Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

बुधवार, 21 नवंबर 2018

पहला पन्‍ना English लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

हरियाणा शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों को मिलेगा 7वें वेतन मान का लाभ, एससी, बीसी के विद्यार्थियों को नहीं देनी होगी परीक्षा फीस

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड के कर्माचारियों को दी सौगात.

Haryana Education Board, employees will get 7th salary, SC, BC students will not have to pay exam fees, Chief Minister Manohar Lal, Education Minister Ram Bilas Sharma, MP Bhiwani Dharmaveer Singh,, naya haryana, नया हरियाणा

16 अक्टूबर 2018

नया हरियाणा

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों को शीघ्र ही सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। इसके अलावा राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को भविष्य में बोर्ड परीक्षा शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। इसी प्रकार से नकल पर नकेल कसने में सार्थक भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को भी जिला स्तर पर अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा. यह घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में आयोजित अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए की. शिक्षा मंत्री प्रो. रामविलास शर्मा ने अलंकरण समारोह की अध्यक्षता की और भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद धर्मवीर सिंह और विधायक विशंभर बाल्मीकि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अलंकरण समारोह में वर्ष 2012 से 2018 तक प्रदेश में 10वीं व 12वीं कक्षा में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले राजकीय व ओपन स्कूलों के होनहार विद्यार्थियों को डॉक्टर कल्पना चावला अवॉर्ड स्वर्ण पदक व रजत पदक से सम्मानित किया. उन्होंने पदक के साथ विद्यार्थियों के साथ क्रमशः ₹51000 और ₹31000 की राशि के साथ सम्मानित किया. उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार कर अवल रहने वाले 95 स्कूलों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया. इसी प्रकार से मुख्यमंत्री ने नकल उन्मूलन में अहम योगदान देने वाले प्रदेश के 9 स्कूलों को 25-25 हजार की राशि देकर सम्मानित किया। समारोह में 59 छात्राओं को डॉक्टर कल्पना चावला अवॉर्ड 57 को गोल्ड और सौ विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री प्रो शर्मा ने समारोह के दौरान बोर्ड स्थापना का स्वर्ण जयंती लोगो भी जारी किया और बोर्ड परिसर में भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर बनने वाले अटल बहुउद्देशीय सभागार का शिलान्यास भी किया गया. जिस पर 55 करोड रुपए की लागत आएगी।
अलंकरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पदक पाने वाले होनहार विद्यार्थियों व स्कूल प्रतिनिधियों के साथ मधुर स्मृति के रूप में सामूहिक फोटो भी करवाए। शिक्षा मंत्री प्रो शर्मा ने कहा कि बोर्ड परिसर में बनने वाला अटल बहुउद्देशीय सभागार अपने आप में अनूठा होगा. उन्होंने कहा कि सरकार अटल बिहारी के नाम को हमेशा ऊंचा रखेगी. उन्होंने कहा कि इस सभागार में करीब 2000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. उन्होंने कहा कि गरीब होनहार जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी.

इसके लिए शिक्षा विभाग ने अलग से बजट का प्रावधान किया है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बच्चों की शिक्षा का बेहतर माहौल पैदा किया जा रहा है सांसद धर्मवीर सिंह ने कहा कि देश व समाज का भविष्य बच्चों पर टिका है. ऐसे में बच्चों को शिक्षित करना जरूरी .है उन्होंने कहा कि वही समाज व देश तरक्की करता है. जहां बच्चे शिक्षित होते हैं बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर जगदीश सिंह ने मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री प्रो शर्मा व अन्य मेहमानों का स्वागत किया तथा अपने कार्यकाल के दौरान बोर्ड की उपलब्धियों से अवगत कराया. बोर्ड के सचिव आरके सिंह ने अलंकरण समारोह में पहुंचे सभी मेहमानों का आभार प्रकट किया।
सुशीला के सम्मान में पुरस्कार पूर्व मुख्यमंत्री एवं भजन लाल के शासनकाल में तोशाम इलाके की रहने वाली महिला टीचर सुशीला की हिसार के एक परीक्षा केंद्र में ड्यूटी थी टीचर सुशीला ने शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल नहीं चलने दी. जिसका परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े लोगों वास्तव में विरोध किया. परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते ही महिला टीचर का अपहरण हो गया. बाद में उसका शव ही मिला. जिस को लेकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन भी हुए शिक्षा बोर्ड कर्मचारियों और शिक्षकों की मांग के बाद ही शिक्षा बोर्ड ने सुशीला के नाम से धारियों को अवार्ड देने का फैसला किया.

राकेश के नाम पर अवार्ड

राकेश सोनीपत जिले का रहने वाला बताया जाता है. राकेश ने भी शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकी, लेकिन नकल माफिया को यह नागवार गुजरा. परीक्षाओं में नकल ना चलने देने की वजह से शिक्षा माफिया ने उक्त शिक्षक पर गाड़ी चढ़ा कर उसकी हत्या कर दी. जिसके नाम से शिक्षा बोर्ड ने अवार्ड देने का फैसला लिया।


बाकी समाचार