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नया हरियाणा

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

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कांग्रेसी नेताओं ने खेला पंजाबी कार्ड, कहा पंजाबी समुदाय के साथ हो रहा है भेदभाव

सूबे में चुनाव सिर हैं तो लीजिए जातियों और समुदायों की ओर से दबाव की राजनीति भी तेज हो गई है.

Former Haryana Minister A.C. Chaudhary, former Home Minister Subhash Battara, former minister Dharmaveer Gaba, former Rajya Sabha MP and advocate of Supreme Court R. K. Anand, Punjabi leader of the examination Madan and Sant Kumar, naya haryana, नया हरियाणा

24 सितंबर 2018

प्रदीप डबास

क्या आप सोच सकते हैं कि देश में या देश के किसी हिस्से में चुनाव हों और जाति समुदाय और धर्म की बात ना हो....सूबे में चुनाव सिर हैं तो लीजिए जातियों और समुदायों की ओर से दबाव की राजनीति भी तेज हो गई है....पंजाबी समुदाय के नेता अब अपना हक मांग रहे हैं....बेहतर बात है.....लेकिन बात टाइमिंग और मोटिव की हो रही है.....

चुनाव सिर पर हों और दबाव की राजनीति ना हो ऐसा भी कभी होता है क्या.....अभी तो वक्त आया है मंच और मोर्चे बनाने का....अभी तो वक्त आया है मीडिया के सामने अपनी बात रखकर सरकार के कान खड़े करने का...... वक्त को पहचानने वाले आने भी लगे हैं सामने..... अलग अलग पार्टियों से तालुक रखने वाले पंजाबी समुदाय के नेता चंडीगढ़ में एक साथ एक मंच पर आ गये...हालांकि ये तमाम नेता या तो कांग्रेस में हैं या फिर कभी ना कभी रहे हैं...इनमें से कुछ पूर्व में मंत्री भी रहे हैं लेकिन अब इन्हें लग रहा है कि प्रदेश में पंजाबी समुदाय के भेदभाव हो रहा है....

इन नेताओं का कहना है कि सूबे में पंजाबी समुदाय की आबादी करीब 35 फीसदी है और इस हिसाब से उन्हें लोकसभा की चार सीटों पर प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और विधानसभा की करीब 40 सीटों पर पंजाबी समुदाय के लोगों को टिकटें मिलनी चाहिए....जी इन नेताओं ने लोकसभा की सीटे के नाम भी बता दिए हैं....कहते हैं कि जो पार्टी यहां टिकट देगी उसे समर्थन.....

जरा समझने की कोशिश करते हैं.....आखिर कौन- कौन लोग थे जो इस प्रेसवार्ता में शामिल हुए...जो मुख्य नाम हैं उनमें एसी चौधीर, सुभाष बतरा और आरके आनंद शामिल हैं और इन सभी का कांग्रेस से तालुक सभी को मालूम है....शायद इसीलिए मुख्यमंत्री को कोस रहे हैं...... और जब कांग्रेस के एक मात्र सांसद के एक बयान का जिक्र किया जाता है कहते हैं कि इन्हें इस बयान की जानकारी नहीं है....

वैसे चुनावी राजनीति का तगाजा है कि सभी जातियों और समुदायों को बराबर का प्रतिनिधित्व मिले....लेकिन क्या चुनाव सिर्फ जाति और समुदाय के नाम पर लड़ा जाना चाहिए ये बड़ा सवाल है...बात विकास के मुद्दों की होनी चाहिए थी...बात लोगों के सरोकारों की होनी चाहिए थी लेकिन यहां तो सवाल जाति और समुदाय को लेकर उठाए जा रहे हैं....क्या ये माना जाए कि कहीं ऐसा तो नहीं कि जिस पार्टी से ये लोग तालुक रखते हैं वहां टिकट की उम्मीद अब ना के बराबर बची तो फेंक दिया ऐसा पासा जिससे सभी को एक चिंता सी जरूर महसूस हो...

गौरतलब है कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले आज उस समय राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई जब पंजाबी समुदाय से संबंधित हरियाणा के पूर्व मंत्रियों ने अपने-अपने सामाजिक संगठनों का विलय करते हुए पूर्व मंत्री ए.सी. चौधरी के नेतृत्व में पंजाबी मोर्चे का गठन कर दिया। अब सभी मंत्री हरियाणा में एक संयुक्त बैनर तले रैली का आयोजन करेंगे।बृहस्पतिवार को यहां पत्रकार वार्ता के दौरान हरियाणा के पूर्व मंत्री ए.सी. चौधरी, पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्तरा, पूर्व मंत्री धर्मवीर गाबा, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आर.के.आनंद, पंजाबी नेता परीक्षित मदान व संत कुमार ने हरियाणवी पंजाबी वैलफेयर सभा,अखिल भारतीय जागृति मंच व हरियाणा पंजाबी मोर्चा का विलय करते हुए भविष्य में एकजुटता के साथ काम करने का ऐलान किया।

इस अवसर पर बोलते हुए एसी चौधरी ने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर आजतक करीब 13 लाख लोगों के बलिदान के बाद पंजाबियों ने आज समूचे विश्व में अपना नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने अपने स्वार्थों के लिए पंजाबी समाज को अलग-अलग वर्गों में विभाजित करने का काम किया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि पंजाबियों की संख्या 32 फीसदी होने के बावजूद उन्हें 15 प्रतिशत की गिना जाता है। एक समय के दौरान हरियाणा में इस समाज के 13 विधायक थे जिनमें से दस मंत्री व एक चेयरमैन था। इसके बाद राजनीतिक रूप से पंजाबी समाज के हितों से खिलवाड़ होता रहा और सियासी दलों ने पंजाबी नेताओं को उनकी संख्या के अनुरूप टिकट देनी बंद कर दी।

चौधरी ने बताया कि प्रदेश के सभी पंजाबी संगठनों को एक मंच पर लाने के बाद बहुत जल्द हरियाणा में पंजाबी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्तरा ने कहा कि लंबे समय से समाज के साथ हो रहे भेदभाव से दुखी होकर अब प्रदेश की पंजाबी सामाजिक इकाईयों को एकजुट किया जा रहा है। जिससे भविष्य में सभी एक मंच पर आकर अपनी बात रख सकें। इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के.आनंद ने कहा कि एकजुटता के बगैर किसी भी समुदाय का कल्याण संभव नहीं हो सकता है। ऐसे में समूह पंजाबियों का एकमंच पर आना समय की मांग है। इस अवसर पर हिसार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय ओमप्रकाश महाजन व हांसी के पूर्व विधायक स्वर्गीय अमीर चंद मक्कड़ के परिजनों ने भी ए.सी. चौधरी के नेतृत्व में बने पंजाबी मोर्चे में समर्थन देने का ऐलान किया।

बैठक में एसी चौधरी को सौंपी कमान

हरियाणा के विभिन्न पंजाबी संगठनों के प्रतिनिधियों ने आज अपने सभी संगठनों का पंजाबी मोर्चे में विलय करने के बाद हरियाणा के पूर्व मंत्री ए.सी. चौधरी को इस मार्चे का अध्यक्ष नियुक्त किया। सभी संगठनों के विलय के बाद बने मोर्चे में पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्तरा को चेयरमैन, परीक्षित मदान को महासचिव, संत कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के.आनंद व पूर्व मंत्री धर्मवीर गाबा इस मोर्चें के संयोजक होंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हुए पंजाबी प्रतिनिधियों ने ऐलान किया है कि जल्द ही हरियाणा में कार्यकारिणी का गठन करके रैली का आयोजन किया जाएगा।


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