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नया हरियाणा

बुधवार, 21 नवंबर 2018

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चुनाव तक तो इनेलो का नाम ही खत्म हो जाएगा : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

उन्होंने कहा कि मैंने तो 2 साल पहले ही बता दिया था।

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20 अक्टूबर 2018

नया हरियाणा

हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण आज प्रदेश में हालात बिगड़ने लगे हैं और सरकार बेवजह जि़द पर अड़ी हुई है। सरकार ने न तो कभी खिलाड़ियों का सम्मान किया और न ही किसानों के प्रति गंभीरता दिखाई। पूर्व सीएम ने कहा कि देश का मान बढ़ाने वाले खिलाडि़यों के साथ भी सरकार ने धोखा किया है, इससे बड़ी शर्म की बात क्या हो सकती है। हुड्डा ने कहा कि सरकार को रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को बातचीत के जरिए खत्म कराना चाहिए।
 वहीं इनेलो में राजनैतिक घमासान पर पूर्व सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि 2 साल पहले उन्होंने बता दिया था कि इनेलो धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा और आज प्रदेश की जनता के सामने इनेलो की यही स्थिति आ गई है और चुनाव तक तो इनेलो का नाम ही खत्म हो जाएगा। अगर ऐसा है तो क्या इनेलो के अंदर की लड़ाई में कांग्रेस के हाथ होने की संभावनाएं हैं? क्योंकि इनेलो के भीतर की लड़ाई का सबसे बड़ा कारण अभय सिंह कांग्रेस को ही बता रहे हैं। क्या कांग्रेस ने इनेलो के नेताओं के भीतर निजी महत्त्वाकांक्षाओं को मुखर करने में कोई भूमिका निभाई है?
 पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खट्टर सरकार को अपने 4 साल के शासनकाल के दौरान किए गए कामों का हिसाब देना चाहिए। सरकार ने अपने कार्यकाल में केवल भोजन व आयोजन पर करोड़ों रुपये बर्बाद किए हैं। प्रदेश की जनता अब सबकुछ समझ चुकी है कि भाजपा ने उन्हें ठगा है और चुनाव में जनता भाजपा से हिसाब बराबर करेगी। 
हुड्डा ने खिलाडि़यों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार ने खिलाडि़यों के संबंध में लम्बे-चौड़े वादे किए थे, लेकिन वादे पूरे करने की बात तो दूर देश का सिर ऊंचा उठाने वाले खिलाडि़यों के साथ भी धोखा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान बनाई गई खेल नीति का देश के कई राज्यों ने अनुसरण किया था, लेकिन सरकार ने खेल नीति को भी बर्बाद कर दिया।
 पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले तो सरकार कर्मचारियों से समझौते कर लेती है, फिर बाद में मुकर जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत रोडवेज कर्मचारियों से किए समझौते को लागू करना चाहिए। कर्मचारी सरकार की रीढ़ की हड्डी होते हैं और विकास कार्यों के लिए बनी योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बाजरे का एक-एक दाना खरीदने का दावा कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार ने किसानों पर फसल बेचने के लिए अनाप-शनाप शर्तें लगा दी हैं और बाजरे में अनेक खामियां निकालकर खरीदने से आनाकानी कर रही है।
इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद शादीलाल बतरा, पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा, विधायक शकुंतला खटक, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, निवर्तमान मेयर रेणु डाबला व चक्रवर्ती शर्मा मौजूद रहे।
 


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