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नया हरियाणा

सोमवार , 14 अक्टूबर 2019

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हरियाणा रोडवेज कर्मियों -अफसरों के बीच वार्ता हुई फेल, गेंद मुख्यमंत्री के पाले में

रोडवेज कर्मचारियों का आरोप है कि टेंडर में कहीं घोटाला हुआ है.

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13 नवंबर 2018



नया हरियाणा

प्रदेश में 700 निजी बसों को लेकर कर्मियों व रोडवेज के अधिकारियों के बीच चल रहा गतिरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच पौने तीन घंटे तक बठै क चली, लेकिन बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। वार्ता के दौरान न तो रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के पदाधिकारी पीछे हटने को तैयार हुए और न ही विभाग की ओर से गत दिनों जारी किए गए टेंडर को वापस लेने को तैयार हुआ।
बातचीत के बाद एक सुखद बात यह सामने आई कि अब गेंद सीएम मनोहर लाल के पाले में डाल दी गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द कमेटी पदाधिकारियों की मुलाकात सीएम मनोहर लाल से कराई जा सकती है, इसके बाद समस्या का कोई समाधान हो सकता है। 
इस मामले में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह का कहना है कि तालमेल कमेटी
पदाधिकारियों ने सीएम से मिलने का आह्वान किया है, वे उनकी बात सीएम तक पहुंचा देंगे। तालमेल कमेटी की जल्द सीएम से मुलाकात की संभावना है।
1500 बसें खड़ी- खड़ी हो रही बेकार
तालमेल कमेटी के दलबीर सिंह किरमारा ने कहा कि रोडवेज बेड़े में स्टाफ की भारी कमी है। इस समय 1472 बसें बेकार खड़ी हैं। बैठक में सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि खास बात यह है कि इनमें से 350 बसें तो चली ही नहीं, जबकि 872 बसें चंद किलोमीटर ही चल पाई हैं। यही नहीं ढाई सौ बसें 100 किलोमीटर से अधिक नहीं चलीं। 
जवाब में परिवहन सचिव ने कहा कि वह जांच कराने के बाद ही इस पर कोई जवाब देंगे। पहले ही रोडवेज में इतनी बसें बेकार खड़ी हैं तो रोडवेज स्कीम के तहत 700 बसें अनुबंध पर क्यों ली जा रही हैं। 
आज परिवहन मंत्री करेंगे प्रेस कांफ्रेंस
मंगलवार को परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार चंडीगढ़ सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इस दौरान वे नई नीति को लेकर कोई खुलासा कर सकते हैं। दूसरी ओर कर्मचारी संघों ने इस मामले को लेकर नई रणनीति बनाना शुरू कर दी है।
रोडवेज के कर्मचारी किलोमीटर स्कीम के विरोध में गत माह 18 दिनों तक हड़ताल कर चुके हैं। सोमवार दोपहर करीब 11:30 बजे तालमेल कमेटी पदाधिकारी एवं अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर शुरू हुआ। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित हरियाणा सचिवालय में शुरू हुई वार्ता में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह, परिवहन महानिदेशक आरसी बिढ़ान, संयुक्त निदेशक संवर्तक सिंह, वीरेंद्र दहिया व एके डोगरा ने किलोमीटर स्कीम के बारे में बारीकी से जानकारी दी और इसके लाभ गिनवाए।
 दूसरी ओर तालमेल कमेटी की ओर से दलबीर सिंह किरमारा, सरबत पूनिया, हरिनारायण शर्मा, इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, अनूप सहरावत, जयभगवान कादियान समेत अन्य मौजूद रहे। 
11:30 बजे शुरू हुई बैठक, 2.15 बजे खत्म
यूनियनें बोलीं- टेंडर में कहीं घोटाला हुआ है
तालमेल कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि किलोमीटर स्कीम के लिए सरकार ने 21 अप्रैल को विज्ञापन निकाला था। जबकि 19 सितंबर को पॉलिसी में संशोधन कर उसी दिन 510 बसों के लिए टेंडर भी दे दिए गए। इसमें कहीं न कहीं घोटाला हुआ है। हाईकोर्ट में 14 नवंबर को मामले में सुनवाई होनी है तो विभाग ने किस आधार पर 190 बसों के टेंडर और जारी किए। सरकार की नीयत में कहीं खोट नजर आ रहा है।
प्रदेश में 700 निजी बसों को लेकर कर्मियों व रोडवेज के अधिकारियों के बीच चल रहा गतिरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच पौने तीन घंटे तक बठै क चली, लेकिन बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। वार्ता के दौरान न तो रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के पदाधिकारी पीछे हटने को तैयार हुए और न ही विभाग की ओर से गत दिनों जारी किए गए टेंडर को वापस लेने को तैयार हुआ।
बातचीत के बाद एक सुखद बात यह सामने आई कि अब गेंद सीएम मनोहर लाल के पाले में डाल दी गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द कमेटी पदाधिकारियों की मुलाकात सीएम मनोहर लाल से कराई जा सकती है, इसके बाद समस्या का कोई समाधान हो सकता है। 
इस मामले में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह का कहना है कि तालमेल कमेटी
पदाधिकारियों ने सीएम से मिलने का आह्वान किया है, वे उनकी बात सीएम तक पहुंचा देंगे। तालमेल कमेटी की जल्द सीएम से मुलाकात की संभावना है।
1500 बसें खड़ी- खड़ी हो रही बेकार
तालमेल कमेटी के दलबीर सिंह किरमारा ने कहा कि रोडवेज बेड़े में स्टाफ की भारी कमी है। इस समय 1472 बसें बेकार खड़ी हैं। बैठक में सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि खास बात यह है कि इनमें से 350 बसें तो चली ही नहीं, जबकि 872 बसें चंद किलोमीटर ही चल पाई हैं। यही नहीं ढाई सौ बसें 100 किलोमीटर से अधिक नहीं चलीं। 
जवाब में परिवहन सचिव ने कहा कि वह जांच कराने के बाद ही इस पर कोई जवाब देंगे। पहले ही रोडवेज में इतनी बसें बेकार खड़ी हैं तो रोडवेज स्कीम के तहत 700 बसें अनुबंध पर क्यों ली जा रही हैं। 
आज परिवहन मंत्री करेंगे प्रेस कांफ्रेंस
मंगलवार को परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार चंडीगढ़ सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इस दौरान वे नई नीति को लेकर कोई खुलासा कर सकते हैं। दूसरी ओर कर्मचारी संघों ने इस मामले को लेकर नई रणनीति बनाना शुरू कर दी है।
रोडवेज के कर्मचारी किलोमीटर स्कीम के विरोध में गत माह 18 दिनों तक हड़ताल कर चुके हैं। सोमवार दोपहर करीब 11:30 बजे तालमेल कमेटी पदाधिकारी एवं अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर शुरू हुआ। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित हरियाणा सचिवालय में शुरू हुई वार्ता में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह, परिवहन महानिदेशक आरसी बिढ़ान, संयुक्त निदेशक संवर्तक सिंह, वीरेंद्र दहिया व एके डोगरा ने किलोमीटर स्कीम के बारे में बारीकी से जानकारी दी और इसके लाभ गिनवाए।
 दूसरी ओर तालमेल कमेटी की ओर से दलबीर सिंह किरमारा, सरबत पूनिया, हरिनारायण शर्मा, इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, अनूप सहरावत, जयभगवान कादियान समेत अन्य मौजूद रहे। 
11:30 बजे शुरू हुई बैठक, 2.15 बजे खत्म
यूनियनें बोलीं- टेंडर में कहीं घोटाला हुआ है
तालमेल कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि किलोमीटर स्कीम के लिए सरकार ने 21 अप्रैल को विज्ञापन निकाला था। जबकि 19 सितंबर को पॉलिसी में संशोधन कर उसी दिन 510 बसों के लिए टेंडर भी दे दिए गए। इसमें कहीं न कहीं घोटाला हुआ है। हाईकोर्ट में 14 नवंबर को मामले में सुनवाई होनी है तो विभाग ने किस आधार पर 190 बसों के टेंडर और जारी किए। सरकार की नीयत में कहीं खोट नजर आ रहा है।
 


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