थ्य को खराब कर रहा है। सिविल अस्पताल के पीएमओ बीर सिंह सहरावत ने बताया कि इस समय प्रदूषण का लेवल फरीदाबाद में बहुत ज्यादा है। ऐसे में सबसे ज्यादा खतरा सांस के मरीजों को है। क्योंकि सांस के मरीजों को थोडे से प्रदूषण से बुहत ज्यादा दिक्कत हो जाती है। उन्होंने लोगो को सलाह दी है कि वो सडक पर मास्क पहन कर चले। ताकि प्रदूषण से कुछ बचा जा सके। 


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