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नया हरियाणा

बुधवार, 22 मई 2019

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बिजली निगम में घोटाला करने में हुड्डा सरकार से आगे निकली मनोहर सरकार : अभय सिंह चौटाला

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के 7 जिलों में घटिया केबल तारें लगाई गईं।

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29 सितंबर 2018



नया हरियाणा

हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रैस कान्फ्रेंस में बिजली निगमों में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोप सरकार पर लगाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार की ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’, ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति’ योजना के अलावा इंटिग्रेटिड पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में भी घोटाला करने के आरोप सरकार पर लगाए। 
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के 7 जिलों में घटिया केबल तारें लगाई गईं। अभय ने कहा कि सरकार ने घटिया माल उपलब्ध कराने वाली चहेती फर्मों पर कार्रवाई करने के बजाय खानापूर्ति के लिए ठेकेदारों पर 42 करोड़ की रिकवरी डाल दी। आरटीआई से जुटाई जानकारी के आधार पर विपक्ष के नेता ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा, घोटालों के मामलों व घोटालेबाजों को संरक्षण देने के मामले में मौजूदा सरकार ने पूर्व की हुड्डा सरकार को भी मात दे दी है। इन योजनाओं में घोटाले की जानकारी तब हुई जब इस्तेमाल किए गए उपकरण गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे और सभी सैंपल फेल पाए गए। ऐसे में होना तो यह चाहिए था कि सरकार उन सभी फर्मों को ब्लैक लिस्ट करती और उनसे नुकसान की भरपाई करती लेकिन सरकार ने एेसा नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष ने बारिश से खराब हुई फसलों के लिए किसानों को 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है।  प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इनेलो नेता रामपाल माजरा, आरएस चौधरी, एमएस मलिक, बीडी ढालिया व प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित थे।

निष्पक्ष जांच पर सवाल
अभय ने सरकार कि निष्पक्ष जांच की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, इन योजनाओं में सबसे ज्यादा उपकरणों की खरीद फरीदाबाद व गुरूग्राम में हुई थी लेकिन सरकार ने उन जिलों में जांच नहीं करवाई। इसका सीधा मतलब है कि सरकार घोटालेबाजों को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 2014 में 253 करोड़ के मीटर पिल्लर बॉक्स घोटाले में स्वयं मुख्यमंत्री ने केस दर्ज कर कार्यवाही के आदेश दिए थे और 7 अधिकारियों को सस्पेंड किया था।


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