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नया हरियाणा

मंगलवार, 23 जुलाई 2019

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दुष्यंत-दिग्विजय को इनेलो से बाहर करने से नाराज नेताओं ने दिया इनेलो से इस्तीफा

दुष्यंत के पक्ष में नेताओं ने दिए इस्तीफे.

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3 नवंबर 2018



नया हरियाणा

इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला ने अपने दोनों पोतों दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह चौटाला को पार्टी से बाहर कर दिया। ओम प्रकाश चौटाला ने तुरंत प्रभाव से दोनों की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी है। हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला को पार्टी की संसदीय समिति के हेड के पद से भी हटा दिया है। दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोपों के चलते ये कार्रवाई की गई है। 

शुक्रवार सांय पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के फैसले के विरोध में फतेहाबाद युवा इनेलो की पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है.

इस्तीफा देने वालों में पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिहाग, युवा इनेलो के जिलाध्यक्ष अजय संधु, एवं युवा इनेलो के फतेहाबाद हलका प्रधान अनिल नहला, रतिया प्रधान जसपाल संधु, और टोहाना हलके के अध्यक्ष मनोज धारसूल और फतेहाबाद शहरी अध्यक्ष विकास मेहता के साथ साथ ने भी अपने पदों के साथ साथ इनेलो छोडऩे का भी ऐलान कर दिया है.

पढ़िए इनेलो की विज्ञप्ति

इंडियन नेशनल लोकदल

प्रेस विज्ञप्ति


    चंडीगढ़, 2 नवम्बर: इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने तुरंत प्रभाव से हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह को इनेलो की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने दुष्यंत चौटाला को पार्लियामेंट में पार्टी की संसदीय समीति के नेतृत्व से भी हटा दिया है। 

दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह दोनों पर ही 7 अक्तूबर, 2018 को गोहाना में आयोजित चौधरी देवी लाल के जन्म दिवस उत्सव के दौरान अनुशासनहीनता, हुड़दंगबाजी और पार्टी नेतृत्व के विरुद्ध असंतोष फैलाने वाली नारेबाजी के आरोप लगाए गए थे। चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी कार्यालय को सूचित किया है कि वास्तव में इस मामले में उन्हें किसी भी बाहरी प्रमाण की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वह स्वयं उस आयोजन में उपस्थित थे और उन्होंने अनुशासनहीनता और हुड़दंगबाजी की घटनाएं स्वयं देखी और यह भी देखा कि स्वयं उनके भाषण में भी लगातार व्यवधान डाला गया था। परंतु फिर भी उन्होंने इस पूरे मामले को अनुशासन कार्यवाही समीति को सौंपा था। समीति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि दोनों उन आरोपों के दोषी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह देखते हुए कि दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह उनके अपने परिवार के ही सदस्य थे, इसलिए उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई करना उनके लिए सरल निर्णय नहीं था। किन्तु वे जीवनपर्यंत जननायक चौधरी देवीलाल के सिद्धांतों और आदर्शों की पालना करते रहे हैं और जननायक की तरह ही वह भी यह मानते हैं कि पार्टी किसी भी व्यक्ति विशेष या परिवार के सदस्य से बड़ी होती है। अत: उन्होंने कहा कि वे इस मामले में अनुशासन कार्रवाई समीति की सिफारिशों  से सहमत हैं। तदानुसार उन्होंने पार्टी कार्यालय को यह निर्देश दिया है कि उनके निष्कासन के फैसले को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।


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