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बुधवार, 21 नवंबर 2018

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सीएम के तकनीकी एडवाइजर ने किया पानीपत नगर निगम में 22 करोड रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा

पार्कों की जांच में सामने आई हकीकत

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6 अक्टूबर 2018

नया हरियाणा

टेक्सटाइल नगरी पानीपत में पार्कों के नवीनीकरण के लिए 22 करोड़ के टेंडर निकालने के मामले में नगर निगम के आयुक्त पर अंगुली उठ गई है। आयुक्त पर चहेते ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि जिन पार्कों में विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, उनके अनावश्यक करोड़ों रुपए के टेंडर निकाले गए हैं। वहीं शुक्रवार को नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों की मुख्यमंत्री के टेक्निकल एडवाइजर विशाल सेठ ने जांच की। सेठ ने नगर निगम अधिकारियों को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में तलब कर उनसे गहनता से पूछताछ की। एडवाइजर विशाल सेठ ने पानीपत की विभिन्न कॉलोनियों में बने पार्को का निरीक्षण किया। इन पार्कों में नगर निगम का कथित रूप से फर्जीवाड़ा पकडा गया। एडवाइजर के अनुसार पार्कों में पुरानी ग्रिल लगाई गई थी। इसके अलावा चारदीवारी भी 8 फुट से अधिक मिली है। सेठ ने माना है कि विकास कार्यों के लिए मंजूर ग्रांट को बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम द्वारा जिन सड़कों के टेंडर निकाले हैं, उनकी भी जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर,  पार्कों के नवीनीकरण के मामले में 22 करोड रुपए के भ्रष्टाचार की शिकायत पर टेक्निकल एडवाइजर देने से हटने रेस्ट हाउस में निवर्तमान पार्षद दुष्यंत भट्ट की उपस्थिति में नगर निगम के आयुक्त को तलब कर उनसे पूछताछ की कर उनसे पूछताछ की।

सेठ ने आयुक्त से इन पूरे टेंडर के कागजातों को जमा कराने के निर्देश दिए हैं। स्मरणीय है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता व नगर निगम के निवर्तमान पार्षद दुष्यंत भट्ट ने 28 सितंबर को उपरोक्त मामले की मुख्यमंत्री मनोहर लाल को शिकायत भेजी थी। पानीपत में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट बनाने के लिए सीएम ने 22 करोड रुपए मंजूर किए थे। यह रकम अब ब्याज लगकर 24 करोड़ से अधिक हो चुकी है। वहीं पानीपत के नगर निगम के आयुक्त ने हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय के अफसरों से मिलकर पार्कों के नवीनीकरण पर 22 करोड़ खर्च करना मंजूर करवा लिया था। नवीनीकरण के नाम पर पार्कों में चार-चार करोड़ रुपए तक खर्च करने के टेंडर पास कर दिए। जिनका जीर्णोद्धार किया जाना था वे पहले से ही विकसित थे। वहीं सीएम के टेक्निकल एडवाइजर सेठ ने हर पार्क की गहन जांच की। जबकि निगम के अधिकारियों को इसका अंदाजा नहीं था कि सेठ इतनी गहनता से पार्कों की जांच करेंगे।
हु़डा सेक्टर 11-12 पार्क का नवीनीकरण 3.27करोड़, वार्ड 20 में पार्क का नवीनीकरण 1.45 करोड़, सुखदेव नगर पार्क का 1.08 करोड़, वार्ड 16 में पार्क के लिए 1.59 करोड़, वार्ड 19 पूर्व विधायक बलबीर पल शाह के घर के सामने स्थित हीरो पार्क के लिए 1.13 करोड़, वार्ड 19 में अपना पार्क पर 1.07 करोड़ व वार्ड 21 में नारायण सिंह पार्क पर 98.84 लाख रुपये के टेंडर निकले। दूसरी ओर, नगर के आयुक्त प्रदीप डागर ने बताया कि सीएम के एडवाइजर को नगर निगम के विकास कार्य की रिपोर्ट दे दी है। विकास कार्यों की जरूरत के अनुसार ही टेंडर निकाले गए हैं। उन्होंने सभी कार्य जनहित में किए हैं और वह हर जांच के लिए तैयार है।


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