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नया हरियाणा

बुधवार, 14 नवंबर 2018

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पटौदी विधानसभा :  पूर्व विधायक रामबीर सिंह कांग्रेस छोड़कर होंगे इनलो में शामिल

25सितंबर को गोहाना रैली में शामिल होंगे और इनलो जॉइन करने की घोषणा करेंगे।

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24 सितंबर 2018

नया हरियाणा

गुड़गांव जिले की पटौदी सीट पर 2014 में भाजपा की बिमला चौधरी को जीत हासिल हुई थी. उन्होंने इनेलो के गंगाराम को हराया था. बिमला चौधरी को 75 हजार 198 वोट मिले थे और इनेलो के गंगाराम को 36 हजार 235 वोट मिले थे. कांग्रेस के सुधीर कुमार को 15 हजार 652 वोट मिले थे. यह सीट 1977 से ही आरक्षित सीट रही है. इस पर चर्मकार जाति का वर्चस्व रहा है.  
रामबीर सिंह राज्य शिक्षाबोर्ड के चेयरमैन भी रह चुके हैं. शनिवार को उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया.
पटौदी के पूर्व विधायक और कांग्रेसी नेता रामबीर सिंह इनेलो का दामन थामेंगे. इसको लेकर सिंह ने शनिवार को आपने निवास पर समर्थकों की बैठक बुलाई. इसमें उन्होंने इनेलो में जाने के लिए उनसे राय मांगी. सभी ने एक स्वर में कहा कि इनेलो पार्टी में जाने का निर्णय उचित है.
पूर्व विधायक ने समर्थको बताया कि वे 25 सितंबर को गोहाना में आयोजित होने वाले चौ.देवीलाल के जन्मदिवस कार्यक्रम में इनेलो में शामिल होंगे. इस मौके पर उनकी पुत्रवधू अन्नू पटौदी ने भी कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. बैठक में पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन चौ. ईश्वर सिंह मऊ, राव जिया राम, अत्तर सिंह फौजी, अन्नू पटौदी सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
1967 से 2014 तक कौन जीता कौन हारा
1967    में कांग्रेस के बी. सिंह ने 22517 वोट प्राप्त किए थे और इनेलो के एस राम ने 21531वोट प्राप्त किए थे. 1968 में रामजीवन सिंह ने वीएचपी की सीट पर 20306 वोट लिए थे और सीस राम ने एसडब्लूए की सीट पर 14678 वोट लिए थे.
1972 में कांग्रेस की टिकट पर सिसराम ने    29273 वोट लिए और वीएचपी की टिकट पर रामजीवन सिंह ने 20313 वोट लिए. यहां तक यह सीट सामान्य सीट रही पर इसके बाद यह सीट आरक्षित हो गई और वर्तमान समय में भी यह आरक्षित सीट है.
1977 नारायण सिंह में वीएचपी की टिकट पर 17232 वोट लेकर जीत दर्ज की और जेएनपी पार्टी की टिकट पर राम सिंह दूसरे नबंर पर रहे. उन्हें 16528 वोट मिले.  1982 मोहन लाल कांग्रेस की टिकट पर 22739 वोट लेकर विजयी रहे. नारायण सिंह आजाद उम्मीदवार के तौर पर    21942 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे.
1987    में शिवलाल लोकदल पार्टी 38400 वोट लेकर विजयी रहे. कांग्रेस की टिकट पर नारायण सिंह दूसरे नंबर पर रहे. उन्हें     21421वोट मिले.
1991 जनता पार्टी की टिकट पर मोहन लाल 21566 वोट लेकर विजयी रहे और दूसरे नंबर पर नारायण सिंह ने एचवीपी की टिकट पर 17004 वोट लिए.
1996    एचवीपी की टिकट पर नारायण सिंह को 31834 वोट मिले और एसएपी की टिकट पर रामवीर सिंह को 16409 वोट मिले. दोनों के बीच का अंतर काफी बड़ा रहा.
2000    में इनेलो की टिकट पर रामबीर सिंह ने 42127 वोट लेकर जीत दर्ज की थी और कांग्रेस के कृपाराम पुनिया 33188 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे थे.
2005    में कांग्रेस की टिकट पर भूपेंद्र सिंह ने 41612 वोट लेकर जीत दर्ज की थी और इनेलो की टिकट पर गंगाराम को 33096 वोट मिले थे.
2009    में इनेलो की टिकट पर गंगाराम को    49323 वोट मिले थे और कांग्रेस की टिकट पर भूपेंद्र सिंह को 24576 वोट मिले थे.
 


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