Hindi Online Test Privacy Policy | About Us | Contact

नया हरियाणा

बुधवार, 22 मई 2019

पहला पन्‍ना English सर्वे लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

डॉक्टरों को धमकी देने के आरोप में भूपेंद्र हुड्डा और करण दलाल पर होगी कार्यवाही

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री  अनिल विज ने संज्ञान लेते हुए कार्यवाही के आदेश दिए हैं.

Bhupinder Singh Hooda, Abhay Singh Chautala, politics on gangrape, Karan Dalal, shoe shots in assembly, hurting CMO, threatening SMO, politics in Rewari rape case, Anil Vij, Threat to doctors, naya haryana, नया हरियाणा

18 सितंबर 2018



नया हरियाणा

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री  अनिल विज ने कहा कि चिकित्सकों की सहमति के बिना रेवाड़ी रेप पीडि़त लडक़ी से जबरदस्ती मिलने व डाक्टर्स को धमकाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व करण दलाल पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। सोशल मीडिया और मीडिया पर इस खबर को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की काफी आलोचना हो रही है। उन पर अनैतिक से लेकर असंवेदनशीलता तक के आरोप लगाए जा रहे हैं।

अनिल  विज ने कहा कि इस संबंध में जांच के पश्चात उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स द्वारा मना करने और यह बताने पर कि पीडि़त लडक़ी अभी बातचीत करने के लिए फिट नहीं है फिर भी भूपेन्द्र हुड्डा व करण दलाल अस्पताल में घुस कर लडक़ी से मिले हैं। यह न केवल प्रोटोकॉल के विपरित है बल्कि इन्होंने संबंधित चिकित्सकों को भी धमकाया है, जोकि अराजकता फैलाने का प्रयास है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टर्स की अनुमति के बिना तो पुलिस एवं जांच टीम भी पीडित के ब्यान नहीं ले सकती है, फिर इन्होंने ऐसा करके सभी नियमों को ताक पर रखा है। इस संबंध में जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा को यह पता होते हुए भी जानबूझ नियमों की अवहेलना की है जोकि सरासर गलत है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने तो सारी सीमाएं लांघते हुए असंवेदनशीलता दिखाते हुए जबरदस्ती पीडित लड़की से मिलने की कोशिश की. पीडिता के परिजनों ने नेताओं की आवाजाही से परेशान होकर डिप्रेशन का हवाला देकर गेट पर कुंडी तक लगा दी. अंदर जाते वक्त पूर्व सीएम हुड्डा ने सीएमओ डॉ. कृष्ण और एसएमओ डॉ. सुदर्शन पर भड़क गए. हुड्डा ने कहा कि नौकरी करनी सिखा दूंगा और सीएमओ को गेट आउट बोला. सीएमओ तुरंत बाहर निकल गए.
क्या एक पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह का बर्ताव शोभा देता है? क्या सरकारी कर्मचारियों के प्रति इस तरह का रवैया लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक नहीं है? नेताओं के इस तरह बर्ताव के कारण ही डॉक्टर सरकारी डॉक्टर बनने में हिचकते रहे हैं, क्योंकि उन्हें इस तरह के अपमान का सामना करना पड़ता है. ऐसे में नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे नेताओं से सवाल पूछे जाएं कि आखिर उनका बर्ताव सरकारी कर्मचारियों के प्रति इस तरह का क्यों है?
 


बाकी समाचार