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नया हरियाणा

बुधवार, 21 नवंबर 2018

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मनोहर लाल ने किए हैं 4 साल में 14 घोटाले : पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा

गौरतलब है कि पूर्व सीएम हुड्डा जमीन घोटालों के कई केसों में खुद आरोपी हैं.

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25 अक्टूबर 2018

नया हरियाणा

हरियाणा की खट्टर सरकार की 5वीं वर्षगांठ पर बड़ा सियासी हमला बोलते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने 4 वर्षों के कार्यकाल में 14 बड़े घोटाले किए हैं। एक-एक करके उन्होंने घोटाले गिनवाए भी और यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर इन सभी घोटालों की बिना किसी राजनीतिक द्वेष के निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा, हम मौजूदा सरकार की तरह राजनीतिक द्वेष और बदले की भावना के चलते अपने विरोधियों पर कार्रवाई नहीं करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर चल रहे हैं घोटालों के केस

मानेसर जमीन घोटाला

27 अगस्त 2004 को एचएसआईआईडीसी ने इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने के लिए मानेसर, लखनौला, नौरंगपुर में 912 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया। राज्य सरकार ने 224 एकड़ जमीन को इस प्रक्रिया से बाहर कर दिया, 688 एकड़ जमीन अधिग्रहण के दायरे में रही। इसके बाद कई बिल्डरों ने किसानों से जमीन खरीदना शुरू कर दिया। 24 अगस्त 2007 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अधिग्रहण प्रक्रिया रद कर दी। फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आया था। 

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि बिल्डरों ने किसानों को जमीन के बदले जो भी रकम दी है वह वापस नहीं होगी। जमीन मालिक को जो पैसा बिल्डर ने दिया है वह मुआवजा माना जाएगा। अगर मुआवजा बकाया है तो राज्य सरकार देगी। जहां मुआवजे से ज्यादा रकम मिली है, वह रकम वापस नहीं होगी। जिसने बिल्डरों को जमीन और फ्लैट अलॉटमेंट के बदले रकम दी है, वह रकम वापस पाने का हकदार होगा। तीसरे पक्ष को रिफंड या अलॉट किए गए प्लॉट या फ्लैट में हिस्सा मिलेगा। 

भूपेंद्र हुड्डा और वाड्रा जमीन घोटाला

मामला साल 2005 का है। CBI की एफआईआर में हुड्डा समेत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के अध्यक्ष और अन्य कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सीबीआई का आरोप है कि पंचकूला में असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को 1982 में प्लॉट अलॉट किया गया और 1992 तक इसमें कोई कंस्ट्रक्शन नहीं हुआ। इसके बाद हूडा ने प्लॉट का पजेशन वापस ले लिया। आरोप है कि वही प्लॉट कांग्रेस के सत्ता में लौटने के बाद साल 2005 में दोबारा एजेएल को अलॉट कर दिया गया। HUDA के तत्कालीन अध्यक्ष ने इस आवंटन में कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन किया। उस समय प्राधिकरण के अध्यक्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा थे। 

बता दें कि AJL ही वह कंपनी है जो नैशनल्ड हेरल्ड अखबार चलाती थी और इससे जुड़ा एक केस सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहा है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी इस मामले को अदालत ले कर कए थे। सोनिया गांधी और राहुल गांधी को कोर्ट में हाजिर भी होना पड़ा था। आरोप है कि गांधी परिवार नैशनल हेरल्ड की संपत्तियों का अवैध तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। फिलहाल दोनों को इस केस में जमानत मिली हुई है। 

पंचकूला जमीन आवंटन में अपने करीबियों को दिए प्लॉट

 हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पंचकुला में जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। पंचकुला में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया है। आरोप है कि हुड्डा ने अपने करीबियों को जमीन बांट दी है। 

गौरतलब है कि राज्य सतर्कता विभाग की जांच में आवंटन में कथित अनियमितताओं को पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। सीएम ओएसडी ने कहा, 'राज्य सतर्कता विभाग की जांच में भूखंडों के आवंटन में अनियमितताओं के पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने आगे की जांच के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की है।' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग को मामले में एक एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, जिसके बाद मामले को सीबीआई को सौंपा जाएगा। 

बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर या तो अपने रिश्तेदारों या अपने करीबी सहयोगियों और मित्रों को भूखंड आवंटन करने का आरोप लगाया था। खट्टर ने हरियाणा के ऐडवोकेट जनरल (एजी) बलदेव राज महाजन की कानूनी सलाह पर मामले में एफआईआर का आदेश दिया है। 

एजी की कानूनी सलाह के अनुसार, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के तत्कालीन अध्यक्ष के अलावा हुडा के तत्कालीन मुख्य प्रशासक समेत कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर करना उचित है। हूडा का अध्यक्ष सीएम होता है। एजी ने अपनी सलाह में कहा था कि सीएम के स्तर पर आवंटन का मानदंड बदला गया था और इसे मंजूरी दी गई थी। अधिकतर लाभार्थियों को बदले हुए मानदंड के तहत भूखंड आवंटित किया गया था और उनके खिलाफ एक मामला दर्ज करने का यह पर्याप्त कारण है।

मनोहर लाल पर लगाए आरोप


बुधवार को चंडीगढ़ में मीडिया से रूबरू हुए हुड्डा ने अपनी सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां भी मीडिया के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंजूरशुदा प्रोजेक्ट भी मौजूदा सरकार 4 वर्षों में पूरे नहीं करवा सकी है। फरवरी-2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह द्वारा दी गई रिपोर्ट को फिर से मुद्दा बनाते हुए हुड्डा ने कहा, इस रिपोर्ट में स्पष्ट है कि आंदोलन से निपटने में सरकार मुख्य रूप से सीएमओ पूरी तरह से विफल रहा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी। खट्टर सरकार पर 14 घोटाले करने के आरोप लगाते हुए हुड्डा ने कहा, वर्तमान में रोडवेज कर्मचारी जिस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और पिछले 8 दिनों से हड़ताल पर हैं, उसमें भी मोटा घोटाला किया गया है। प्राइवेट कंपनियों के साथ सैटिंग कर उनकी बसों को बेड़े में शामिल किया जा रहा है। हुड्डा ने कहा, जब पंजाब में बसों का किराया 20-25 रुपये प्रति किमी है, तो हरियाणा में 35 रुपये प्रति किमी कैसे हो गया।
‘अच्छे दिनों’ का तो पता नहीं, खोए हुए दिन जरूर वापस आएंगे
भाजपा के ‘अच्छे दिनों’ के नारे पर कटाक्ष करते हुए पूर्व सीएम ने कहा, कांग्रेस की सरकार बनी तो अच्छे दिन का वादा तो मैं नहीं करता लेकिन राज्य के लोगों के खोये हुए दिन जरूर वापस आएंगे।


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