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नया हरियाणा

बुधवार, 14 नवंबर 2018

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इनेलो को जनता के सुख-दुख से कोई लेना देना नहीं है : दीपेंद्र सिंह हुड्डा

कांग्रेस शासन में लगी फैक्ट्री से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं.

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9 नवंबर 2018

नया हरियाणा

सोनीपत के नाथूपुर सबोली गांव में खराब हुई फसलों के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे किसानों को समर्थन देने के लिए वीरवार को कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे। इस दौरान दीपेंद्र सिंह हुड्डा के निशाने पर इनेलो व भाजपा दोनों रही । 
सोनीपत के गांव नाथूपुर में धरने पर बैठे किसान बेहद मायूस हैं। किसानों द्वारा खेतों में उगाई गई गोभी की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस बर्बादी का कारण किसान फैक्ट्रियों द्वारा जमीन में छोड़े जा रहे जहरीले पानी को वजह बता रहे हैं और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भी दी है।
 इस दौरान देर शाम को सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा राई और खरखोदा के विधायक को अपने साथ लेकर धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे। इस दौरान दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के मामले को लेकर सरकार गंभीर नहीं है और आज वह किसानों के बीच में पहुंचे हैं। यहां पर सैकड़ों एकड़ में उगाई गई गोभी की फसलें बर्बाद हो गई है। सरकार को जल्द ही किसानों को मुआवजा देना चाहिए और साथ ही साथ जो फैक्ट्रियां प्रदूषण फैला कर वातावरण और जमीनी पानी को खराब कर रही हैं। उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।
 इस दौरान इनेलो पार्टी को लेकर दीपेंद्र सिंह हुड्डा सांसद ने कहा कि इनेलो की यह राजनीतिक लड़ाई नहीं है वह केवल एक परिवार की लड़ाई है। सत्तासीन होने की लड़ाई है। हरियाणा के लोगों के सुख-दु:ख से उसका कोई लेना-देना नहीं है।  इनेलो को आत्ममंथन करना चाहिए क्या कारण है कि लगातार छह चुनाव में लोगों ने इनेलो को रिजेक्ट कर दिया। इन्हें आत्ममंथन करना चाहिए कि उसमें क्या कमी रही होगी। आज इनेलो में विपक्ष के रूप में कोई दम नहीं है। अब केवल हरियाणा में कांग्रेस पार्टी हरियाणा में एकमात्र विकल्प है। अब समय आ गया है हरियाणा में सकारात्मक बदलाव लाने का। 
 गौरतलब है कि जैसे-जैसे 2019 चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं विपक्ष को अब किसान और उनके मुद्दे याद आने शुरू हो गए हैं। राजनीतिक वोटों की अब जंग़ शुरू हो चुकी है। यहां यह फैक्ट्री कांग्रेस शासन में ही लगी थी और अब आज किसानों के लिए सिर दर्द बन चुकी है तो वहीं कांग्रेसी नेता आज किसानों के मुद्दों को लेकर उनके बीच में पहुंच रहे हैं। ताकि 2019 चुनावों के प्रति लोगों का माहौल बनाया जा सके। 
 


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