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नया हरियाणा

बुधवार, 21 नवंबर 2018

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रोडवे कर्मचारियों के साथ 3 लाख कर्मचारी हड़ताल पर, सड़कों पर बसों की संख्या लगातार बढ़ रही

राज्य के तीन लाख से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर होंगे। वहीं दूसरी ओर, रोडवेज का चक्का जाम 29 तक है.

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29 अक्टूबर 2018

नया हरियाणा

एक तरफ रोडवेज कर्मचारियों को दूसरे महकमों का समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार रोडवेज की बसों को सड़कों पर लाने में सफल होती दिख रही है. यही कारण है कि रोडवेज कर्मचारियों को अब दूसरे महकमों का सहारा लेना पड़ रहा है.

देखिए किस जिले में कितनी बसें चली

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हरियाणा में पिछले 13 दिनों से चल रही रोडवेज की हड़ताल खत्म होती नहीं दिख रही। मामला उलझ रहा है। अब दूसरे विभागों, बोर्ड-निगमों, निकायों व पंचायती राज संस्थाओं के कर्मचारियों का भी रोडवेज कर्मियों को समर्थन मिल गया है। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ और संयुक्त कर्मचारी मंच भी इनके समर्थन में एकजुट हो गए हैं। इन तीनों ने मिलकर 30 व 31 अक्तूबर को सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। तीनों कर्मचारी संगठनों ने राजनीतिक दलों से भी समर्थन मांगा है। समझा जा रहा है कि राज्य में आने वाले दिनों में हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
कर्मचारियों की एकजुटता अगर असर दिखाती है तो मंगलवार और बुधवार को राज्य के तीन लाख से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर होंगे। वहीं दूसरी ओर, रोडवेज का चक्का जाम 29 तक है और रोडवेज कर्मचारियों की तालमेल कमेटी ने सोमवार को बैठक बुलाई है। बैठक में हड़ताल को बढ़ाने का ऐलान हो सकता है। इधर, सरकार चेतावनी, धमकियों सहित तमाम प्रयासों से रोडवेज बसों को सड़कों पर लाने की कोशिश में जुटी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, रविवार को हरियाणा रोडवेज की 2238 बसें सड़कों पर उतारी गईं। इसी तरह से स्कूल-कॉलेजों एवं प्राइवेट कंपनियों की 93 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया गया। पहले दिन से सरकार को सहयोग कर रही सहकारी समितियों की 1059 बसें अपने निश्चित रूट पर चलीं।
नयी बसों के लिए वेतन बोनस देने का ऐलान
इस बीच, शिक्षकों की तालमेल कमेटी ने आंदोलन में कूदते हुए पेशकश की है कि नयी बसों के लिए वे सरकार को अपने वेतन से पैसा देने को तैयार हैं। शिक्षकों के संगठन ने यहां तक कहा है कि उनके वेतन-भत्तों से 100 बसें सरकार खरीद सकती है। उधर, तीनों कर्मचारी संगठनों के एकजुट होने के बाद सभी विभागों, बोर्ड-निगमों, निकायों आदि के कर्मचारियों ने सरकारी खजाने में अपना बोनस और एक-एक माह का वेतन नयी बसों की खरीद के लिए देने का ऐलान कर दिया है।

हड़ताल में ये होंगे शामिल
सर्व कर्मचारी संघ प्रदेशाध्यक्ष धर्मबीर फौगाट व महासचिव सुभाष लाम्बा ने कहा कि दो दिन की हड़ताल में सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, सहकारी समितियों, पंचायत समितियों, पंचायती राज संस्थाओं, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित परियोजनाओं के लाखों कर्मचारी शामिल होंगे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने 720 प्राइवेट बसें किमी योजना के तहत लेने के अपने फैसले को वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज होगा।
काम पर लौटने की अपील सुधरने लगे हालात
इस बीच, सरकार ने अपील की है कि कर्मचारी काम पर लौट आएं। त्योहारी सीजन का हवाला देते हुए सरकार ने कहा कि मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उधर, रविवार को रोडवेज की 2503 बसें सड़कों पर लौटीं। यह संख्या शनिवार के मुकाबले 100 अधिक है। दावा किया जा रहा है कि अब हालात सामान्य होने लगे हैं। इस बीच, 350 से अधिक कर्मचारी भी काम पर लौट आये। उधर, सरकार ने गैर हाजिर 284 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया और 72 को बर्खास्त कर दिया।


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